Civil Aviation: अगले 10 साल में 31,800 पायलटों की जरूरत, AAI ने शुरू किया बड़ा मिशन! 7 एयरपोर्ट्स पर खुलेंगे 11 नए फ्लाइंग स्कूल
भारत में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर और पायलटों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने बड़ा कदम उठाया है। 7 एयरपोर्ट्स पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) स्थापित करने की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस पहल से देश में पायलट ट्रेनिंग की क्षमता बढ़ेगी, विदेशों पर निर्भरता घटेगी और क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
7 एयरपोर्ट्स पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की टेंडर प्रक्रिया पूरी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने देश में पायलट प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 7 एयरपोर्ट्स पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) स्थापित करने की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। AAI ने फरवरी 2026 में ई-टेंडर जारी किया था। इसके तहत तकनीकी बोलियां 30 अप्रैल 2026 को खोली गईं, जबकि वित्तीय बोलियां 22 मई 2026 को खोली गईं। प्राधिकरण के मुताबिक सभी साइट्स के लिए निविदा प्रक्रिया सफल रही है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश में तेजी से बढ़ रहे एविएशन सेक्टर को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पायलटों की आवश्यकता है। नए FTO शुरू होने से भारत में ही उच्च गुणवत्ता वाली फ्लाइंग ट्रेनिंग उपलब्ध होगी और छात्रों को विदेशों का रुख कम करना पड़ेगा।
अगले 10 वर्षों में 31 हजार से ज्यादा पायलटों की होगी जरूरत
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार आने वाले 10 वर्षों में देश को करीब 30,000 से 31,800 अतिरिक्त पायलटों की आवश्यकता होगी। इसकी बड़ी वजह घरेलू विमानन क्षेत्र का तेजी से विस्तार है। अगले पांच वर्षों में भारतीय एयरलाइंस अपने बेड़े में लगभग 500 नए विमान शामिल करेंगी। इसके साथ ही देशभर में 50 नए एयरपोर्ट भी विकसित किए जाने की योजना है।
हालांकि अप्रैल 2026 तक भारत में केवल 41 DGCA-स्वीकृत फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन थे, जो 63 फ्लाइंग बेस से संचालन कर रहे थे। AAI का मानना है कि यदि प्रशिक्षण क्षमता में समय रहते बढ़ोतरी नहीं की गई, तो भविष्य में पायलटों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर पैदा हो सकता है। इसी चुनौती को देखते हुए नए FTO स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
नए फ्लाइंग स्कूलों से बढ़ेगी ट्रेनिंग क्षमता, कम होगा खर्च
AAI के मुताबिक नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन शुरू होने के बाद शुरुआती चरण में 60 से 70 नए ट्रेनिंग विमान शामिल होंगे। सभी संस्थान पूरी क्षमता से संचालित होने पर यह संख्या 110 से 120 विमानों तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा आधुनिक फ्लाइट सिमुलेटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी।
शुरुआती दौर में इन संस्थानों के जरिए हर वर्ष 400 से 500 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरी क्षमता विकसित होने के बाद यह संख्या बढ़कर करीब 1500 प्रशिक्षुओं प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है, जिनमें 700 से 750 कैडेट पायलट शामिल होंगे।
Bhogapuram Airport: पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश में भोगपुरम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, जानें खासियतें
PM Modi Inaugurates Bhogapuram Airport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश में एक नए एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया है। विजयनगरम के भोगपुरम में स्थित 'अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट' को 4,727 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण रिकॉर्ड 31 महीनों में पूरा हुआ है।
इस एयरपोर्ट को पहले चरण में हर साल 60 लाख (6 मिलियन) यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके मास्टर प्लान के तहत भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर प्रति वर्ष 4 करोड़ (40 मिलियन) यात्रियों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पहले ही कहा था कि यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र क्षेत्र के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा और राज्य के एविएशन सेक्टर में नए युग की शुरुआत करेगा।
उद्घाटन का पूरा शेड्यूल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह करीब 11 बजे एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ इस सुविधा का निरीक्षण किया।
#WATCH | Prime Minister @narendramodi inaugurates the Alluri Sitarama Raju International Airport at Bhogapuram.
— DD News (@DDNewslive) August 1, 2026
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इसके बाद पीएम मोदी एक ओपन-टॉप वाहन में सवार होकर जनसभा स्थल की ओर गए, जहाँ 13,500 से अधिक आदिवासी महिलाओं और छात्रों ने पारंपरिक धिम्स नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी ने सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच जनसभा को संबोधित किया और दोपहर 1:10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए।
पैसेंजर कैपेसिटी और एयरपोर्ट की खासियतें
भोगपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरुआती चरण में हर साल 60 लाख यात्रियों को संभालेगा। बाद के चरणों में इसकी क्षमता को और अधिक बढ़ाया जाएगा। आपको बता दें कि इस एयरपोर्ट का विकास कुल तीन चरणों में किया जा रहा है।
ఆంధ్రప్రదేశ్లోని భోగాపురంలో అల్లూరి సీతారామరాజు అంతర్జాతీయ విమానాశ్రయం ప్రారంభించబడుతుంది. ఇది అనుసంధానం, వాణిజ్యం మరియు పర్యాటకాన్ని పెంపొందించే ఒక ఆధునిక, భవిష్యత్ తరహా విమానాశ్రయం. సుస్థిరత మరియు ఇంధన సామర్థ్య సూత్రాలను ఈ ప్రాజెక్టులో పొందుపరిచారు. pic.twitter.com/iFTdMk5g4r
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
इस एयरपोर्ट में 3,800 मीटर लंबा कोड 4ई रनवे बनाया गया है। इसके अलावा, यहां एक इंटीग्रेटेड पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं और आधुनिक एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर भी मौजूद है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों को संभालने में पूरी तरह सक्षम है।
क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने पहले इस एयरपोर्ट को उत्तर आंध्र और तेलुगु लोगों के लिए गर्व का विषय बताया था। उनका कहना है कि यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र के आर्थिक परिदृश्य को बदल देगा, जिससे नए अवसर पैदा होंगे और इस क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा।
यह एयरपोर्ट विश्व प्रसिद्ध अराकू कॉफी और अन्य पर्यटन स्थलों जैसे क्षेत्रीय आकर्षणों को भी बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को "विंग्स टू द ड्रीम्स ऑफ उत्तर आंध्र" (Wings to the Dreams of North Andhra) थीम के तहत एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है, ताकि यह एयरपोर्ट हर घर में चर्चा का विषय बने।
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