ED ने Odisha के कारोबारी रतिकांत राउत को किया गिरफ्तार, 2020 का है मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में कारोबारी रतिकांत राउत को भुवनेश्वर में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कलाराहंगा निवासी राउत ढेंकनाल में पत्थर खदान और क्रशर से जुड़ा कारोबार करता है।
प्रवर्तन निदेशालय ने 2020 में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘राउत को बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया गया।’’ यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब राज्य में ईडी के एक पूर्व अधिकारी से जुड़ा रिश्वत का मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ओडिशा में ईडी के तत्कालीन उप निदेशक चिंतन रघुवंशी को राउत से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आरोप है कि रघुवंशी ने मामले में राहत देने के एवज में यह रिश्वत ली थी। ईडी अधिकारी ने कारोबारी से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने कथित रिश्वत का भुगतान किए जाने के बाद पिछले साल मई में रघुवंशी को एक बिचौलिए के साथ गिरफ्तार किया था।
Kapil Sibal का Amit Shah पर पलटवार, पूछा क्या मोदी ने पूरा वंदे मातरम् गाया
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर उसे ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ बताने संबंधी गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर शुक्रवार को पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते या अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया था। सिब्बल ने सवाल किया कि ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण नहीं गाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भी क्या ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ हैं। निर्दलीय सांसद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ के दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के फैसले को ‘राष्ट्र-विरोधी’ बताया।
मेरा सवाल है: क्या भाजपा ने 1950 से निजी या आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके सभी अंतरे गाए? क्या (प्रधानमंत्री) मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते ऐसा किया? क्या (पूर्व) प्रधानमंत्री वाजपेयी ने ऐसा किया?’’ सिब्बल ने कहा, ‘‘तो क्या आप उस समय राष्ट्र-विरोधी थे?
यह आपकी वोट बैंक की राजनीति को उजागर करता है।’’ शाह ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने का पार्टी का फैसला ‘राष्ट्र-विरोधी’ है तथा इसका मकसद कानून की खुली अवहेलना कर ‘‘वोट बैंक’’ के लिए तुष्टीकरण करना है। कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शाह द्वारा निशाना साधे जाने के बाद बृहस्पतिवार को पलटवार करते हुए कहा था कि भाजपा छात्रों तथा राम मंदिर से कथित ‘चढ़ावा चोरी’ जैसे मामलों से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रगीत को लेकर विवाद खड़े करना चाहती है जबकि उसके (भाजपा के) नेता ‘‘झूठे’’ और ‘‘नकली’’ राष्ट्रवादी हैं। यह जुबानी जंग कांग्रेस कार्य समिति के बुधवार को लिए गए उस फैसले के बाद शुरू हुई, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाने के बजाय केवल दो अंतरे गाने का निर्णय लिया गया।
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