बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नेपाल पहुंचे सोनू सूद:भारत से लाए कंबल और राशन; बोले- अगले कई महीनों तक मदद जारी रखेंगे
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे हैं। उनकी संस्था 'सूद चैरिटी फाउंडेशन' की टीम भारत से कंबल, राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर नेपाल पहुंची है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सोनू सूद ने कहा कि उनकी टीम प्रभावित परिवारों को फिर से स्थापित करने के लिए आने वाले कई महीनों तक लगातार राहत सामग्री भेजती रहेगी। नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। भारत से भेजा राहत सामान सोनू सूद ने बताया कि उनकी टीम जमीनी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की जरूरतों का जायजा ले रही है। सोनू ने कहा, हम यहां बाढ़ पीड़ितों से मिलने आए हैं। भारत से बहुत सारा सामान, राशन और कंबल लाए हैं। संकट के इस दौर में जरूरतमंदों के साथ खड़े होना हम सभी का फर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से नेपाल तक राहत सामग्री पहुंचाना थोड़ा मुश्किल काम है, लेकिन उनकी फाउंडेशन यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले महीनों में भी पीड़ितों तक मदद पहुंचती रहे। नेपाल में बाढ़ से 900 से ज्यादा लोगों की मौत नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 939 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,925 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। रसुवा और नुवाकोट समेत कई जिलों में सेना और स्थानीय प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। कोविड लॉकडाउन में बने थे मजदूरों के मददगार सोनू सूद का आपदाओं और संकट में लोगों की मदद करने का सिलसिला साल 2020 में कोरोना महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के समय शुरू हुआ था। उस समय मुंबई में फंसे हजारों प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि) भेजने के लिए सोनू ने बसों, ट्रेनों और विशेष फ्लाइट्स का इंतजाम किया था। उन्होंने प्रवासियों के खाने-पीने से लेकर रास्ते के पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई थी। इसके बाद से ही वे लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। यूक्रेन संकट तक पहुंचाई सहायता कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सोनू सूद ने देशभर में ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर और अस्पताल में आईसीयू बेड्स उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात काम किया था। इसके बाद साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के समय उन्होंने यूक्रेन में फंसे कई भारतीय छात्रों को रोमानिया और पोलैंड की सीमाओं के रास्ते सुरक्षित भारत लाने में मदद की थी। सोनू अपनी फाउंडेशन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई, मुफ्त मेडिकल सर्जरी और हादसों के शिकार लोगों की आर्थिक मदद लगातार करते आ रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। पूरी खबर पढ़ें
US ओपन: चोट से लौटकर रायबाकिना जीतीं:विंबलडन सेमीफाइनलिस्ट फेरी बाहर; मुसेटी ने सीधे सेटों में हराया
न्यूयॉर्क में खेले जा रहे US ओपन के पहले दौर में एलेना रायबाकिनाने चोट से वापसी करते हुए जीत दर्ज की, जबकि विंबलडन सेमीफाइनलिस्ट आर्थर फेरी का अभियान खत्म हो गया। रायबाकिना ने अमेरिका की 17 साल की वाइल्डकार्ड थिया फ्रोडिन को 6-3, 6-2 से हराया, जबकि ब्रिटेन के फेरी को इटली के लोरेंजो मुसेटी ने 6-3, 6-3, 7-5 से शिकस्त दी। रायबकिना अब दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग हासिल करने की दौड़ में हैं, जबकि फेरी पिछले कुछ महीनों की शानदार फॉर्म के बाद US ओपन से बाहर हो गए। चोट के बाद लौटीं रायबाकिना, 1 घंटे 14 मिनट में जीता मैच रायबाकिना ने सिनसिनाटी में इगा स्वियातेक के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच बीच में छोड़ने के बाद पहली बार कोर्ट पर वापसी की। बाएं टखने की चोट के कारण उन्हें वह मुकाबला अधूरा छोड़ना पड़ा था। करीब दो सप्ताह बाद US ओपन में लौटीं रायबकिना ने फ्रोडिन के खिलाफ चोट का कोई असर नहीं दिखने दिया और 1 घंटे 14 मिनट में 6-3, 6-2 से जीत दर्ज की। पहला सेट उन्होंने 6-3 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में फ्रोडिन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन रायबाकिना ने दबाव बनाए रखा और 4-1 की बढ़त ले ली। अमेरिकी खिलाड़ी ने दो मैच पॉइंट बचाए और बाद में एक और मौका भी टाला, लेकिन रायबकिना ने इसे 6-2 से जीत लिया। नंबर-1 बनने की रेस में सिर्फ 434 अंक पीछे रायबाकिना फिलहाल आर्यना सबालेंका से 434 अंक पीछे हैं। वह इस US ओपन में सेमीफाइनल में पहुंचती हैं तो पहली बार दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बन जाएंगी, भले ही सबालेंका खिताब जीतें। हालांकि अगर सबालेंका, कोको गॉफ और जेसिका पेगुला में से कोई भी चैंपियन नहीं बनता है, तो रायबाकिना अपने प्रदर्शन से अलग भी नंबर-1 हासिल कर सकती हैं। रायबाकिना ने कहा कि वह नंबर-1 बनने को लेकर मोटिवेटेड हैं, लेकिन फिलहाल मैच-दर-मैच आगे बढ़ना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि चोट के बाद उन्होंने करीब एक सप्ताह टेनिस नहीं खेला था और मूवमेंट वाली ट्रेनिंग भी ज्यादा नहीं कर सकी थीं। 17 साल की फ्रोडिन का ग्रैंड स्लैम डेब्यू फ्रोडिन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के मेन ड्रॉ में खेल रही थीं। उन्होंने यूएसटीए गर्ल्स अंडर-18 नेशनल चैंपियनशिप जीतकर US ओपन में वाइल्डकार्ड हासिल किया था। फेरी का विंबलडन के बाद US ओपन में सफर खत्म ग्रैंडस्टैंड कोर्ट पर खेले गए मुकाबले में फेरी ने शुरुआती दौर में आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन मुसेटी ने पहला सेट 6-3 से जीत लिया। दूसरे सेट में भी मुसेटी ने फेरी को वापसी का मौका नहीं दिया और 6-3 से सेट अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में फेरी ने संघर्ष किया, लेकिन मुसेटी ने 7-5 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। विंबलडन में सेमीफाइनल में पहुंचे थे फेरी ने इसी साल विंबलडन में वाइल्डकार्ड के तौर पर खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था। वे वहां सेमीफाइनल पहुंचने वाले ओपन एरा के पांचवें ब्रिटिश पुरुष खिलाड़ी और दूसरे वाइल्डकार्ड बने थे। सेमीफाइनल में उन्हें अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने हराया था। विंबलडन से पहले फेरी की रैंकिंग 114 थी, लेकिन उस प्रदर्शन के बाद वे ब्रिटेन के नंबर-1 खिलाड़ी बने और करियर की नई ऊंचाई पर पहुंचे। US ओपन में वे वर्ल्ड नंबर-33 के रूप में उतरे। मुसेटी का अगला मुकाबला डेन स्वीनी से मुसेटी ने इस जीत के साथ दूसरे दौर में जगह बना ली है। अब उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के डेन स्वीनी से होगा। इटैलियन खिलाड़ी पिछले दो मेजर टूर्नामेंट चोट के कारण नहीं खेल सके थे और यूएस ओपन में जीत के साथ उन्होंने वापसी की शुरुआत की है। 40वें जन्मदिन पर मॉनफिल्स ने जीता 40वें जन्मदिन पर अपना आखिरी US ओपन खेल रहे फ्रांस के गेल मॉनफिल्स ने खास जीत दर्ज की। न्यूयॉर्क में उन्होंने पैराग्वे के एडोल्फो डेनियल वलेहो को 2-6, 6-1, 6-2, 6-0 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। इसके साथ ही मॉनफिल्स 1992 में जिमी कॉनर्स के बाद US ओपन के मेन ड्रॉ में मैच जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। मैच के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने ‘हैप्पी बर्थडे’ गाकर उनकी जीत को यादगार बना दिया। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… लंदन स्क्वैश क्लासिक:अनाहत और रमित प्री-क्वार्टर फाइनल में, 11 मिनट में जीतीं अनाहत; वीर चोतरानी हारे लंदन में खेले जा रहे पीएसए वर्ल्ड टूर के गोल्ड-लेवल टूर्नामेंट लंदन स्क्वैश क्लासिक में भारत की अनाहत सिंह और रमित टंडन ने पहले दौर के मुकाबले जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। दुनिया की 20वें नंबर की अनाहत ने मिस्र की 30वें नंबर की मरियम मेटवाली को सिर्फ 11 मिनट में 11-3, 11-2 से हराया। पूरी खबर
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