Deepanker Bhattacharya: शिक्षा और प्रश्न पत्र लीक के खिलाफ आंदोलन राष्ट्रव्यापी बना
पटना, दो अगस्त भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-मार्क्सवादी लेनिनवादी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार, प्रश्न पत्र लीक और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जारी आंदोलन अब केवल ‘जेन-जेड’ तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें अब स्कूली छात्र भी शामिल होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भट्टाचार्य ने यहां आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार, फीस बढ़ोतरी, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमलों और छात्र आंदोलनों के कथित दमन के खिलाफ जारी अभियान अब देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी शामिल है। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों का यह आंदोलन अब सिर्फ जेन-जेड तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें ‘जेनरेशन अल्फा’ भी शामिल हो गई है।
अब स्कूली छात्र भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।” ‘जेन-जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है, जिसका जन्म वर्ष 1997 से 2012 के बीच हुआ है। वहीं, ‘जेनरेशन अल्फा’ में 2010 से 2024 के बीच जन्मे बच्चों को शामिल किया जाता है हालांकि इसकी समय-सीमा को लेकर अलग-अलग मत भी हैं। भट्टाचार्य ने दिल्ली में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के बाद अब गृह मंत्री की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों से जुड़े मामलों को वापस लेने की घोषणा के बावजूद सभी मुकदमे वापस नहीं लिए जा रहे हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि यह लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार विद्यार्थियों के विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है।
भाकपा माले के महासचिव ने कहा कि देशव्यापी छात्र आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश नाकाम होगी। भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हाल में जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने (मोदी ने) छात्रों को ‘माफ करने’ की बात कही थी लेकिन यह माफी की आड़ में छात्राओं के खिलाफ रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देने की कोशिश दिखाई देती है।
Barnala में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे, कांग्रेस में कलह
बरनाला, दो अगस्त कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कोशिश के बावजूद पार्टी की पंजाब इकाई में अंदरूनी कलह थम नहीं रही है तथा रविवार को यहां एक कार्यक्रम में पंजाब मामलों के प्रभारी पार्टी महासचिव भूपेश बघेल की मौजूदगी में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने नारेबाज़ी की। कांग्रेस अगले साल के आरंभ में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार की तैयारी में जुटी है लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में चन्नी के समर्थक लगातार नारेबाज़ी कर रहे हैं। शनिवार को पटियाला और संगरूर में ‘हर बूथ कांग्रेस मज़बूत’ कार्यक्रमों में चन्नी के समर्थन में नारे लगाने के कारण व्यवधान पैदा हुआ।
रविवार को बरनाला में कार्यक्रम के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह चन्नी के समर्थन में नारे लगाने लगा, जिससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम में रुकावट आई। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने उनसे बैठक होने देने की अपील की। उन्होंने उनसे कहा, ‘कोई नारा नहीं।’ नाराज़ नेताओं को शांत करने के लिए बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों मंच से नीचे उतरे।
बिना किसी का नाम लिए ढिल्लों ने कहा, ‘‘इस राज्य में पांच- सात ऐसे नेता हैं जो दिल्ली में बातें करते हैं और अपनी कहानियां बनाते हैं। दिल्ली में इंदिरा भवन में बैठकर वे कांग्रेस को मज़बूत करने की बातें करते हैं। फिर वे वापस आकर (राज्य में) दूसरों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं।
हमें ऐसे लोगों से सावधान रहने की ज़रूरत है।’’ पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना ने कहा कि जो लोग जानबूझकर पार्टी का माहौल खराब करते हैं, उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,‘‘अगर किसी को कोई समस्या है, तो उसे आलाकमान के सामने बताना चाहिए।’’ पार्टी नेतृत्व के बार-बार यह कहने के बावजूद कि 2027 के पंजाब चुनाव से पहले संगठन की एकता को मज़बूत करने की कोशिशें चल रही हैं, प्रदेश पार्टी इकाई गुटबाज़ी से जूझ रही है। यह अंदरूनी कलह तब सामने आई जब कांग्रेस आलाकमान ने एक जुलाई को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश इकाई का प्रमुख बनाए रखने और जालंधर के सांसद चन्नी को अपनी चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फ़ैसला किया।
प्रदेश में नेतृत्व को लेकर खींचतान बढ़ने के बीच, भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस आलाकमान ही पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और मंत्रियों के बारे में फ़ैसला करेगा। बघेल ने शुक्रवार को पार्टी की पंजाब इकाई में गुटबाज़ी की बात को खारिज कर दिया था। उन्होंने आज चेतावनी दी कि जो कोई भी अनुशासनहीनता करेगा, उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
शनिवार को चन्नी ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बैठकों के दौरान अनुशासन बनाए रखें और ऐसी नारेबाजी से बचें जिससे पार्टी के भीतर मतभेद पैदा हो सकते हैं। बघेल इन दिनों पंजाब की यात्रा पर हैं।
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