Chhindwara में छात्रों की शिकायत पर दो शिक्षक हटाए गए, प्रेम संबंध का था आरोप
छिंदवाड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के कथित प्रेम संबंधों को लेकर छात्रों की शिकायत के बाद दोनों को स्कूल से हटा दिया गया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, मामला जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर जुन्नारदेव विकासखंड के बीच बहरी गांव स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय का है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ओ.पी. जोशी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराई गई। जांच के आधार पर स्कूल के शिक्षक और अतिथि शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनके स्थान पर नए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
मामला तब सामने आया, जब स्कूल के कुछ छात्र छिंदवाड़ा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई के दौरान दोनों शिक्षकों की शिकायत की। छात्रों ने आरोप लगाया कि दोनों उन्हें पढ़ाने के बजाय “जल्दी छुट्टी कर प्यार-मोहब्बत करते हैं।” शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित शिक्षक और शिक्षिका ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है और छात्रों ने किसी के बहकावे में आकर शिकायत की है।
शिक्षिका ने दावा किया कि स्कूल में किसी अन्य व्यक्ति ने भी अतिथि शिक्षक के पद के लिए आवेदन किया है और उसका नाम प्रतीक्षा सूची में है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हटाकर उस व्यक्ति की नियुक्ति कराने के उद्देश्य से यह पूरी कहानी गढ़ी गई और छात्रों को बहकाकर शिकायत कराई गई।
Jabalpur में Bargi Dam से छोड़ा गया 4,000 क्यूमेक पानी, नर्मदा का जलस्तर 10 फीट बढ़ा
जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध के 21 में से 13 गेट बृहस्पतिवार दोपहर खोल दिए गए। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया। राज्य के जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे 13 गेट खोले गए और करीब 4,000 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा गया।
एक घन मीटर प्रति सेकंड (क्यूमेक) में 1,000 लीटर पानी का प्रवाह होता है। अधिकारी ने बताया कि बांध में पानी का स्तर बढ़ने से संभावित बाढ़ की स्थिति को रोकने और जलाशय की सुरक्षा के लिए पानी छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि मंडला, डिंडोरी और अमरकंटक में हुई भारी बारिश के बाद बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
गेट खोलने से पहले अधिकारियों ने जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों में सायरन बजाकर चेतावनी जारी की और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के विभिन्न घाटों पर जलस्तर आठ से 10 फुट तक बढ़ गया। इसके कारण भेड़ाघाट पर्यटन क्षेत्र में संगमरमर की चट्टानें और जलप्रपात पानी में डूब गए।
जबलपुर के ग्वारीघाट में नदी किनारे स्थित कई दुकानें और छोटे मंदिर भी जलमग्न हो गए। बरगी बांध, नर्मदा के उद्गम स्थल अनूपपुर जिले के बाद नदी पर बना पहला प्रमुख बांध है।
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