ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की आहट से सहमा बाजार: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स 77,300 के करीब
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को सपाट हुई. सुबह 9:20 सेंसेक्स 46 अंक या 0.06 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,307 और निफ्टी 33 अंक या 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,196 पर था. बाजार में बिकवाली का नेतृत्व मेटल और ऑटो स्टॉक्स कर रहे थे. सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑटो टॉप लूजर्स थे. इसके अलावा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इन्फ्रा भी लाल निशान में थे.
दूसरी तरफ केवल निफ्टी मीडिया और निफ्टी पीएसयू बैंक ही हरे निशान में थे. लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 34 अंक या 0.05 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 63,785 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 36 अंक या 0.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,890 पर था. सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, इटरनल, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, एसबीआई, टाटा स्टील और इंडिगो गेनर्स थे. एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, एशियन पेंट्स, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एमएंडएम लूजर्स थे.
ये भी पढ़ें: Gel Manicure से बढ़ रहा कैंसर का खतरा! नाखूनों को भी पहुंच सकता है नुकसान, जानें जरूरी सावधानियां
ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में थे. शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे. केवल टोक्यो हरे निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार मिलेजुले बंद हुए थे, जिसमें डाओ 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ. जानकारों ने कहा कि ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर दूसरे दर्जे के प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शन) के खतरे ने अनिश्चितता का एक नया दौर पैदा कर दिया है. कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तर पर ही बनी रह सकती हैं, जिससे बाजार में तेजी पर रोक लग सकती है और यह एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है.
पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन! बॉर्डर के पास गरजेगा अमेरिकी F-35, भारत का है ये अहम रोल
राजस्थान की धरती एक बार फिर बड़े सैन्य अभ्यास की गवाह बनने जा रही है. दरअसल, इस बार अमेरिका के सबसे घातक और गोपनीय माने जाने वाले पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट F-35 को लेकर भारत आ सकता है. रक्षा जगत से जुड़े दो सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने अपने विमानों की सूची में F-35 को शामिल कर लिया है, हालांकि अभी इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला तैनाती और शेड्यूलिंग पर भी निर्भर करता है.
रक्षा एक्सपर्ट के मुताबिक अगर फाइटर जेट F-35 सैन्य अभ्यास के लिए इंडिया आता है तो यह पहला मौका होगा जब F-35 किसी भारतीय सैन्य अभ्यास का हिस्सा बनेगा. यहां बता दें कि अमेरिकी फाइटर जेट F-35 इससे पहले एयरो इंडिया में अपना जलवा दिखा चुका है.
कहां और कब होगा यह अभ्यास?
जानकारी के अनुसार यह महाअभ्यास राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर सितंबर 2026 के आखिरी हफ्ते से शुरू होगा. बताया जा रहा है कि ये अभ्यास अक्टूबर के पहले हफ्ते तक चलेगा. बता दें कि जोधपुर की भौगोलिक स्थिति पाकिस्तान सीमा से बेहद करीब है इसलिए इस अभ्यास की गूंज सरहद पार तक सुनाई देना तय माना जा रहा है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक जिस जगह ये सैन्य अभयास होगा वह जगह रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और यहां होने वाला हर बड़ा अभ्यास सीमा पार सीधा संदेश देता है.
खबर अपडेट की जा रही है
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







