Responsive Scrollable Menu

Saira Banu Birthday: Dilip Kumar संग बेमिसाल मोहब्बत और सुपरहिट फिल्मों का सफर, जानें सायरा बानो की अनसुनी दास्तां

 बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानो आज यानी की 23 अगस्त को अपना 82वां जन्मदिन मना रही हैं। अभिनेत्री ने अपनी अदाकारी, खूबसूरती और दिलकश अंदाज से लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है। वह एक फिल्मी परिवार से संबंध रखती थीं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेत्री सायरा बानो के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...


जन्म और परिवार

23 अगस्त 1944 को सायरा बानो का जन्म हुआ था। इनकी मां का नाम नसीम बानो था, जोकि अपने जमाने की 'ब्यूटी क्वीन' के नाम से जानी जाती थीं। वहीं सायरा ने अपने बचपन का एक हिस्सा लंदन में बिताया और वहीं से शिक्षा हासिल की थी। फिर साल 1960 में सायरा मुंबई लौट आईं।

फिल्मी सफर

मुंबई वापस लौटने पर उनकी मुलाकात निर्माता-निर्देशक शशधर मुखर्जी से हुई। उन्होंने सायरा को अपने भाई सुबोध मुखर्जी से मिलने की सलाह दी। क्योंकि सुबोध मुखर्जी उस समय अपनी फिल्म 'जंगली' के लिए नया चेहरा तलाश कर रहे थे। इस तरह से सायरा को फिल्म जंगली में काम करने का मौका मिला और उनका फिल्मी सफर चल पड़ा।

सायरा बानो बनीं स्टार

साल 1961 में फिल्म 'जंगली' रिलीज हुई। इस फिल्म में सायरा के साथ मुख्य भूमिका में शम्मी कपूर थे। यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और इस फिल्म से सायरा और शम्मी कपूर दोनों स्टार बन गए। इसके बाद अभिनेत्री ने 'आई मिलन की बेला', 'शागिर्द', 'ब्लफ मास्टर' और 'पड़ोसन' जैसी कई फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों की सक्सेस ने सायरा बानो को फिल्म इंडस्ट्री की प्रमुख अभिनेत्रियों की लिस्ट में शामिल कर दिया।

दिलीप कुमार से शादी

साल 1962 में सायरा बानो ने खुद से करीब 22 साल बड़े अभिनेता दिलीप कुमार से शादी कर ली। हालांकि उन्होंने शादी के बाद भी काम करना जारी रखा। साल 1967 में एक्ट्रेस फिल्म 'दीवाना' में अभिनेता राज कपूर के साथ नजर आईं। इसके बाद वह साल 1970 में 'पूरब और पश्चिम' में नजर आईं।

Continue reading on the app

कंगना रनोट के बयान पर भड़के रामदेव:बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं; एक्ट्रेस ने कहा था- मेरी जवानी के बारे में सपने मत देखो

हिमाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर शुरू हुआ विवाद अब फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए।” अब कंगना के इस पलटवार पर रामदेव ने जवाब दिया है। रविवार को हरिद्वार में रामदेव ने कहा कि वह इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा, “स्वामी रामदेव क्या है, ये देश जानता है। रामदेव का योगदान क्या है, ये भी देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता।” दरअसल, रामदेव ने कंगना के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर कहा था कि जेन-Z को गटर-पटर कहना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। उन्होंने कंगना की योग्यता, बचपन, जवानी और पुराने कारनामों को लेकर भी टिप्पणी की थी। इसके बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए रामदेव पर पलटवार किया था। अब समझिए आखिर ये पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ.. दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, "सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं।" Gen-Z पर दिए बयान पर भड़के रामदेव कंगना के इस पोस्ट के बाद ही बाबा रामदेव की इस पूरे विवाद में एंट्री हुई। दरअसल एक हिंदी न्यूज चैनल के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।" जब सवाल पूछा गया था कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा था कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। बाबा के पलटवार के बाद चुप नहीं बैठी कंगना बाबा रामदेव कंगना को बिगड़े दिमाग की निशानी कहा तो कंगना भड़क गईं फिर उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” अब रामदेव ने कंगना के इसी बयान का जवाब देते हुए कहा है कि देश जनता है कि रामदेव बाबा का देश के लिए क्या योगदान रहा। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन-अमेरिका से आगे पतंजलि का हर्बल आर्ट म्यूजियम:65 हजार वनस्पति कलाकृतियां संरक्षित, 300 साल तक सुरक्षित रखने का दावा पतंजलि अनुसंधान फाउंडेशन में तैयार हुआ हर्बल आर्ट म्यूजियम भारत की आयुर्वेदिक और वनस्पति विरासत को दुनिया के सामने नई पहचान दे रहा है। यहां 65 हजार से ज्यादा वनस्पति कलाकृतियां एक ही छत के नीचे संरक्षित हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

Continue reading on the app

  Sports

Indian bowlers हुए बेअसर, Dinusha के शतक ने 2-0 का सपना तोड़ा, फिर भी Series भारत के नाम

कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सोनल दिनुशा भारत और श्रीलंका के बीच निर्णायक साबित हुए। उन्होंने 264 गेंदों पर नाबाद 133 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को कड़े मुकाबले के बाद ड्रॉ दिलाने में मदद की। पहली पारी में 213 रनों की बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद, भारत को उम्मीद थी कि वे आखिरी दिन 2-0 से सीरीज़ जीत लेंगे। लेकिन दिनुशा ने एक बार फिर शानदार और दृढ़ खेल दिखाते हुए मेजबान टीम को रोके रखा। उन्होंने श्रीलंका की कुल बढ़त को 216 तक पहुँचाया, जिसके बाद मेजबान टीम ने पारी घोषित कर दी और दोनों टीमों ने हाथ मिलाए।
 

इसे भी पढ़ें: India A महिला टीम की कमान यस्तिका और अनुष्का को मिली, BCCI ने की घोषणा


जब दोनों टीमें पॉइंट्स बांटने पर सहमत हुईं, तब श्रीलंका का स्कोर 429/9 था। भारत ने पिछले हफ़्ते गाले में खेले गए पहले टेस्ट में शानदार जीत के साथ दो मैचों की सीरीज़ 1-0 से अपने नाम कर ली थी। दिनुशा का यह शतक सीरीज़ में उनका तीसरा शतक था। उन्होंने इस टेस्ट की पहली पारी में 103 रन बनाए थे और गाले में खेले गए सीरीज़ के पहले मैच में अपना पहला शतक लगाया था। 229/6 के स्कोर से आगे खेलते हुए, दिनुशा और केशरा नुवान्था ने पांचवें दिन की पिच पर भारतीय गेंदबाज़ों को परेशान किया। इस जोड़ी ने सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़े, जिसमें नुवान्था ने 46 रन का योगदान दिया। चौथे दिन फ़ॉलो-ऑन के लिए मजबूर होने के बाद श्रीलंका ने इस तरह से संघर्ष किया।

भारत के मानव सुथार सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे; उन्होंने 41 ओवर में 121 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि रवींद्र जडेजा ने 38.3 ओवर में 94 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। पहली पारी के बाद भारत की मज़बूत स्थिति के बावजूद, श्रीलंका ने दूसरी पारी में डटकर मुकाबला किया, जिससे दूसरा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ और सीरीज़ बराबरी पर छूटी। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन और महज 16 रन की बढ़त के साथ की थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे। पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। 
 

इसे भी पढ़ें: SL vs IND Test: Sonal Dinusha का शानदार शतक, श्रीलंका के निचले क्रम ने किया गजब का संघर्ष


हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया। कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।
 
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.
Thu, 27 Aug 2026 18:35:00 +0530

  Videos
See all

Food Adulteration News: मिठाई की फैक्ट्री... बड़ी छापेमारी.. 'जहरीली हिस्ट्री' ? | Food Inspection #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T13:14:20+00:00

Ankit Baliyan Murder: Instagram Reel से CCTV तक, आखिर कौन है अंकित बालियान कातिल? | Ankit Baliyan #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T13:15:23+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers