Rekha Gupta शनिवार को दिल्ली में Delhi Lakshmi Yojana पोर्टल की करेंगी शुरुआत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपनी सरकार की ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के पोर्टल की औपचारिक शुरुआत शनिवार को करेंगी और इसी के साथ योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बायन में बताया कि गुप्ता सुबह 11 बजे गीता कॉलोनी स्थित जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के पोर्टल की शुरुआत करेंगी। इसमें कहा गया कि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
बयान के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं कुछ पात्र महिलाओं का पंजीकरण कराकर आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत करेंगी। इसके बाद अन्य पात्र महिलाओं के आवेदन भी पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाने शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन कर रक्षाबंधन के अवसर पर पहली किस्त जारी की जाए।
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने महिलाओं से किया गया अपना महत्वपूर्ण वादा अब धरातल पर उतार दिया है और ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देने वाली योजना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे 17 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
MEA का बयान: दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का भारत का निर्यात अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का भारत से होने वाला सारा निर्यात राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप है। मंत्रालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि गाजा में युद्ध अपराधों में इस्तेमाल होने के जोखिम के बावजूद नयी दिल्ली ने इजराइल को हथियारों की आपूर्ति जारी रखी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए एक मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा है।
हम अपने राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार विभिन्न देशों को दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों का निर्यात करते हैं।” एमनेस्टी इंटरनेशनल इजराइल को हथियारों और सैन्य साजो-सामान की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आपूर्ति, बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लगाने की लंबे समय से मांग करता आ रहा है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आरोप लगाया कि भारतीय कंपनियां इजराइल को हथियार या दोहरे इस्तेमाल वाली चीजें निर्यात करती रहीं, जबकि सार्वजनिक रूप से आगाह किया गया था कि इजराइली सेना गाजा में “मानवता के खिलाफ अपराधों” में इनका इस्तेमाल कर सकती है। मानवाधिकार निगरानी संस्था ने कहा था कि भारत और भारतीय कंपनियों को इजराइल को हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति तुरंत रोक देनी चाहिए।
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