Palm Oil कीमतें विदेशी बाजारों की तेजी से बढ़ीं, सोयाबीन तिलहन में गिरावट
विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बृहस्पतिवार को कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन, सोयाबीन तेल तथा बिनौला तेल के दाम मजबूत रहे। तेल संयंत्रों द्वारा दाम में घट-बढ़ करने से सोयाबीन तिलहन में गिरावट देखी गई। सुस्त कामकाज के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में 1.75 प्रतिशत का सुधार है, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज 1.5 प्रतिशत से अधिक मजबूत है। बाजार सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी, बिनौला और मूंगफली से पामोलीन तेल सस्ता है। इस वजह से इसकी औद्योगिक मांग का दबाव पामोलीन पर बढ़ा है।
मांग बढ़ने और मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण पाम-पामोलीन में सुधार है। पामोलीन तेल का दाम अब सोयाबीन से भी ऊंचा हो गया है। लेकिन देशी तेल से आयातित तेल सस्ते हैं।
उन्होंने कहा कि इन सबके बीच देश में आयातकों द्वारा लागत से कम दाम पर आयातित तेलों को बेचा जा रहा है। सीपीओ से पामोलीन बनाने के बाद लागत 148 रुपये किलो बैठती है लेकिन इसे 145.50 रुपये किलो के भाव बेचा जा रहा है। तेल संयंत्रों द्वारा दाम घटाये-बढ़ाये जाने के बीच सोयाबीन तिलहन में गिरावट रही।
सुस्त कामकाज के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल तिलहन के दाम स्थिर रहे। तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे... सरसों तिलहन - 8,250-8,300 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली - 7,350-7,925 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 17,000 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 16,750 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,730-2,830 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,730-2,885 रुपये प्रति टिन। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,725 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,575 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,100 रुपये प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला- 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 17,100 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,775 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन एक्स- कांडला- 14,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,925-6,975 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन लूज- 6,775-6,875 रुपये प्रति क्विंटल।
Delhi Govt ने MSME सेक्टर के लिए 4,800 करोड़ रुपये के ऋण की सुविधा प्रदान की
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना (डीकेजीएस) के तहत सरकार ने पात्र छोटे 10,500 लाभार्थियों को लगभग 4,800 करोड़ रुपये के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, डीकेजीएस के तहत पात्र छोटे और लघु उद्यमों को बिना गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है और इस ऋण पर सरकार 95 प्रतिशत तक की क्रेडिट गारंटी देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक फरवरी 2026 के बाद से चालू वित्त वर्ष में 10,505 गारंटियों के जरिए 4,806 करोड़ रुपये की गारंटी मंजूर की जा चुकी है।
गुप्ता ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा सरकार का लक्ष्य एमएसएमई को वित्त, प्रशिक्षण, तकनीक और बाजार इन चारों स्तंभों पर मजबूत सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा, “दिल्ली के छोटे और मध्यम उद्यम हमारी अर्थव्यवस्था का आधार हैं। सरकार प्रयास है कि दिल्ली का एमएसएमई केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि उसका उत्पाद दिल्ली से देश और देश से दुनिया तक पहुंचे।
आज की आवश्यकता केवल ‘फ्यूचर-रेडी’ युवा तैयार करने की नहीं, बल्कि ‘फ्यूचर-रेडी’ व्यवसाय तैयार करने की भी है।” मुख्यमंत्री ने ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस’ योजना के अंतर्गत आयोजित ‘मेगा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ को संबोधित करते हुए कहा कि आज का प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण कार्यक्रम ‘4-पी रिफॉर्म’ (पॉलिसी, प्रोसेस, परफॉर्मेंस और पार्टनरशिप) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और राजधानी के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक कौशल, तकनीक, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए दिल्ली सरकार निरंतर प्रयासरत है। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में 2.48 लाख से अधिक स्टार्टअप और 125 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) काम कर रहे हैं।
दिल्ली को देश में स्टार्टअप और यूनिकॉर्न के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए सरकार उद्यमियों और युवा स्टार्टअप संस्थापकों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आरएएमपी योजना के तहत दिल्ली के लिए 49.74 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से जनवरी 2027 तक 30,000 से अधिक एमएसएमई को आधुनिक कौशल व प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा, वहीं 10,000 से अधिक व्यवसायों को जीईएम और ओएनडीसी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंच प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में डिजिटल होना कोई विकल्प नहीं, बल्कि व्यवसायों के विकास और प्रतिस्पर्धा के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है। उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह ने कहा कि सरकार महिला उद्यमियों के लिए विशेष सहायता को भी बढ़ावा दे रही है और इस दिशा में तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम बेहतर बुनियादी ढांचे, आसान वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और टिकाऊ औद्योगिक विकास के माध्यम से दिल्ली में औद्योगिक वृद्धि के लिए एक पूर्ण तंत्र तैयार कर रहे हैं।
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