Rajasthan Congress ने पंचायत चुनाव के लिए बनाई Task Force, 50% युवाओं को मिलेगा अवसर
कांग्रेस ने बुधवार को राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के लिए ‘पंचायत चुनाव कार्यबल’ का गठन किया जिसका उद्देश्य चुनाव लड़ने के इच्छुक युवाओं की पहचान कर उन्हें पार्टी संगठन से जोड़ना है। यहां कांग्रेस के ‘वॉर रूम’ में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने इस पहल की शुरुआत की। इसके तहत युवा कांग्रेस के दल(टीम) प्रदेशभर में जाकर जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर संभावित युवा उम्मीदवारों की पहचान करेंगे तथा उनका विवरण प्रदेश कांग्रेस समिति (पीसीसी) को भेजेंगे।
ओझा ने कहा कि राजस्थान में शुरू की गई यह पहल खासतौर पर 39 वर्ष से कम उम्र के उन युवाओं पर केंद्रित होगी, जो फिलहाल कांग्रेस संगठन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन संविधान में विश्वास रखते हैं और चुनावी राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक जिलों का दौरा कर ऐसे दावेदारों की पहचान करेंगे तथा उन्हें चुनाव के लिए प्रशिक्षित और तैयार करेंगे। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि कार्यबल उम्मीदवारों का चयन या टिकट तय नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कार्यबल युवा दावेदारों की पहचान करेगा, उन्हें संगठन से जोड़ेगा और चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। टिकट पर अंतिम फैसला पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगा।’’ उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन में जमीनी स्तर पर समर्थन, संगठन में सक्रियता और चुनाव जीतने की क्षमता जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। डोटासरा ने कहा कि आगामी स्थानीय चुनावों में पार्टी 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व युवाओं को देने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को भी अवसर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का कोई बाध्यकारी फार्मूला नहीं होगा और आवश्यकता के अनुसार अनुभवी उम्मीदवारों को भी मौका दिया जाएगा।
Delhi DTC बेड़े में शामिल हुईं 200 नई Electric Buses, कुल संख्या 6,800 पहुंची
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को 200 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों के बेड़े में, बसों की संख्या लगभग 6,800 हो गई है। इन नई 200 बसों में से 56 ‘लेडीज़ स्पेशल’ बस हैं।
गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, आज शुरू की गई सभी पहल में से, महिला ‘लेडीज़ स्पेशल’ बसें मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से और सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। मुझे अपने छात्र दिनों के दौरान कॉलेज और घर जाने के लिए विश्वविद्यालय की विशेष बसों का उपयोग करना याद है, लेकिन पिछले 28 वर्षों से ये बसें उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने कहा कि इन नई बसों के शामिल होने से दिल्ली के बस बेड़े में कुल पांच हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें हो गई हैं जबकि शेष बसें सीएनजी की हैं।
गुप्ता ने कहा कि देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली में हैं। संधू ने कहा कि ‘लेडीज़ स्पेशल’ बसें परिवहन का एक सुरक्षित साधन हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली में 200 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत और राजघाट डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
ये पहल राजधानी में स्वच्छ, हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करेंगी, साथ ही वाहन प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेंगी। योजना के तहत, डीटीसी 15 उच्च-मांग वाले मार्गों पर ‘लेडीज़ स्पेशल’ बसों के 30 फेरे लगवाएगी और 13 मार्गों पर विश्वविद्यालय ‘लेडीज़ स्पेशल’ (यू-स्पेशल) बसों के 26 चक्कर लगवाएगी। गुप्ता ने कहा, ये बस सेवाएं नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख रोजगार, शैक्षिक और संस्थागत केंद्रों तक कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी।
यू-स्पेशल सेवाएं हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, श्री राम कॉलेज, एलएसआर, गार्गी कॉलेज और हंसराज कॉलेज सहित दिल्ली विश्वविद्यालय के कई प्रमुख संस्थानों में छात्राओं के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। शहर के इलेक्ट्रिक परिवहन तंत्र को मजबूत करने के प्रयासों के तहत, गुप्ता ने राजघाट डिपो- एक में एक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया। उन्होंने कहा, हम न केवल ईवी चार्जिंग अवसंरचना बना रहे हैं बल्कि ईवी नीति के तहत सब्सिडी भी दे रहे हैं।
सरकार ने दिल्ली-करनाल मार्ग पर पांच पूरी तरह से इलेक्ट्रिक, वातानुकूलित अंतरराज्यीय बसें भी शुरू कीं। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर लेडीज स्पेशल बस सेवा महिलाओं के लिए एक विशेष उपहार है। उन्होंने कहा कि इस पहल ने महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









