Women's Asia Cup में Mohsin Naqvi और BCCI आमने-सामने, ट्रॉफी पर फंसा पेंच
दुबई में अगले सप्ताह से शुरू होने वाले महिला एशिया कप में अगर भारत फाइनल तक पहुंचता है तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर अजीब स्थिति में फंस सकता है क्योंकि पाकिस्तान के मोहसिन नकवी एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के प्रमुख होने के नाते फिर से मंच पर आकर यह सम्मान प्रदान कर सकते हैं। पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए सैन्य टकराव के कारण भारतीय पुरुष टीम ने नक़वी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। नक़वी ट्रॉफी लेकर चले गए, जो अभी तक विजेता टीम को नहीं सौंपी गई है।
नक़वी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख और अपने देश के गृह मंत्री भी हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से 13 सितंबर तक खेला जाएगा। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है और लीग चरण का उनका मुकाबला पांच सितंबर को होना है।
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इसके बाद इन दोनों टीम का मुकाबला फाइनल में हो सकता है और ऐसे में पुरस्कार वितरण का मसला फिर से सुर्खियों में आ सकता है। अब स्वाभाविक सवाल यह उठता है कि अगर हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम महिला एशिया कप जीत जाती है और नक़वी पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मंच पर मौजूद होते हैं तो फिर आगे क्या होगा? क्या भारतीय महिला टीम भी सूर्यकुमार यादव और उनके साथियों की तरह नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर देगी?
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इस मामले में बीसीसीआई का रुख अभी स्पष्ट नहीं है। बोर्ड का यह स्पष्ट मत है कि दोनों टीमों के बीच किसी प्रकार की औपचारिक बातचीत नहीं होगी, लेकिन वह पुरस्कार वितरण समारोह के लिए इंतजार करने की नीति अपनाएगा। पिछले साल की तरह विवाद से बचने का एक तरीका यह हो सकता है कि नकवी स्वयं ट्रॉफी प्रदान नहीं करें और एशियाई क्रिकेट परिषद के किसी अन्य अधिकारी को यह सम्मान प्रदान करने दें।
भारतीय पुरुष टीम के नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद इसे एसीसी के कार्यालय में रखा गया है। नकवी ने बाद में कहा था कि भारत एसीसी कार्यालय में आकर उनसे ट्रॉफी ले सकता है। इस गतिरोध को समाप्त करने का भी प्रयास किया गयाजिसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आईसीसी की बैठक के दौरान नकवी से मुलाकात की।
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सैकिया ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है लेकिन उस समय भी ट्रॉफी का मुद्दा नहीं सुलझ पाया था। इसके बाद नक़वी ने कहा कि भारत को उनसे ही ट्रॉफी लेनी होगी। फिलहाल सभी का ध्यान टूर्नामेंट पर केंद्रित है लेकिन अगर भारत चैंपियन बनता है तो यह मामला फिर से गर्मा सकता है।
Sri Lanka को नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा: कोच Pial Wijetunge का मानना
भारत के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार का पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा श्रीलंका को यह याद दिलाने के लिए काफी था कि गॉल का किला अब अभेद्य नहीं रहा। इससे यह सवाल भी पैदा हो गया कि आखिर उस टीम के साथ ऐसा क्या हो रहा है जिसका स्पिन गेंदबाजी कभी मजबूत पक्ष हुआ करता था और जिसके पास कभी मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे स्पिनर हुआ करते थे। गॉल में श्रीलंका को हराना किसी भी टीम के लिए सबसे कड़ी चुनौती रही है।
श्रीलंका ने इस मैदान पर खेले गए 50 टेस्ट मैच में से 27 मैच में जीत हासिल की है। लेकिन अब ऐसा नहीं लगता है। भारत से 165 रन की हार से एक साल पहले इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को हराकर क्लीन स्वीप किया था।
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कभी श्रीलंका का इस मैदान पर अपने स्पिन गेंदबाजों के दम पर दबदबा बना रहता था लेकिन अब लगता है कि उसके वह दिन लद चुके हैं। लेकिन श्रीलंका के ‘हाई परफार्मेंस सेंटर’ में स्पिन गेंदबाजी के कोच पियाल विजेतुंगे का मानना है कि उनकी टीम के पास पर्याप्त प्रतिभा है जो देश के गौरवशाली दिनों को लौटाने में सक्षम है। विजेतुंगे ने पीटीआई से कहा,‘‘मुरली और रंगना की जगह भरना आसान नहीं है।
उनका कोई सानी नहीं है। उनके अनुभव और कौशल की बराबरी आसानी से नहीं की जा सकती। इस तरह के गेंदबाज मिलना आसान नहीं होता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें अपने नए स्पिनरों पर भरोसा करना होगा, जिनके पास लंबे समय तक खेलने के लिए पर्याप्त प्रतिभा है।
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लगातार मैच खेलने से उनका प्रदर्शन बेहतर होता जाएगा।’’ श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में केशारा नुवांता को पदार्पण का मौका दिया और इस 25 वर्षीय ऑफ-स्पिनर ने मैच में चार विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विजेतुंगे का मानना था कि नुवांता में लंबे समय तक खेलने की पर्याप्त क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘‘वह विशिष्ट प्रतिभा का धनी है।
उसे धैर्य बनाए रखने और अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत है। उसने टेस्ट मैच से पहले अभ्यास मैच (एसएनएलसी इलेवन बनाम भारत) में अच्छा प्रदर्शन किया और उसे राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। वह लंबे कद का खिलाड़ी है और आसानी से ऑफ-स्पिन और टॉप-स्पिन कर सकता है।’’ विजेतुंगे ने कहा, ‘‘लेकिन अभी उसके करियर के शुरुआती दिन हैं और लगातार मैच खेलने से उसके प्रदर्शन में निखार आता जाएगा।’’ कुछ समय पहले तक श्रीलंका के पास लसिथ एम्बुलडेनिया और प्रवीण जयविक्रमा जैसे स्पिनरों की एक नई पीढ़ी थी।
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अब 27 वर्षीय जयविक्रमा ने 2021 और 2022 के बीच पांच टेस्ट मैच खेले और 25 विकेट लिए, जबकि अब 29 वर्षीय एम्बुलडेनिया ने 2019 और 2022 के बीच 17 टेस्ट मैच खेले और 71 विकेट हासिल किए। इन दोनों ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पिछले चार वर्षों में विभिन्न कारणों से उन्हें दरकिनार कर दिया गया है। हालांकि विजेतुंगे ने उम्मीद नहीं छोड़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनके लिए दरवाजे बंद हैं। अगर वे घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो टीम में जगह बना सकते हैं।’’ विजेतुंगे ने कहा, ‘‘हमारे पास कई उभरते हुए स्पिन गेंदबाज हैं जिनमें त्रावीन मैथ्यू, विश्व लाहिरू, वानूजा साहन, आकाश विग्नेशवरन आदि शामिल हैं। हमें उनसे काफी उम्मीद है।
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