IIT अध्ययन: वायु प्रदूषण से Delhi स्थित हुमायूं के मकबरे का हो रहा है क्षरण
नयी दिल्ली, दो अगस्त रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-रुड़की) और आईआईटी-कानपुर के संयुक्त अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली स्थित हुमायूं के मकबरे पर लगे बलुआ पत्थर के क्षरण की गति बढ़ रही है। यह मकबरा यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल है। ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आर्किटेक्चरल हेरिटेज’ में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, अध्ययन के दौरान हुमायूं के मकबरे के विभिन्न हिस्सों से एकत्र किए गए काले परत के नमूनों की रासायनिक संरचना, खनिज सामग्री और सूक्ष्म संरचना का विश्लेषण करने के लिए प्रयोगशाला तकनीकों का उपयोग किया गया।
अनुसंधान टीम ने पाया कि काली परत मुख्य रूप से जिप्सम से बनी होती है और प्रदूषित हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड, कैल्शियम से भरपूर धूल और नमी के साथ प्रतिक्रिया करने पर बनती है। अध्ययन के मुताबिक जिप्सम की परत गाड़ियों के धुएं, निर्माण कार्यों, सड़क की धूल, कृषि अपशिष्ट के जलाने और औद्योगिक प्रदूषण से निकलने वाली कालिख, धूल और धातु के बारीक कणों को रोक लेती है, जिससे धीरे-धीरे बलुआ पत्थर पर एक काली परत बन जाती है। अध्ययन में सामने आया कि स्मारक के बारिश से बचे हिस्सों में सबसे मोटी काली परत बन गई, जहां लंबे समय तक प्रदूषक जमा होते रहते हैं, जबकि ज़्यादा खुली सतहों पर परतें अपेक्षाकृत पतली थीं क्योंकि बारिश स्वाभाविक रूप से कुछ प्रदूषकों को धो देती है।
अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक काली परत केवल सतह पर लगा दाग नहीं है। इस परत को बनाने वाली रसायनिक प्रतिक्रिया धीरे-धीरे बलुआ पत्थर को कमज़ोर कर देती हैं, जिससे वह मौसम की मार और लंबे समय में होने वाले नुकसान के प्रति ज़्यादा संवेदनशील हो जाता है। उन्होंने कहा कि अध्ययन के नतीजों से वैज्ञानिक रूप से साबित होता है कि वायु प्रदूषण का संबंध हुमायूं के मकबरे के क्षरण से है और इससे अधिकारियों को इस स्मारक के संरक्षण के उपाय करने में मदद मिल सकती है।
अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि वैज्ञानिक रूप से परखे गए संरक्षण के तरीकों का इस्तेमाल करके समय-समय पर काली परत को हटाया जाए, स्मारक के आस-पास प्रदूषण की लगातार निगरानी की जाए और सुरक्षात्मक परत के इस्तेमाल से पहले उनका आकलन किया जाए। इसमें नुकसानदायक जमाव को बनने से रोकने के लिए स्वच्छ परिवहन प्रणाली और कम उत्सर्जन वाले ईंधन के जरिए प्रदूषण के स्रोत को भी सीमित करने का सुझाव दिया गया। यह मकबरा मुगल बादशाह हुमायूं की याद में 16वीं सदी में बेगा बेगम ने बनवाया था।
Commonwealth Games CWG 2022: नायब सिंह सैनी ने पदक विजेताओं की सराहना की
चंडीगढ़, दो अगस्त ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार को भारत के शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पदक विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है। शनिवार को मुक्केबाजों ने रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा, जबकि जूडो खिलाड़ियों और पैरा ट्रैक एवं फील्ड एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।
शनिवार को मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में से छह हरियाणा के थे। इनमें प्रिया घंघास (60 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), अंकुश पंघाल (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), जैसमीन लम्बोरिया (57 किग्रा) और प्रीति पवार (54 किग्रा) शामिल हैं। पंजाब के कोटकपूरा में एक कार्यक्रम के दौरान सैनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हरियाणा सहित भारतीय खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है।
हरियाणा के खिलाड़ियों की सफलता राज्य की समृद्ध खेल परंपरा और भारतीय मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हैं और नशे से दूर रहते हैं, तो वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाते हैं।’’ सैनी ने हरियाणा के पदक विजेता मुक्केबाजों को बधाई देने के लिए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी कई पोस्ट किए। भिवानी की मुक्केबाज प्रीति और जैसमीन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ने अपने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और अनुशासन से देश को गौरवान्वित किया है। हिसार के अंकुश को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आपके धैर्य, आक्रामक खेल और शानदार तकनीक ने जीत के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाया है।
यह सफलता भारतीय मुक्केबाजी की समृद्ध परंपरा और हरियाणा की खेल संस्कृति का गौरवपूर्ण प्रतीक है।’’ भिवानी के सचिन की प्रशंसा करते हुए सैनी ने कहा, ‘‘चुनौती चाहे कितनी भी कठिन रही हो, आपने अपने कौशल और जुझारू जज्बे से हर राउंड में चैंपियन की पहचान स्थापित की। आपकी जीत हरियाणा की समृद्ध खेल परंपरा और भारतीय मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत का शानदार प्रतीक है।’’ भिवानी की प्रिया के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘कड़े मुकाबलों के बीच आपके साहस, संयम और असाधारण कौशल ने स्वर्णिम सफलता का नया अध्याय लिखा है। रिंग में आपके प्रदर्शन ने भारतीय मुक्केबाजी की प्रतिष्ठा को और ऊंचा किया है तथा पूरे देश को गौरवान्वित किया है।’’ शनिवार शाम सैनी ने भिवानी की मुक्केबाज साक्षी को भी स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी थी।
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