Mumbai Police ने 81.80 लाख के गहने चुराने वाले पूर्व उप शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया
मुंबई पुलिस ने एक निजी बैंक के पूर्व उप प्रबंधक को एक बुजुर्ग एनआरआई के लॉकर से 81.80 लाख रुपये के सोने के आभूषण चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह मामला 12 अगस्त को सामने आया, जब दुबई में रहने वाले 74 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति प्रदीप मोतीराम भाटिया ने कांदिवली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, भाटिया पिछले 52 वर्षों से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में निजी बैंक की कांदिवली स्थित एमजी रोड शाखा के लॉकर में अपने सोने के आभूषण रखे थे। पुलिस ने बताया कि करीब दो साल बाद जब भाटिया मुंबई लौटे और अपने आभूषण लेने के लिए लॉकर खोला तो वह खाली मिला।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित चोरी इस बारे में शिकायत दर्ज होने से करीब दो साल पहले हुई थी, इसलिए सामान्य तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज से सीमित सुराग ही मिल पाए। इसके बाद पुलिस ने बैंक के पूर्व कर्मचारियों और लॉकर आवंटन प्रक्रिया की जांच शुरू की।
पुलिस को कांदिवली शाखा में भाटिया को लॉकर आवंटित किए जाने के समय उप शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत कुलदीप रामचंद्र सहानी (35) की भूमिका पर संदेह हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने सहानी के बैंक खातों की जांच की और पाया कि पिछले दो वर्षों में उसके खातों से करीब नौ करोड़ रुपये के लेन-देन हुए हैं। इनमें सोना ऋण देने वाली कंपनियों के साथ बड़ी संख्या में लेन-देन शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि जांचकर्ताओं ने इन कंपनियों के पास गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों की तस्वीरें हासिल कीं और उन्हें भाटिया को दिखाया। भाटिया ने इन आभूषणों की पहचान अपने चोरी हुए गहनों के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने सहानी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 610 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए, जिनकी कीमत 81.80 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के चार दिन के भीतर ही इस मामले को सुलझा लिया गया।
Japanese delegation ने Agra स्थित Taj Mahal का भ्रमण किया, UP संग मजबूत होंगे संबंध
जापानी कंपनियों के करीब 240 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और यामनाशी प्रांत के गवर्नर कोतारो नागासाकी सहित उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को आगरा में ताजमहल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने करीब एक घंटे तक इस ऐतिहासिक स्मारक का भ्रमण किया और इसकी वास्तुकला तथा सुंदरता की सराहना की। उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और भ्रमण के दौरान उसके साथ रहे।
ताजमहल का भ्रमण करने के बाद नागासाकी ने इस अनुभव को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण बताया और स्मारक की सुंदरता की प्रशंसा की। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध धरोहर स्थल के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के लिए उत्तर प्रदेश के लोगों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया। ताजमहल की आगंतुक पुस्तिका में नागासाकी ने स्मारक की सुंदरता और अपनी यात्रा के अनुभव को दर्ज करते हुए इसे ‘‘वास्तव में अद्भुत अनुभव’’ बताया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश और जापान के यामनाशी प्रांत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए आभार भी व्यक्त किया। सिंह ने कहा कि जापानी गवर्नर और प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश की सार्थक यात्रा पर हैं और उन्होंने ताजमहल की जमकर सराहना की। मंत्री ने कहा कि नागासाकी का मानना है कि उत्तर प्रदेश के पास उपजाऊ भूमि और मिलनसार लोग हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जापान और उत्तर प्रदेश के बीच संबंध आगे और मजबूत होंगे। सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत, उद्योग और अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में जापान और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग बढ़ाया जा सकता है। जापानी प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
उन्होंने कहा कि जापानी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से जापान और उत्तर प्रदेश के बीच औद्योगिक तथा प्रौद्योगिकी संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलेगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल को उसके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में मयूर नृत्य और ब्रज रासलीला तथा रसिया की प्रस्तुतियों के जरिए ब्रज की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी पेश की गई। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने जापानी मेहमानों को काफी प्रभावित किया और उन्हें ताजमहल से इतर क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराया।
यामनाशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष काजुहिको नाकामुरा ने प्रतिनिधिमंडल के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद सभी सदस्य सुचारू रूप से और समय पर यात्रा कर सके। यामनाशी के उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा ने भी पारंपरिक स्वागत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्रा की शुरुआत में ही मिले इस सांस्कृतिक अनुभव ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में क्षेत्र के बारे में और अधिक जानने की जिज्ञासा पैदा की।
प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा लखनऊ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जारी रहेगी। शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक पर्यटन कार्यक्रम प्रस्तावित है जिसमें 50 से अधिक पर्यटन संचालकों, होटल कारोबारियों और उद्यमियों के साथ गोलमेज बैठक होगी। बैठक में बौद्ध पर्यटन, स्वास्थ्य एवं आरोग्य पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटकों के लिए नए अनुभव विकसित करने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन अन्य स्थलों का दौरा करेगा, जो भारत और जापान के बीच सदियों पुराने बौद्ध एवं सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हैं। पर्यटन मंत्री सिंह ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य जापानी मेहमानों को उत्तर प्रदेश की विविध पर्यटन संभावनाओं की व्यापक जानकारी देना है जिससे अधिक जापानी पर्यटकों को राज्य की यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।
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