बारिश ने खोली बड़ी लापरवाही की पोल! पन्ना में भीगकर सड़ने लगा सरकारी धान, अनाज में उगे अंकुर
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से सरकारी अनाज की खराब व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर धान खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल धान लंबे समय से खुले आसमान के नीचे पड़ा रहा। लगातार बारिश होने से धान भीग गया और अब कई जगह उससे छोटे-छोटे पौधे तक निकल आए हैं। इस घटना ने सरकारी अनाज के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश ने उस लापरवाही को भी उजागर कर दिया है जो लंबे समय से अनदेखी की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर धान का सुरक्षित भंडारण कर दिया जाता तो इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी अनाज खराब नहीं होता। अब इस मामले में विभागीय जांच शुरू होने की बात कही जा रही है।
खुले में पड़ा धान बारिश में हुआ खराब
जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर धान खरीदी केंद्रों में खरीदा गया धान समय पर वेयरहाउस तक नहीं पहुंचाया गया। इस कारण हजारों क्विंटल धान खुले मैदान में ही पड़ा रहा। लगातार हो रही बारिश ने अनाज को पूरी तरह भिगो दिया और उसकी गुणवत्ता लगातार खराब होती चली गई।
धान के ढेरों की हालत देखकर साफ पता चलता है कि लंबे समय तक उनकी उचित देखभाल नहीं की गई। कई स्थानों पर पानी भरने और नमी बढ़ने से अनाज सड़ने लगा है। इससे सरकारी संपत्ति को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
धान के ढेरों से निकल आए पौधे
धान खरीदी केंद्रों पर सबसे हैरान करने वाली तस्वीर तब सामने आई जब कई ढेरों में अंकुरण शुरू हो गया। भीगे हुए धान से छोटे-छोटे पौधे निकल आए हैं। यह इस बात का संकेत है कि अनाज काफी समय से खुले में पड़ा रहा और उसे सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए।
धान का अंकुरित होना उसकी गुणवत्ता खराब होने का स्पष्ट संकेत माना जाता है। ऐसे अनाज का उपयोग पहले जैसा नहीं किया जा सकता। इससे सरकारी भंडारण व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
समय पर भंडारण नहीं होने से बढ़ी समस्या
सरकार हर साल किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदती है। इसके बाद संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है कि खरीदे गए धान को समय पर सुरक्षित वेयरहाउस में रखा जाए। लेकिन पन्ना जिले में यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से बारिश का पानी सीधे धान तक पहुंचा और नुकसान बढ़ता चला गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि धान का समय पर उठाव कर लिया जाता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। किसानों की मेहनत से तैयार हुआ अनाज अब खराब होता दिखाई दे रहा है। इससे सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी प्रभावित होता है।
खाद्य विभाग ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
विभाग का कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
सरकारी अनाज लंबे समय तक खुले में पड़े रहने और बारिश से खराब होने के कारण लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। यह अनाज किसानों से सरकारी धन से खरीदा गया था। ऐसे में इस नुकसान का असर सरकारी खजाने पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनाज का सुरक्षित भंडारण किसी भी खरीदी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि इसमें लापरवाही होती है तो नुकसान सिर्फ अनाज का नहीं बल्कि सरकारी संसाधनों और जनता के पैसे का भी होता है।
7 अगस्त को छिंदवाड़ा में ‘समाधान कार्यक्रम’, CM यादव करेंगे जनता की समस्याओं की सुनवाई
मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस अभियान के तहत पहला जिला स्तरीय कार्यक्रम छिंदवाड़ा में आयोजित किया जाने वाला है। इस समाधान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद सीएम हेल्पलाइन में दर्ज की गई शिकायतों की समीक्षा करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को देखते हुए सीएम कार्यालय की ओर से अफसर को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि शिकायत का समाधान केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर होना चाहिए ताकि जनता को न्याय मिल सके। बता दें कि समाधान दरबार लंबे समय से जनता की लंबित शिकायतों की सीधी समीक्षा करने, प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और मुख्य मामलों का निपटारा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
कब तक चुनी जाएगी शिकायत
लोक सेवा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव नीरज मंडलोई ने समाधान दरबार को लेकर छिंदवाड़ा कलेक्टर को निर्देश जारी कर दिए हैं। शिकायतें चुनने के लिए 3 अगस्त तक का समय तय किया गया है। अलग-अलग विभागों से जुड़ी 20 से 25 शिकायत 3 अगस्त तक तय की जाएगी। इन सभी की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद 5 अगस्त तक जिला कलेक्टर द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर उनके समाधान की रिपोर्ट अपलोड की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रथम जन-विश्वास दौरे पर शुक्रवार 7 अगस्त, 2026 को छिंदवाड़ा में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज चिन्हित शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के निराकरण… pic.twitter.com/ZrZ3lO9gx3
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) July 31, 2026
CM खुद करेंगे समाधान
इस समाधान दरबार के दौरान सबसे अहम शिकायतों की फाइल खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव खोलने वाले हैं। इस दौरान शिकायतकर्ता उनके सामने मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री पीड़ितों से सीधे बात करेंगे। मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से समाधान पूछा जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी।
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