Responsive Scrollable Menu

भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य, IRIGC-TEC में जयशंकर ने रखे तीन सुझाव

रूस में आईआरआईजीसी-टेक के 27वें सत्र की संयुक्त अध्यक्षता करते हुए व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा क‍ि भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टेक) के 27वें सत्र में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया.

उन्‍होंने कहा क‍ि हमारे पिछले सत्र के बाद से, दोनों देशों के नेताओं ने हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं. दिसंबर 2025 में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की गई थी.

उन्‍होंने कहा क‍ि भारत और रूस की साझेदारी ने हमेशा अपनी मजबूती और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद, दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है. यह हमारे साझा हितों और आपसी भरोसे को दर्शाता है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की सबसे बड़ी ताकत है.

जयशंकर ने कहा क‍ि पिछले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार चार गुना से भी अधिक बढ़ा है. यह 2021-22 में लगभग 13 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में करीब 60 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है.

उन्‍होंने कहा क‍ि यह हमारी आर्थिक साझेदारी की बड़ी संभावनाओं को दिखाता है. हालांकि, व्यापार में इस तेज वृद्धि के साथ व्यापार असंतुलन भी काफी बढ़ा है. यह लगभग 6.6 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है. आज इस व्यापार असंतुलन को कम करना हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है.

व‍िदेश मंत्री ने कहा क‍ि व्यापार असंतुलन को दूर करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के हमारे साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना, भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाना और व्यवसायों के बीच सहयोग बढ़ाना बहुत महत्वपूर्ण होगा. आज हम भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच प्रस्तावित 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' पर हुई चर्चाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं.

इस दौरान व‍िदेश मंत्री ने आईआरआईजीसी-टेक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के ल‍िए कार्य समूहों और उप-समूहों के सह-अध्यक्षों के लिए तीन सुझाव भी रखे. इनमें क्रियान्वयन और परिणामों पर ध्यान देना, व्यापार जगत के साथ जुड़ाव और मजबूत करना और नए अवसरों की लगातार तलाश करना शाम‍िल हैं.

स्रोत- आईएएनएस

Continue reading on the app

वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका, सिर्फ 4 गेंदों में चटका डाले 2 अहम विकेट, जानिए दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल कैसा रहा प्रदर्शन

Vaibhav Sooryavanshi :  वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर से क्रिकेट के मैदान पर अपने नाम का डंका बजा दिया है. वैभव ने इस बार बल्ले से तबाही नहीं मचाई है लेकिन उन्होंने इस दफा बॉल से गदर मचा डाला है. वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सिर्फ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाकर अपने फैंस को एक बार फिर झूमने पर मजबूर कर दिया है. वैभव किन खिलाड़ियों को आउट किया और इस मुकाबले में अब तक उनका प्रदर्शन कैसा रहा है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं. 

दरअसल, दलीप ट्रॉफी 2026 का क्वार्टर फाइनल-1 मैच ईस्ट जोन बनाम नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच खेला जा रहा है. इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन की ओर से हिस्सा ले रहे हैं. वो ईशान किशन की कप्तानी में खेल रहे हैं. इस मैच में जब नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम बैटिंग कर रही थी. उस समय वैभव सूर्यवंशी को ईशान किशन ने बॉलिंग करने के लिए बुलाया और उन्होंने महज चार बॉल में दो विकेट लेकर अपनी छाप छोड़ दी. 

वैभव सूर्यवंशी ने चटकाए 2 बड़े विकेट

वैभव सूर्यवंशी नॉर्थ ईस्ट जोन की पारी का 28वां ओवर ईस्ट जोन की ओर से डालने के लिए आए. इस दौरान उन्होंने ओवर की दूसरी बॉल पर किशन लिंगदोह को दिनेश दास के हाथों कैच आउट कराया. वो 25 रन बनाकर वैभव का शिकार बन गए. इसके बाद ओवर की पांचवीं गेंद पर इमलीवाती लेमटुर को 4 रन के निजी स्कोर पर विकेट के पीछे ईशान किशन के हाथों आउट कराया. इसके साथ ही वैभव 1 ओवर में 2 विकेट लेकर छा गए.

ये भी पढ़ें : कौन हैं भारत के टॉप-5 टेस्ट बल्लेबाज, लिस्ट से चेतेश्वर पुजारा और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज बैटर्स का नाम बाहर

Continue reading on the app

  Sports

Team India के Prasidh Krishna ने बताया सफलता का मंत्र, पिच के हिसाब से की बॉलिंग

सोमवार को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने श्रीलंका को बैकफुट पर रखा। इस दौरान भारतीय तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि उनका आक्रामक रवैया मैदान पर उनके व्यवहार से नहीं, बल्कि उनकी गेंदबाज़ी की तीव्रता और अनुशासन से झलकता है। उनका मानना ​​है कि पिच और हालात के हिसाब से उनकी गेंदबाज़ी की लंबाई बदलती रहती है, और टीम के एनालिस्ट और कोच उन्हें सही जगह गेंदबाज़ी करने में मदद करते हैं।
 

इसे भी पढ़ें: MS Dhoni और CSK के 16 साल के रिश्तों में दरार? IPL में भविष्य पर गहराया संकट


भारत के 503/9 पर पारी घोषित करने के बाद, श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल 8/2 के स्कोर पर खत्म किया, जिसमें डेब्यू करने वाले कामिल मिशारा पांच रन पर नाबाद रहे। कृष्णा ने भारत के लिए पहला विकेट लिया और लाहिरू उदारा को सिर्फ़ एक रन पर आउट किया। कृष्णा ने क्रिकबज़ के अनुसार तीसरे दिन से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए कहा कि हां, मैं ऐसा ही कहूंगा। मेरा मतलब है, आक्रामकता अलग-अलग तरीकों से दिख सकती है, और मेरे लिए अहम बात यह है कि जब मैं बॉलिंग कर रहा हूं तो क्या कर रहा हूं। पिच पर जो हो रहा है, उससे लोगों का ध्यान भटकना या विचलित होना बहुत आसान है। कभी बहुत कुछ हो रहा होता है, तो कभी कुछ खास नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि मुख्य बात यही है कि आकर पूरी ताकत के साथ सही जगहों पर बॉलिंग की जाए।

उन्होंने कहा कि पिच के हिसाब से बॉलिंग की लेंथ बदलती रहती है। इसलिए हम एनालिस्ट और कोच के साथ बैठकर तय करते हैं कि अलग-अलग पिच पर किस लेंथ से बॉलिंग करनी है। और हाँ, जब मैं देश के लिए नहीं खेल रहा था, तब मैं अपनी 'नेचुरल लेंथ' की बात कर सकता था, लेकिन यहाँ मुझे टीम की ज़रूरत के हिसाब से हर तरह की लेंथ पर बॉलिंग करनी पड़ती है, और मैं वही करने की कोशिश कर रहा हूँ।
 

इसे भी पढ़ें: Women's Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री


कृष्णा ने पहले टेस्ट में तीन विकेट लिए, जिसमें भारत 165 रनों से जीता; उन्होंने पहली पारी में एक और दूसरी पारी में दो विकेट लिए। मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर उन्होंने नई गेंद से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को बांधे रखा, लगातार मुश्किल लेंथ पर गेंदबाज़ी की और दबाव बनाए रखा। कृष्णा ने लाहिरू उदारा के आउट होने में कोलंबो की पिच से मिली थोड़ी सी सीम मूवमेंट को श्रेय दिया और यशस्वी जायसवाल के शानदार कैच की तारीफ़ की। उन्होंने स्लिप कॉर्डन के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि अच्छी गेंदबाज़ी से बने मौकों को भुनाना उतना ही ज़रूरी है जितना कि गेंद का बल्ले के किनारे (एज) से टकराना।
 
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi. 
Tue, 25 Aug 2026 13:01:00 +0530

  Videos
See all

रक्षाबंधन पर महिलाओं ने CJI को बांधी राखी | #shorts #shortvideo #viral #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-25T07:45:55+00:00

Food Adulteration: कानपुर, गाजियाबाद, हापुड़...मिलावटखोरों पर तगड़ा एक्शन | UP News | Latest #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-25T07:45:21+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers