Responsive Scrollable Menu

SC: स्कूलों में खेल शिक्षा को अनिवार्य करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में बच्चों के खेल और शारीरिक शिक्षा से जुड़े एक अहम मामले पर सुनवाई हुई. याचिका में मांग की गई है कि खेल और फिजिकल लिटरेसी यानी शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाए. इसके साथ ही देशभर के स्कूलों में खेल शिक्षा को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की मांग भी की गई है.

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की. सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन एमिकस क्यूरी के तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे थे. उन्होंने बताया कि याचिका में खेल के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने समेत कई मांगें रखी गई हैं. सुनवाई के दौरान चार अर्जुन पुरस्कार विजेताओं की ओर से भी मामले में शामिल होने की बात सामने आई. उनके वकील ने बताया कि उनकी तरफ से इंप्लीडमेंट एप्लीकेशन दाखिल की गई है.

अदालत ने दो हफ्तों का दिया राज्यों को समय

कोर्ट ने इस मामले में पहले दाखिल की गई रिपोर्ट का भी जिक्र किया. एमिकस क्यूरी ने बताया कि 17 मार्च 2022 को एक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी. इस पर कोर्ट ने रिपोर्ट की सॉफ्ट कॉपी सभी राज्यों और मामले से जुड़े दूसरे पक्षों के वकीलों के साथ साझा करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी उसका रुख पूछा. कोर्ट ने जानना चाहा कि इस मांग पर केंद्र का क्या पक्ष है. केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज पेश हुए. उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से अभी इस मामले में जवाब दाखिल किया जाना बाकी है.

सुप्रीम कोर्ट ने की याचिका की सराहना

कोर्ट ने खेल को लेकर दायर इस याचिका की मांग को सराहनीय बताया. बेंच ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में बच्चे धीरे-धीरे मैदान और खेलों से दूर होते जा रहे हैं. बच्चों का ज्यादा समय डिजिटल गतिविधियों में बीत रहा है. ऐसे में स्कूलों में खेल को जरूरी जगह देना अहम है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर स्कूलों में खेल को अनिवार्य पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाता है तो यह बच्चों के लिए काफी जरूरी कदम होगा. सुनवाई के दौरान स्कूलों में खेल के मैदानों की जरूरत पर भी बात हुई. केंद्र की ओर से पेश ASG केएम नटराज ने भी माना कि स्कूलों में खेल और पर्याप्त मैदान होना जरूरी है.

स्कूलों में खेल शिक्षा को जरूरी करने की मांग

इस मामले का मूल सवाल यही है कि क्या बच्चों के लिए खेल को पढ़ाई की तरह ही जरूरी माना जाना चाहिए. याचिका में कहा गया है कि बच्चों का विकास केवल किताबों और कक्षा की पढ़ाई से नहीं होता. शारीरिक गतिविधियां भी उनके विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. खेल से बच्चों की फिटनेस बेहतर होती है और उनमें अनुशासन, टीम भावना और लगातार मेहनत करने की आदत विकसित होती है. इसके अलावा खेल बच्चों को मोबाइल और अन्य डिजिटल साधनों से कुछ समय दूर रखने में भी मदद कर सकते हैं.

22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी खेल के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने का कोई फैसला नहीं दिया है. फिलहाल कोर्ट ने मामले को आगे सुनने का फैसला किया है और सभी पक्षों से जरूरी सामग्री व जवाब मांगे हैं. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को तय की है. उस दिन केंद्र सरकार का रुख और मामले से जुड़े दूसरे पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण होंगी. इसके बाद कोर्ट इस बात पर आगे विचार कर सकता है कि स्कूलों में खेल शिक्षा को किस तरह जरूरी बनाया जा सकता है और बच्चों के खेल से जुड़े अधिकार को कानूनी तौर पर किस रूप में देखा जाए.

Continue reading on the app

पॉलिटिकल साइंस की नई किताबों पर बड़ा अपडेट, NCERT ने बनाई 20 सदस्यीय कमेटी, RSS का बड़ा रोल

NCERT: एनसीईआरटी ने 11वीं और 12वींम कक्षा के लिए पॉलिटिकल साइंस की किताबों को तैयार करने के लिए नई टीम बनाई गई है. इसमें यूनिवर्सिटी के एकेडमिक्स, स्कूल टीचर्स और NCERT के फैकलटी मैंबर्स शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि दोनों में से पहली किताब नवंबर के महीने तक तैयार कर दी जाएगी. किताब के लिए 20 सदस्यों की नई टीम का ऐलान हुआ है, जिसमें JNU, दिल्ली यूनिवर्सिटी, इग्नू, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी और उत्कल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी मैंबर्स, स्कूल टीचर्स और NCERT के एकेडमिक्स शामिल हैं. इस टीम में कम से कम चार लोग RSS या बीजेपी संगठनों से जुड़े हुए भी हो सकते हैं.

RSS या बीजेपी का संबंध किससे?

एबीवीपी की पूर्व राष्ट्रीय सचिव और JNU प्रोफेसर वंदना मिश्रा और शिक्षाविद यदुनाथ देशपांडे, जो ABVP में संगठनात्मक पद पर रह चुके हैं और बीजेपी के राजनीतिक सलाहकार भी हैं. टीम में पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के प्रशांत दिवेकर और जेएनयू के एकेडमिक रवि रमेशचंद्र शुक्ला भी शामिल हैं. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप द्वारा प्रकाशित जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड से जुड़े रहने वाले  रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी भी कमेटी में है.

ये भी पढ़ें- NTA पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का एक्शन, Re-NET के केस में 50 कर्मियों को हटाया, सख्त निर्देश दिए

इस पैनल में जेएनयू से प्रकाश कांडपाल और रवि शुक्ला, NLU दिल्ली की निधि गुप्ता, चाणक्य यूनिवर्सिटी के चेतन सिंघई, दिल्ली यूनिवर्सिटी से सुकांक्षिका वत्सा और इग्नू से सतीश कुमार जैसे अन्य लोग भी शामिल किए हैं. यह पैनल काफी बड़ा है. 

इंडियन नॉलेज सिस्टम को बढ़ावा देंगी नई किताबें

बुक्स में इंडियन नॉलेज सिस्टम पर जोर देने की बात कही है. नई टीम को किताबों में भारतीय संस्कृति और नॉलेज सिस्टम से जुड़ी बातों पर महत्व देने के लिए कहा गया है. इसके लिए टीम को NCERT के उन विभागों से भी सलाह-मशवरा करने के लिए कहा है जो इंडियन नॉलेज सिस्टम, सोशल साइंस, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और नई शिक्षण पद्धतियों पर काम कर रहे हैं. इन किताबों के अध्याय पूरे होने के बाद टेक्सटबुक कोर ग्रुप इनकी समीक्षा करेगा. समीक्षा के जरिए देखा जाएगा कि भारतीय ज्ञान और संस्कृति से जुड़ाव जैसी चीजें किताबों में है या नहीं.

कब तक तैयार होंगी किताबें?

नई टीम के हेड निट्टे यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संदीप शास्त्री हैं और डॉ. वंथांगपुई खोबुंग सदस्य और डॉक्टर सुभाष सिंह समन्वयक हैं. क्लास 11 की पॉलिटिकल साइंस की किताब 30 नवंबर 2026 तक तैयार होने का दावा किया जा रहा है और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की किताब 30 जुलाई 2027 तक तैयार हो सकती है.

किताबों में क्या बदलाव हो सकते हैं?

पुरानी किताबों की तुलना में नई किताबों में छात्रों को भारतीय संविधान, लोकतंत्र, भारतीय राजनीतिक परंपराओं, स्थानीय शासन, भारतीय विचारकों और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों की अधिक जानकारी मिलने की बात बताई जा रही है. हालांकि, अब तक इसकी कोई आधिकारीक पुष्टि नहीं हुई है.

ये भी पढ़ें- BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, 32,388 शिक्षक पदों पर होगी भर्ती; 1 सितंबर से आवेदन

Continue reading on the app

  Sports

युवराज-भज्जी संग शेयर किया ड्रेसिंग रूम… भारत के लिए खेलने का सपना रहा अधूरा, 35 की उम्र में छोड़ा क्रिकेट

Gitansh Khera: पंजाब के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज गीतांश खेड़ा ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर किया. Fri, 21 Aug 2026 13:29:44 +0530

  Videos
See all

Rahul Gandhi: थाने के बाहर कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन! Breaking News| Zee| Congress #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-21T08:15:13+00:00

Rahul Gandhi Protest : थाने में राहुल का नया ड्रामा! | Congress | BJP | Delhi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-21T08:15:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers