Delhi Master Plan 2047: Air Taxi और एयर पॉड से सफर की योजना तैयार
दिल्ली के नए मास्टर प्लान में पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में भविष्य में ‘एयर टैक्सी’ और ‘एयर पॉड’ को परिवहन के साधन के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। बृहस्पतिवार को अधिसूचित मास्टर प्लान दिल्ली (एमपीडी)-2047 में यमुना, साहिबी नदी (नजफगढ़ नाले के नाम से भी जानी जाती है) और अन्य नहरों में अंतर्देशीय जल परिवहन शुरू करने का भी प्रस्ताव है। योजना में प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का प्रस्ताव है ताकि रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी), बस टर्मिनल, मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) स्टेशनों के बीच यात्रियों को सुगम रूप से परिवहन की सुविधा मिल सके।
बढ़ते यातायात को देखते हुए नए रेलवे स्टेशन विकसित करने की भी योजना है। फिलहाल दिल्ली पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों नयी दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल और सराय रोहिल्ला के जरिए देश के अन्य हिस्सों से जुड़ी हुई है। मास्टर प्लान में स्वच्छ ईंधन, तकनीकी रूप से उन्नत परिवहन प्रणालियों और यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन के लिए कृत्रिम मेधा के इस्तेमाल की परिकल्पना की गई है।
मास्टर प्लान में पैदल चलने व साइकिल चलाने को बढ़ावा देने, नए शहरीकृत क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, यातायात जाम कम करने और कम इस्तेमाल हो रही परिवहन परिसंपत्तियों को फिर से उपयोग में लाने पर भी जोर दिया गया है। योजना का उद्देश्य मोटर चालित यात्राओं में सार्वजनिक परिवहन और मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी बढ़ाना तथा निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है।
Ladakh में High Court पीठ की होगी स्थापना, अमित शाह बोले- दूर-दराज तक पहुंचेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक पीठ स्थापित करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से इस केंद्र-शासित प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच काफी बेहतर होगी। शाह ने लद्दाख का सर्वांगीण विकास और संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की केंद्र की प्रतिबद्धता भी दोहराई। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस “ऐतिहासिक फैसले” का स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री शाह का आभार जताया।
शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक पीठ स्थापित करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक पीठ स्थापित करने का फैसला लिया है। इससे लद्दाख के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच काफी बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें कानूनी सेवाएं हासिल करने में लगने वाला समय घट जाएगा।” शाह ने कहा, “सरकार लद्दाख का सर्वांगीण विकास और संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।” अधिकारियों ने कहा कि उच्च न्यायालय की पीठ की स्थापना से लद्दाख के लोगों की उच्च न्यायपालिका तक आसान और त्वरित पहुंच उपलब्ध कराने की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद है।
उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि उच्च न्यायालय की पीठ की स्थापना से न केवल तीव्र न्याय सुनिश्चित होगा, बल्कि लद्दाख के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की “अटूट प्रतिबद्धता” की भी पुष्टि होगी। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का बहुत-बहुत धन्यवाद! लद्दाख में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने से न केवल तेजी से न्याय मिलना सुनिश्चित होगा, बल्कि इससे लद्दाख के सर्वांगीण विकास और वहां के लोगों की लंबे समय से चली आ रही सामूहिक आकांक्षाओं को पूरा करने की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता भी फिर से साबित हुई है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









.jpg)
