भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने कुछ नियमों और निर्देशों का पालन न करने पर प्रॉगफिन और श्री राम फाइनेंस पर जुर्माना लगाया है। एक बयान के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने श्री राम फाइनेंस कॉरपोरेशन पर 8.10 लाख रुपये और प्रॉगफिन पर 2.70 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया। बयान में कहा गया है कि श्री राम फाइनेंस पर जुर्माना निदेशक की नियुक्ति करते समय रिजर्व बैंक से पहले से लिखित अनुमति लेने में विफल रहने को लेकर लगाया गया है।
इसके कारण प्रबंधन में बदलाव हुआ। रिजर्व बैंक ने कहा कि कंपनी पर जुर्माना इसलिए भी लगाया गया क्योंकि वह अपने ग्राहकों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम वाली श्रेणी में बांटने के लिए कोई प्रणाली नहीं बना पाई और तय समय-सीमा के भीतर कुछ ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केन्द्रीय केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री में अपलोड करने में विफल रही। बयान के अनुसार, प्रॉगफिन पर जुर्माना खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने की व्यवस्था लागू करने में विफल रहने के कारण लगाया गया।
नियमों के अनुसार ऐसी समीक्षा कम से कम हर छह महीने में एक बार की जानी चाहिए थी।
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बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हवाई यात्रा करने वालों के लिए 1 सितंबर 2026 से शुल्क की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण ने हवाई अड्डे के लिए अगले पांच साल की शुल्क व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इसके तहत उड़ान भरने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के शुल्क में बड़ी कटौती की गई है, हालांकि पहली बार एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों से भी शुल्क लिया जाएगा।
नई व्यवस्था में घरेलू उड़ान से जाने वाले यात्री को अब 300 रुपये का उपयोगकर्ता विकास शुल्क देना होगा। अभी यह शुल्क 550 रुपये है। यानी यात्रियों को 250 रुपये या करीब 45.5 प्रतिशत की राहत मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जाने वाले यात्रियों के लिए यह शुल्क 1500 रुपये से घटकर 997 रुपये हो जाएगा। इसमें करीब 33.5 प्रतिशत की कमी हुई है।
वहीं, नई व्यवस्था में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों के लिए भी उपयोगकर्ता विकास शुल्क तय किया गया है। घरेलू यात्रियों से 125 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से 426 रुपये लिए जाएंगे। पहले पहुंचने वाले यात्रियों पर इस तरह का शुल्क नहीं था। ये दरें 1 सितंबर या उसके बाद जारी होने वाले टिकटों पर लागू होंगी।
बता दें कि भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की चौथी शुल्क अवधि के लिए यह व्यवस्था मंजूर की है। हालांकि, निर्धारित शुल्क अधिकतम सीमा हैं और इन पर लागू कर अलग से देना होगा।
नई व्यवस्था में कुछ यात्रियों को शुल्क से छूट भी दी गई है। दो साल से कम उम्र के बच्चे, राजनयिक पासपोर्ट धारक, ड्यूटी पर तैनात विमान कर्मचारी और कुछ सरकारी काम से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। एक ही टिकट पर 24 घंटे के भीतर आगे की यात्रा करने वाले पारगमन या स्थानांतरण यात्रियों को भी छूट दी गई है।
गौरतलब है कि विमानों के उतरने से जुड़े शुल्क में भी बदलाव किया गया है। 1 सितंबर से घरेलू उड़ानों के लिए उतरने का शुल्क 325 रुपये प्रति मीट्रिक टन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 455 रुपये प्रति मीट्रिक टन होगा। हालांकि, 80 से कम सीटों की क्षमता वाले कुछ घरेलू विमानों, विमान प्रशिक्षण उड़ानों, हेलीकॉप्टर और सैन्य विमानों को निर्धारित शर्तों के तहत छूट मिलेगी।
विमानों के खड़े रहने के मामले में पहले दो घंटे कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके बाद निर्धारित दर के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। यात्री सुविधा से जुड़ी कुछ सेवाओं के लिए घरेलू यात्रियों पर 75 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर एक अमेरिकी डॉलर का शुल्क तय किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, नियामक ने नई विमान सेवाओं और नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन योजना मंजूर की है। इसके तहत नए या कम सेवा वाले मार्गों पर परिचालन शुरू करने वाली पात्र विमान कंपनियों को उतरने के शुल्क में छूट मिल सकती है। मालवाहक विमान सेवाओं को भी कुछ प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
बेंगलुरु एयरपोर्ट संचालक बीआईएएल के अनुसार, संशोधित दरें अगस्त 2029 तक लागू रहेंगी। इसके बाद टर्मिनल-2 के दूसरे चरण सहित प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति के आधार पर शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि बड़ी परियोजनाओं से जुड़े अतिरिक्त शुल्क तभी लागू होंगे, जब संबंधित ढांचा पूरा होकर इस्तेमाल में आ जाएगा और नियामक की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होगी।
इस तरह नई व्यवस्था में एक तरफ प्रस्थान करने वाले यात्रियों को शुल्क में राहत मिली है, वहीं पहुंचने वाले यात्रियों पर नया शुल्क जुड़ा है। इसका वास्तविक असर यात्रियों के कुल हवाई किराये पर कितना पड़ेगा, यह विमान कंपनियों और टिकट में शामिल अन्य शुल्कों पर भी निर्भर करेगा।
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