सुनीता आहूजा और गोविंदा के रिश्ते में फिर बढ़ी दूरियां? हीरो नंबर 1 को पत्नी ने इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो
Sunita Ahuja-Govinda: बॉलीवुड के हीरो नंबर.1 यानी गोविंदा (Govinda) और सुनीता (Sunita Ahuja) के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा कम होती नजर नहीं आ रही है. लंबे समय से दोनों के रिश्तों को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आती रही हैं. सुनीता मीडिया संग बातचीत में कई बार गोविंदा गंभीर आरोप लगाती हुईं नजर आ चुकी हैं. उन्होंने साल 2024 में गोविंदा से तलाक लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिला की थी. जिसमें उन्होंने एक्टर पर क्रूरता और बेवफाई करने का दावा किया था. हालांकि, अब सुनीता ने यह तलाक की अर्जी वापस ले ली है. इसके बाद भी उनके रिश्ते को लेकर चर्चा कम नहीं हो रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सुनीता ने गोविंदा को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है. आइए जानते हैं कि इसकी क्या सच्चाई है और क्या वाकई में सुनीता ने गोविंदा को अनफॉलो किया है या नहीं.
हीरो नंबर1 को पत्नी ने इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर Radhika Podcast 2.0 नाम के एक हैंडल से दावा किया गया है कि सुनीता ने गोविंदा को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले दोनों के बीच शादी को लेकर बवाल हुआ था, अब दोनों के बीच अनफॉलो वाला मामला सामने आया है. इस पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है. जिसमें सुनीता की इंस्टाग्राम फॉलोइंग लिस्ट में गोविंदा का नाम नहीं नजर आ रहा है. इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या वाकई में गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में दूरियां बढ़ गई हैं. गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं. लेकिन आपको इन सब बातों पर भरोसा करने से पहले ये जानना चाहिए कि इसकी सच्चाई क्या है.
Instagram पर Sunita Ahuja ने Govinda को ही Unfollow कर दिया
— Radhika Podcast 2.0????️ (@RADHIKA_INF) August 24, 2026
पहले शादी को लेकर बवाल हुआ , फिर दोनों के बीच तनाव और अब Instagram का ये Unfollow मामला
आखिर Govinda और Sunita के बीच चल क्या रहा है कही तलाक़ तो नहीं...Open news pic.twitter.com/Zg7rfbGp5c
क्या सच में सुनीता ने गोविंदा को किया अनफॉलो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस स्क्रीनशॉट में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि सुनीता ने इंस्टाग्राम पर गोविंदा को अनफॉलो कर दिया है. लेकिन ये सच नहीं है. दरअसल, सुनीता आहूजा के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर ऐसा कुछ नहीं देखने को मिला है. उनकी फॉलोइंग लिस्ट में गोविंदा का नाम साफ तौर पर नजर आ रहा है. ऐसे में समझा जा सकता है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे झूठे हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है.
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गोविंदा की ओर जारी किया गया था मानहानि का लीगल नोटिस
बीते दिन गोविंदा की ओर मानहानि का लीगल नोटिस जारी किया गया था. जिसमें दोषियों को 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है. एक्टर की ओर से जारी नोटिस में आम लोगों, मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर्स को चेतावनी दी गई है कि गोविंदा या उनके परिवार से संबंधित कोई भी झूठी, मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत या अपुष्ट सामग्री तैयार, प्रकाशित, अपलोड, प्रसारित या साझा न की जाए. नोटिस में विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली तस्वीरों, वीडियो, ऑडियो, मॉर्फ्ड इमेज, डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार सिंथेटिक सामग्री का उल्लेख किया गया है. गोविंदा की ओर से कहा गया है कि उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान, समानता तथा पर्सनल लाइफ या मैरिज लाइफ से संबंधित किसी भी सामग्री को AI अथवा डिजिटल तकनीक के जरिए तैयार करने, उसमें हेरफेर करने या उसका यूज करने की अनुमति नहीं है.
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सरकार ने गेहूं के आटे, मैदा और सूजी के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाईं
India lifts Ban on Flour and Wheat Export: केंद्र सरकार ने गेहूं से बने कई उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव करते हुए उन्हें प्रतिबंधित श्रेणी से मुक्त श्रेणी में डाल दिया है. यह जानकारी विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में दी गई. संशोधित नीति के तहत अब गेहूं या मेस्लिन आटा, मैदा, सूजी, होलमील आटा और मिश्रित गेंहू के आटा के निर्यात की अनुमति बिना किसी प्रतिबंध के होगी.
2022 में लगाया गया था निर्यात प्रतिबंध
घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने 2022 में गेहूं और गेहूं से बने उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए थे. 13 मई 2022 को गेहूं की निर्यात नीति को मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया गया था. इसके बाद उसी साल अगस्त में गेहूं के आटे के निर्यात पर भी प्रतिबंध लागू कर दिए गए.
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद बढ़ी थी मांग
यह फैसला रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति में आए व्यवधान के बीच लिया गया था. इससे भारतीय गेहूं की विदेशी मांग बढ़ गई थी और घरेलू कीमतों पर भी दबाव बढ़ा था. उस दौरान सरकार ने कहा था कि देश की 1.4 अरब आबादी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और गेहूं तथा गेहूं के आटे की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए निर्यात प्रतिबंध जरूरी थे.
हालांकि, प्रतिबंध के बावजूद गेहूं से बने कुछ विशेष उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी गई थी. इस साल फरवरी में सरकार ने बेहतर स्टॉक उपलब्धता का हवाला देते हुए 25 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं और अतिरिक्त 5 एलएमटी गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी थी.
देश में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन
मई में जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 2025-26 में 5.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 37.6563 करोड़ टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 35.7732 करोड़ टन था.
फसलवार आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में चावल का उत्पादन 15.4024 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 15.0184 करोड़ टन से 38.4 लाख टन अधिक है. वहीं, गेहूं का उत्पादन 12.0657 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 11.7945 करोड़ टन की तुलना में 27.12 लाख टन अधिक है.
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(DISCLAIMER: समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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