Barnala में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे, कांग्रेस में कलह
बरनाला, दो अगस्त कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कोशिश के बावजूद पार्टी की पंजाब इकाई में अंदरूनी कलह थम नहीं रही है तथा रविवार को यहां एक कार्यक्रम में पंजाब मामलों के प्रभारी पार्टी महासचिव भूपेश बघेल की मौजूदगी में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने नारेबाज़ी की। कांग्रेस अगले साल के आरंभ में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार की तैयारी में जुटी है लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में चन्नी के समर्थक लगातार नारेबाज़ी कर रहे हैं। शनिवार को पटियाला और संगरूर में ‘हर बूथ कांग्रेस मज़बूत’ कार्यक्रमों में चन्नी के समर्थन में नारे लगाने के कारण व्यवधान पैदा हुआ।
रविवार को बरनाला में कार्यक्रम के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह चन्नी के समर्थन में नारे लगाने लगा, जिससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम में रुकावट आई। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने उनसे बैठक होने देने की अपील की। उन्होंने उनसे कहा, ‘कोई नारा नहीं।’ नाराज़ नेताओं को शांत करने के लिए बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों मंच से नीचे उतरे।
बिना किसी का नाम लिए ढिल्लों ने कहा, ‘‘इस राज्य में पांच- सात ऐसे नेता हैं जो दिल्ली में बातें करते हैं और अपनी कहानियां बनाते हैं। दिल्ली में इंदिरा भवन में बैठकर वे कांग्रेस को मज़बूत करने की बातें करते हैं। फिर वे वापस आकर (राज्य में) दूसरों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं।
हमें ऐसे लोगों से सावधान रहने की ज़रूरत है।’’ पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना ने कहा कि जो लोग जानबूझकर पार्टी का माहौल खराब करते हैं, उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,‘‘अगर किसी को कोई समस्या है, तो उसे आलाकमान के सामने बताना चाहिए।’’ पार्टी नेतृत्व के बार-बार यह कहने के बावजूद कि 2027 के पंजाब चुनाव से पहले संगठन की एकता को मज़बूत करने की कोशिशें चल रही हैं, प्रदेश पार्टी इकाई गुटबाज़ी से जूझ रही है। यह अंदरूनी कलह तब सामने आई जब कांग्रेस आलाकमान ने एक जुलाई को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश इकाई का प्रमुख बनाए रखने और जालंधर के सांसद चन्नी को अपनी चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फ़ैसला किया।
प्रदेश में नेतृत्व को लेकर खींचतान बढ़ने के बीच, भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस आलाकमान ही पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और मंत्रियों के बारे में फ़ैसला करेगा। बघेल ने शुक्रवार को पार्टी की पंजाब इकाई में गुटबाज़ी की बात को खारिज कर दिया था। उन्होंने आज चेतावनी दी कि जो कोई भी अनुशासनहीनता करेगा, उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
शनिवार को चन्नी ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बैठकों के दौरान अनुशासन बनाए रखें और ऐसी नारेबाजी से बचें जिससे पार्टी के भीतर मतभेद पैदा हो सकते हैं। बघेल इन दिनों पंजाब की यात्रा पर हैं।
पंजाब Monsoon सत्र आज से, हंगामेदार रहने के आसार
चंडीगढ़, दो अगस्त पंजाब विधानसभा के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत विपक्षी दल कानून-व्यवस्था, बढ़ते कर्ज और कथित प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। विधानसभा में बेअदबी रोधी कानून का मुद्दा भी विपक्ष द्वारा उठाए जाने की संभावना है।
विधानसभा का यह सत्र 10 अगस्त तक चलेगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र की शुरुआत पिछले सत्र की समाप्ति से लेकर मौजूदा सत्र शुरू होने तक दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। विधानसभा में चार, पांच, सात और 10 अगस्त को विधायी कार्य होंगे, जबकि छह अगस्त को गैर-सरकारी कामकाज होगा।
आठ और नौ अगस्त को अवकाश रहेगा। सत्र के दौरान सरकार निजी स्कूल की फीस को विनियमित करने के उद्देश्य से पंजाब गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान शुल्क विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेगी। सरकार पहले ही निजी स्कूल की वार्षिक फीस वृद्धि की सीमा पांच प्रतिशत तय करने का फैसला कर चुकी है।
साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि किसी स्कूल ने पिछले तीन वर्षों में 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है तो 15 प्रतिशत से अधिक वसूली गई राशि अभिभावकों को लौटानी होगी। सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था से पंजाब के 7,800 से अधिक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि वह विधानसभा में कानून-व्यवस्था की कथित बिगड़ती स्थिति, कथित प्रश्नपत्र लीक, बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज और सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते का मुद्दा उठाएंगे।
अयाली ने कहा, ‘‘हम विधानसभा में राज्य से जुड़े सभी मौजूदा मुद्दे उठाएंगे।’’ हाल ही में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित नकल गिरोह का खुलासा होने के बाद विपक्ष पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान हुए कथित प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर ‘आप’ सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना था कि उनके कार्यकाल में राज्य में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। विपक्ष 22 जुलाई को बरनाला में हुई घटना को लेकर भी मान सरकार को घेर रहा है।
इस घटना में पुलिस ने सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया था। आरोप है कि सफाई अभियान रोकने की कोशिश में कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कूड़े के थैले फेंके थे। बेअदबी रोधी कानून का मुद्दा भी विधानसभा में प्रमुखता से उठ सकता है।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से संबंधित बेअदबी-रोधी कानून को लेकर पंजाब सरकार के जवाब को बृहस्पतिवार को ‘असंतोषजनक’ करार देते हुए खारिज कर दिया और इस मुद्दे पर ‘आप’ सरकार से बातचीत के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।
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