नीमच के झांतला में कलेक्टर के दौरे से पहले बदली तस्वीर, रातों-रात सड़क के गड्ढे भरे और सफाई हुई शुरू
नीमच जिले के जावद विधानसभा क्षेत्र के झांतला सेक्टर में 21 अगस्त को होने वाले जनकल्याण शिविर से पहले पंचायत स्तर पर व्यवस्थाओं में तेजी दिखाई दे रही है। दरअसल शिविर स्थल और आसपास के इलाकों में सफाई का काम शुरू किया गया है। सड़कों की दरारें और गड्ढे भरने के साथ कचरे के ढेर हटाए जा रहे हैं। बता दें कि कलेक्टर के प्रस्तावित निरीक्षण को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तैयारियां की जा रही हैं।
दरअसल झांतला क्षेत्र में कई जगहों पर सड़क और सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब शिविर से पहले इन जगहों पर पंचायत अमले की गतिविधियां बढ़ गई हैं। रास्तों के किनारे जमा कचरा हटाया जा रहा है और नालियों की सफाई की जा रही है। शिविर स्थल के आसपास भी सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं का काम कराया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे से पहले पंचायत स्तर पर तैयारियों को पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
गड्ढों की हो रही मरम्मत
वहीं झांतला से झांतला मोड़ तक जाने वाली प्रमुख सड़क पर भी मरम्मत का काम शुरू किया गया है। स्थानीय स्तर पर इस सड़क पर लंबे समय से गड्ढे और दरारें होने की बात कही जा रही थी। अब सड़क के खराब हिस्सों में पेचवर्क और गड्ढे भरने का काम किया जा रहा है। सड़क से रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण बताया जाता है। क्षेत्र में सड़क की स्थिति को लेकर ग्रामीणों की ओर से पहले भी शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने और गड्ढों के कारण आने-जाने में परेशानी होने की बात ग्रामीणों ने कही थी।
हैरानी की बात है कि अब कलेक्टर के प्रस्तावित दौरे से पहले सड़क पर काम शुरू होने से इलाके की तस्वीर में बदलाव दिखाई दे रहा है। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पंचायत अमले की ओर से सड़क किनारे सफाई, कचरा हटाने और आसपास की व्यवस्था ठीक करने का काम किया जा रहा है। सड़क के उन हिस्सों पर भी काम किया जा रहा है जहां मरम्मत की जरूरत बताई गई थी।
जनकल्याण शिविर से पहले पंचायतों में बढ़ी तैयारियां
जानकारी दे दें कि 21 अगस्त को झांतला सेक्टर में जनकल्याण शिविर आयोजित किया जाना है। इसी कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर के प्रस्तावित निरीक्षण को देखते हुए शिविर स्थल और उसके आसपास की व्यवस्थाओं को ठीक किया जा रहा है। सफाई के साथ रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर भी काम कराया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में सड़क, नाली और सफाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी ध्यान दिलाया गया था। अब शिविर से पहले इन कामों में तेजी आई है। पंचायत स्तर पर सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग जगहों पर लगाया गया है और कचरा हटाने का काम किया जा रहा है। सड़क के खराब हिस्सों की मरम्मत के लिए भी कर्मचारी और संसाधन लगाए गए हैं।
इंदौर की तर्ज पर भोपाल को नशा और भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की तैयारी, कलेक्टर ने की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को भी इंदौर की तरह अब ‘भिक्षावृत्ति मुक्त’ बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस संबंध में गुरुवार को भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों के साथ ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल अभियान’ की समीक्षा की। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि इंदौर जैसा मॉडल भोपाल में लागू करेंगे। रेस्क्यू के साथ पुनर्वास पर भी जोर रहेगा।
बता दें कि कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला ड्रग डिमांड रिडक्शन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे से प्रभावित हॉट-स्पॉट क्षेत्रों को चिन्हित करने के साथ-साथ स्कूलों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सूक्ष्म स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं और संबंधित अधिकारी विभिन्न संस्थाओं में आयोजित होने वाले नशा मुक्ति जन-जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल होंगे। युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रमों के साथ संकल्प दौड़ का आयोजन किया जा रहा है।
सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि ड्रग्स या अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को बिना किसी भय के प्रशासन के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1933 या ncbmanas.gov.in पोर्टल के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर श्री @PriyankM_IAS द्वारा भोपाल जिले में “नशा मुक्त भारत अभियान” और “भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल अभियान” की समीक्षा बैठक ली। @CMMadhyaPradesh@MSJEGOI @socialwelfaremp@JansamparkMP @NMBA_MSJE@NMBA #Bhopal pic.twitter.com/p4QvyidzIV
— Collector Bhopal (@CollectorBhopal) August 20, 2026
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