Nuh में Brajmandal Yatra से पहले हाई अलर्ट, 3 अगस्त को बंद रहेंगे स्कूल
हरियाणा के नूंह जिले में तीन अगस्त को प्रस्तावित ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा से पहले जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शांतिपूर्ण यात्रा के लिए 800 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ विशेष सुरक्षाबलों की कंपनियां तैनात की गई हैं।
अधिकारी ने बताया कि तीन अगस्त को नूंह जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यात्रा के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए बृहस्पतिवार को उपायुक्त अखिल पिलानी और पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों, यात्रा आयोजकों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा जिला-स्तरीय समन्वय समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि यात्रा दोपहर के आसपास नल्हड़ शिव मंदिर से शुरू होगी और बड़कली चौक, फिरोजपुर झिरका तथा पुन: बड़कली चौक से होते हुए सिंगार गांव और पुनहाना पहुंचेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नगर परिषद, नगर समितियों तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल शौचालय, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा, ‘‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोल और डीजल की खुले में बिक्री, बिना अनुमति डीजे बजाने, भड़काऊ भाषण या गीतों के प्रसारण, खुले माइक्रोफोन के इस्तेमाल तथा किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र या धारदार हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।’’ उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर तीन अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे तथा यात्रा मार्ग पर स्थित शराब और मांस की दुकानें भी बंद रहेंगी।
पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन ने कहा कि यात्रा की सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों की सात कंपनियों के साथ हरियाणा पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 80 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर ड्रोन, वीडियो कैमरों और अन्य आधुनिक तकनीकों के जरिये चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। यात्रा के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि की रिकॉर्डिंग के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और निजी वीडियोग्राफरों को मार्ग पर तैनात किया जाएगा।
जैन ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भ्रामक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। कई संदिग्ध सोशल मीडिया खातों को बंद कराया गया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं।’’ उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में नूंह में ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पुलिसकर्मियों सहित 15 लोग घायल हुए थे।
Hyderabad में PM Narendra Modi पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर Meta India प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज
हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत पर कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और मेटा इंडिया के प्रमुख के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं। भाजपा की तेलंगाना इकाई की सोशल मीडिया कोर कमेटी के एक सदस्य की 29 जुलाई की शिकायत के बाद आईटी कानून और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ये मामले उन लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए, जिन्होंने पोस्ट किया और उन्होंने (सोशल मंचों ने) कैसे इसकी इजाज़त दी।’’ पहले मामले में, इंस्टाग्राम और फेसबुक उपयोगकर्ताओं तथा मेटा इंडिया के प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता ने कुछ ऐसे इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच की मांग की, जिनसे प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। शिकायत में कहा गया है कि इस सामग्री से देश की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ विमर्श को बढ़ावा मिलता प्रतीत होता है। भाजपा की तेलंगाना इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन वी सुभाष ने शुक्रवार को मांग की कि कॉजपा नीत नीट प्रश्नपत्र लीक आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने वाले अपमानजनक पोस्ट को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी कभी भी सुनियोजित तरीके से गाली-गलौज करने और किसी की छवि खराब करने का लाइसेंस नहीं बन सकती।’’ उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के केंद्र में एक ‘‘बुनियादी संवैधानिक सवाल’’ है - क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ बार-बार और संगठित सार्वजनिक अपमानजनक टिप्पणी अभिव्यक्ति की आज़ादी के दायरे में आता है या यह कानूनी कार्रवाई के लायक कदाचार है। सुभाष ने एक बयान में कहा कि संविधान आजादी की रक्षा करता है, लेकिन यह कानून तोड़ने को सही नहीं ठहराता। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ ज़िम्मेदारियां भी आती हैं और जब कानूनी सीमाओं का कथित तौर पर उल्लंघन होता है, तो जवाबदेही तय होती है।
इस बीच सोशल मीडिया कंपनी मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा, हम संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं और मामले को सुलझाने के लिए उनका सहयोग कर रहे हैं।
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