Responsive Scrollable Menu

‘आवाज उठाइए, लेकिन संस्कार मत छोड़िए’… जंतर-मंतर विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान

कटनी दौरे पर पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान इस्तेमाल होने वाली भाषा हमेशा शालीन और सम्मानजनक होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

देश में हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z प्रदर्शन को लेकर लगातार बहस चल रही है। इसी बीच कटनी पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत विचारों की आजादी है, लेकिन इस आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति, परिवार या महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है।

कटनी दौरे पर क्या बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

कटनी के कुठला क्षेत्र में अपने शिष्यों द्वारा बनवाए गए बागेश्वर बालाजी के नवनिर्मित मठ में पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है। यहां हर नागरिक को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार मिला है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि विरोध के दौरान मर्यादा का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य अपनी बात लोगों तक पहुंचाना होता है। यदि प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है तो लोगों का ध्यान असली मुद्दे से हट जाता है और पूरा आंदोलन विवादों में घिर जाता है। इसलिए विरोध हमेशा शांति और सम्मान के साथ होना चाहिए।

भारत की संस्कृति सम्मान सिखाती है

कटनी में दिए गए अपने संबोधन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारतीय संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल लोकतंत्र से नहीं, बल्कि यहां की सभ्यता, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों से भी होती है।

उन्होंने कहा कि दुनिया भारत को एक ऐसे देश के रूप में देखती है जहां अलग-अलग विचार होने के बावजूद लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने व्यवहार से देश की छवि मजबूत करे। उनका कहना था कि विचारों का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाना भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं है।

Continue reading on the app

सावन के पहले सोमवार पर महाकाल और ओंकारेश्वर में उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़, भस्म आरती के साथ शुरू हुई शिव आराधना

सावन के पहले सोमवार पर मध्य प्रदेश के दोनों प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्म आरती के बाद दर्शन जारी हैं, जबकि ओंकारेश्वर में दिनभर होने वाले धार्मिक आयोजनों के लिए मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं।

दरअसल सावन का हर सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। वहीं इसी वजह से मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से श्रद्धालु उज्जैन और ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं। महाकाल मंदिर में देर रात से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुबह भस्म आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का क्रम शुरू किया गया। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग, अतिरिक्त सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं बढ़ा दी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद शुरू हुए दर्शन

दरअसल उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। आरती से पहले मंदिर के पट खोले गए और विधि-विधान से भगवान का अभिषेक किया गया। पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, चंदन, भांग, फूल और विशेष आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद कर्पूर आरती और नैवेद्य अर्पित किया गया। भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु रात से ही मंदिर परिसर पहुंचने लगे थे। आरती के बाद अब सामान्य दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं और श्रद्धालु जलाभिषेक कर भगवान का आशीर्वाद ले रहे हैं। मंदिर प्रशासन लगातार भीड़ की निगरानी कर रहा है और श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रवेश मार्ग तथा सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है।

ओंकारेश्वर में दोपहर बाद निकलेगी पारंपरिक सवारी

वहीं खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में भी सावन के पहले सोमवार को लेकर सुबह से भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के मंदिरों में विशेष पूजन और जलाभिषेक का क्रम जारी है। दोपहर बाद दोनों मंदिरों से पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी, जिसके लिए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवारी प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगी, जहां श्रद्धालु पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ भगवान का स्वागत करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात व्यवस्था में भी जरूरी बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सावन के सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए हर व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्था का पालन करें, जिससे सभी भक्त आसानी से दर्शन और पूजन कर सकें। पूरे क्षेत्र में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना हुआ है और दिनभर धार्मिक आयोजन जारी रहने की संभावना है।

Continue reading on the app

  Sports

ग्लासगो से विदाई, अब अहमदाबाद की तैयारी… 39 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत, इन 6 खेलों के बिना कैसे हुआ ये मैजिक?

Commonwealth Games 2026 का 2 अगस्त को समापन हो गया. अब अगली बारी अहमदाबाद की है. भारत के लिए ग्लासगो में हुआ 23वां कॉमनवेल्थ गेम्स कई मायनों में खास रहा. लेकिन, जो सबसे बड़ी बात रही वो ये कि भारत ने उन 6 खेलों के बिना भी अपना डंका बजवाया, जो उसके लिए मेडल की गारंटी रहे हैं. भारत ने कैसे किया ये मैजिक, आइए जानते हैं Mon, 03 Aug 2026 07:49:09 +0530

  Videos
See all

Datia Election: दतिया में बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी आगे #bjp #madhyapradesh #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-03T04:13:23+00:00

Kerelam | लैंडस्लाइड से तबाही का मंजर! | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-03T04:13:38+00:00

आज से सावन महीने की शुरुआत | #shorts #shortvideo #shortsfeed #viral #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-03T04:13:34+00:00

BJP दफ्तर में जश्न की तैयारी, लड्डू बनने शुरू | #shorts #viralvideo #viralnews #byelection #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-03T04:15:20+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers