वायर एंड केबल सेक्टर पर BofA बुलिश, Polycab और KEI Industries के शेयरों में 21% तक तेजी की उम्मीद
Wires and Cables Share: ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने वायर और केबल बनाने वाली कंपनी पॉलीकैब इंडिया और KEI इंडस्ट्रीज को 'बाय' रेटिंग दी है. इसके बाद से इन दोनों कंपनियों के शेयर्स में गुरुवार 27 अगस्त को तेजी देखने को मिली. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि दोनों शेयरों में और बढ़त देखने को मिल सकती है. BofA ने पॉलीकैब के लिए ₹11,000 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹9,036 से 21% की बढ़त दिखाता है. वहीं, ब्रोकरेज ने KEI इंडस्ट्रीज के लिए ₹6,300 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹5,540 से 13.7% की बढ़त है.
BofA का Polycab पर क्या है नजरिया?
BofA ने पॉलीकैब को लगातार बढ़ने वाली मजबूत कंपनी (Steady Structural Compounder) बताया है और इसे वायर और केबल सेगमेंट में सबसे मजबूत कॉम्पिटिटिव पोजिशन वाली इंडस्ट्री लीडर कहा है. ब्रोकरेज के अनुसार, Polycab की मार्केट शेयर, मार्जिन और रिटर्न्स को 5 खास मोट्स सपोर्ट करते हैं. हालांकि उसने यह भी माना है कि कॉम्पिटिशन एक रिस्क फैक्टर बना हुआ है. फिर भी, BofA का मानना है कि अभी इस रिस्क को बढ़ा-चढ़ाकर आंका जा रहा है. ₹9,036 की मौजूदा कीमत पर Polycab, BofA के ₹11,000 के टारगेट प्राइस के नीचे ट्रेड कर रहा है जो करीब 21% की संभावित अपसाइड का संकेत देया है.
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एनालिस्ट्स की भी बनी हुई है पॉजिटिव राय
पॉलीकैब को लेकर ज्यादातर एनालिस्ट की राय पॉजिटिव बनी हुई है. Bloomberg के डेटा के अनुसार इस स्टॉक पर नजर रखने वाले 35 एनालिस्ट में से 26 ने Buy रेटिंग दी है. जबकि 8 ने Hold रेटिंग और 1 ने Sell रेटिंग दी है. 12 महीने का आम सहमति वाला टारगेट प्राइस ₹10,214 है जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से लगभग 12.7% की बढ़त का संकेत देता है.
BofA का KEI इंडस्ट्रीज पर क्या है नजरिया?
BofA ने KEI Industries पर बाय रेटिंग और ₹6,300 के लक्ष्य मूल्य के साथ कवरेज शुरू किया है, जिसका अर्थ है कि इसके पिछले बंद भाव ₹5,540 से 13.7% की वृद्धि की संभावना है. ब्रोकरेज फर्म ने KEI को विकास का नेतृत्व करने वाली कंपनी बताया और कहा कि यह वायर और केबल क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी है. BofA ने यह भी माना कि कॉम्पिटिशन का रिस्क असली है, लेकिन उनका कहना है कि इसे भी जरूरत से ज्यादा आंका जा रहा है. ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि स्टॉक में इस साल अब तक आई तेज रैली के चलते इसका अपसाइड कुछ मॉडरेट हुआ है, लेकिन वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक बना हुआ है.
एनालिस्ट्स की राय में भी दिख रहा भरोसा
ब्लूमबर्ग एनालिस्ट डेटा के अनुसार, KEI को कवर करने वाले 27 एनालिस्ट में से 14 ने 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग दी है और 12 ने 'होल्ड' (बनाए रखने) की रेटिंग दी है, जबकि एक एनालिस्ट ने 'सेल' (बेचने) की रेटिंग दी है. इसका 12 महीने का आम सहमति वाला टारगेट प्राइस ₹5,880 है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से लगभग 6.3% की बढ़त का संकेत देता है.
दोनों स्टॉक्स में कैसी रही आज की चाल?
BofA की ओर से कवरेज शुरू किए जाने के बाद, Polycab India के शेयर 0.78% बढ़कर ₹9,130.50 पर ट्रेड करते दिखे. इस साल जनवरी से अब तक इस स्टॉक में 19% की बढ़त हुई है और पिछले 12 महीनों में इसने 28% से ज्यादा का रिटर्न दिया है. वहीं, गुरुवार को KEI Industries के शेयर 0.63% बढ़कर ₹5,575 पर ट्रेड कर रहे थे. इस स्टॉक में 2026 में अब तक 23% से ज्यादा की बढ़त हुई है, जबकि पिछले साल इसने 44% से ज्यादा का रिटर्न दिया है.
कौन-सी कंपनी है ज्यादा आकर्षक?
BofA, Polycab को मजबूत कॉम्पिटिटिव एडवांटेज (competitive moats) वाली एक मजबूत और लगातार बढ़ने वाली कंपनी (compounder) मानता है. वहीं, KEI Industries को इस सेक्टर में ग्रोथ लीडर माना गया है, भले ही इस साल इसके शेयर में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है. कुल मिलाकर, BofA का यह कदम वायर और केबल सेक्टर में ब्रोकरेज के मजबूत भरोसे को दिखाता है, और दोनों ही कंपनियों को भविष्य में अच्छा रिटर्न देने वाले स्टॉक के तौर पर देखा जा रहा है.
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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
नेपाल में 'महाप्रलय' के बाद हुई सर्वदलीय बैठक, 8 पार्टियों ने चीन को लेकर की ये मांग
Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ आपदा ने काफी प्रलय मचाई. अब तक 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा सैकड़ों लोग अभी तक लापता हैं. इसके बाद सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में नेपाल की 8 राजनीतिक पार्टियां शामिल हुईं. इस दौरान सभी ने चीन को लेकर एक मांग की है.
द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, भोटेकोशी बाढ़ के बाद गुरुवार को नेपाल में हिमनदी झीलों से पैदा होने वाले खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है. 8 राजनीतिक दलों ने सरकार से चीन के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र की हिमनदी झीलों का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग की है. इसके लिए दोनों देशों के बीच एक संयुक्त वैज्ञानिक और तकनीकी व्यवस्था बनाने की बात कही गई है.
वैज्ञानिक जांच और मैपिंग की उठी मांग
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों ने बाढ़ से हुए नुकसान और भविष्य के आपदा जोखिमों से निपटने के लिए कई सुझाव दिए. दलों ने पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए एक संसदीय तंत्र बनाने पर भी सहमति जताई. बैठक में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल और तिब्बत के पहाड़ी इलाकों में हिमनदी झीलों के फटने या अचानक पानी बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है. इसलिए नेपाल में ज्यादा जोखिम वाली झीलों की तुरंत पहचान, वैज्ञानिक जांच और मैपिंग की जरूरत है.
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मजबूत हो सीमा पार चेतावनी सिस्टम
राजनीतिक दलों ने नेपाल और चीन के बीच एक मजबूत अर्ली वॉर्निंग सिस्टम बनाने की भी मांग की. इसमें सीमा पार बहने वाली नदियों का रियल टाइम डेटा साझा करने की व्यवस्था शामिल हो. इससे नदी के ऊपरी हिस्से में पानी का स्तर या दूसरी असामान्य गतिविधि बढ़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सकेगा. इससे प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बड़े नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी.
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