Delhi Police मुठभेड़ में हिमांशु भाऊ गैंग के 2 शूटर घायल हुए, रोहतक पुलिस भी रही शामिल
राष्ट्रीय राजधानी के बक्करवाला इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिमांशु भाऊ गिरोह के दो कथित शूटर घायल हो गये। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मुठभेड़ अपराध शाखा और रोहतक पुलिस के एक संयुक्त अभियान के दौरान हुई।
पुलिस को सूचना मिली थी कि शूटर इलाके में किसी की हत्या करने लिए आ रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, टीमों ने बक्करवाला में एक संदिग्ध महिंद्रा थार को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसके चालक ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद कार में सवार दोनों लोगों ने गाड़ी छोड़ दी और कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं।
पुलिस ने बताया कि करीब आठ गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि दोनों संदिग्धों को गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, घायलों में से एक की पहचान रोहतक निवासी 19 वर्षीय समीर के रूप में हुई।
Mumbai Police ने 81.80 लाख के गहने चुराने वाले पूर्व उप शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया
मुंबई पुलिस ने एक निजी बैंक के पूर्व उप प्रबंधक को एक बुजुर्ग एनआरआई के लॉकर से 81.80 लाख रुपये के सोने के आभूषण चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह मामला 12 अगस्त को सामने आया, जब दुबई में रहने वाले 74 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति प्रदीप मोतीराम भाटिया ने कांदिवली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, भाटिया पिछले 52 वर्षों से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में निजी बैंक की कांदिवली स्थित एमजी रोड शाखा के लॉकर में अपने सोने के आभूषण रखे थे। पुलिस ने बताया कि करीब दो साल बाद जब भाटिया मुंबई लौटे और अपने आभूषण लेने के लिए लॉकर खोला तो वह खाली मिला।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित चोरी इस बारे में शिकायत दर्ज होने से करीब दो साल पहले हुई थी, इसलिए सामान्य तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज से सीमित सुराग ही मिल पाए। इसके बाद पुलिस ने बैंक के पूर्व कर्मचारियों और लॉकर आवंटन प्रक्रिया की जांच शुरू की।
पुलिस को कांदिवली शाखा में भाटिया को लॉकर आवंटित किए जाने के समय उप शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत कुलदीप रामचंद्र सहानी (35) की भूमिका पर संदेह हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने सहानी के बैंक खातों की जांच की और पाया कि पिछले दो वर्षों में उसके खातों से करीब नौ करोड़ रुपये के लेन-देन हुए हैं। इनमें सोना ऋण देने वाली कंपनियों के साथ बड़ी संख्या में लेन-देन शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि जांचकर्ताओं ने इन कंपनियों के पास गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों की तस्वीरें हासिल कीं और उन्हें भाटिया को दिखाया। भाटिया ने इन आभूषणों की पहचान अपने चोरी हुए गहनों के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने सहानी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 610 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए, जिनकी कीमत 81.80 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के चार दिन के भीतर ही इस मामले को सुलझा लिया गया।
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