Kerala High Court ने शिक्षक के निलंबन पर रोक लगाई, Savarkar क्विज से जुड़ा है विवाद
केरल उच्च न्यायालय ने एक प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता में हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर से जुड़ा ‘गलत सवाल’ रखने की वजह से एक सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षक को निलंबित करने के निर्णय पर बुधवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति विजू अब्राहम ने कहा कि शिक्षक गुरुप्रसाद राय के. पर लगे आरोपों की प्रकृति पर संज्ञान लेने पर प्रतीत होता है कि उनके खिलाफ जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित रखने की जरूरत नहीं है। अदालत ने साथ ही कहा कि राय पर लगे आरोपों पर संज्ञान लेते हुए उसका मानना है कि जांच जारी रहेगी।
पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (राय) पर लगाए गए आरोपों पर संज्ञान लेते हुए, मेरी राय है कि शुरू की गई जांच जारी रह सकती है, लेकिन साथ ही, मेरा मानना है कि उन पर लगाए गए आरोपों की प्रकृति के मद्देनजर उचित जांच के लिए याचिकाकर्ता का निलंबन जारी रखने की जरूरत नहीं है।’’ न्यायमूर्ति अब्राहम ने कहा, ‘‘उपरोक्त चर्चा के मद्देनजर मैं निलंबन आदेश पर एक महीने के लिए रोक लगाने वाला अंतरिम आदेश देने का इच्छुक हूं।’’ इसी के साथ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। यह विवादित सवाल उस प्रश्नावली में शामिल था जिसे कुंबला और मंजेश्वर उप जिलों के तहत संचालित निम्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए छह अगस्त को आयोजित ‘स्कूल-स्तरीय सामाजिक विज्ञान स्वतंत्रता प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता-2026’ के लिए तैयार किया गया था।
Manipur में 20 से 22 अगस्त तक बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज, सरकार ने जारी किया आदेश
मणिपुर सरकार ने राज्य में ‘‘कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति’’ का हवाला देते हुए बुधवार को घोषणा की कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 20 से 22 अगस्त तक बंद रहेंगे। राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया, ‘‘राज्य में कानून और व्यवस्था की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, मणिपुर के राज्यपाल द्वारा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या अन्य से संबद्ध; सरकारी, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त क्षेत्रों के तहत आने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षा संस्थानों/स्कूलों को 20 अगस्त से 22 अगस्त तक बंद रखने की घोषणा की जाती है।’’ इस बीच, राज्य में जनगणना प्रक्रिया आयोजित करने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन करने की मांग को लेकर ‘कैम्पेन फॉर जस्ट एंड फेयर डीलिमिटेशन’ (जेएफडी) द्वारा आहूत 48 घंटे की आम हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के पुतले जलाए और मणिपुर के घाटी जिलों के विभिन्न हिस्सों में रैलियां निकालीं। जेएफडी ने अपने आंदोलन के तहत बृहस्पतिवार से सभी सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का भी ऐलान किया है।
इंफाल पूर्व जिले के खुरई लामलोंग में प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम के पुतले जलाए।
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