ईपीएफओ ने डिजिटल सेवाओं को बनाया और आसान, कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय डिजिटल सेवाएं: ईपीएफओ आयुक्त
नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने डिजिटल सेवाओं को और अधिक तेज, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए ईपीएफओ ऐप और पोर्टल के लॉन्च के साथ संगठन अब कर्मचारियों और नियोक्ताओं को विश्वस्तरीय सेवाएं देने की तैयारी में है। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) रमेश कृष्णमूर्ति ने शुक्रवार को कहा कि ईपीएफओ लगातार ऐसे सुधार लागू कर रहा है, जिससे सदस्यों का अनुभव बेहतर हो और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत बन सके।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (कमिश्नर) रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि सभी कर्मचारियों और नियोक्ताओं को ईपीएफओ से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ देश की सबसे मजबूत रिटायरमेंट और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है।
उन्होंने आगे कहा कि ईपीएफओ की नई योजनाएं और हालिया सुधार पूरी तरह सदस्यों को बेहतर और विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं। साथ ही, अब संगठन नियोक्ताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया को भी आसान बनाने पर काम कर रहा है। आने वाले समय में नियोक्ताओं और ईपीएफओ के बीच संवाद और प्रक्रियाएं पहले से कहीं अधिक सरल होंगी, जिससे दोनों पक्षों का संगठन पर भरोसा और मजबूत होगा।
रमेश कृष्णमूर्ति ने बताया कि ईपीएफओ ने लगभग सभी लंबित दावों का निपटारा कर दिया है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद अब करीब 90 प्रतिशत दावों का ऑटो-सेटलमेंट हो रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकांश सदस्यों के दावों का निपटारा अब उसी दिन या अधिकतम दो दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। इससे करोड़ों कर्मचारियों को क्लेम के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि ईपीएफओ डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है, और जल्द ही भीम ऐप के माध्यम से क्लेम सेटलमेंट की सुविधा शुरू की जाएगी।
इसके तहत ईपीएफ का क्लेम सीधे यूपीआई से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अगले एक महीने के भीतर लागू किए जाने की उम्मीद है, जिससे क्लेम भुगतान और अधिक तेज तथा सुविधाजनक हो जाएगा।
गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म आधारित कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के सवाल पर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संहिता में इसके लिए पहले से प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही सरकार इस संबंध में योजना घोषित करेगी, उसी समय यह भी तय किया जाएगा कि उसका क्रियान्वयन किस एजेंसी के माध्यम से होगा। यदि सरकार चाहे तो इस योजना को ईपीएफओ के जरिए भी लागू किया जा सकता है।
इस बीच, टैलेंट इंडिया ग्रुप के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शंकर कुमार ने चौथे ग्लोबल इंडस्ट्रियल रिलेशंस समिट के दौरान भारत श्रम सेतु प्लेटफॉर्म की जानकारी दी।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत श्रम सेतु एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो श्रमिक, ठेकेदार और नियोक्ता को एक ही पोर्टल पर जोड़ता है। यह प्लेटफॉर्म श्रमिकों की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को आसान बनाता है और पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस एवं डिजिटल स्वरूप देता है।
शंकर कुमार ने बताया कि अब तक अधिकांश वर्कफोर्स मैनेजमेंट सिस्टम नियोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, लेकिन भारत श्रम सेतु का उद्देश्य श्रमिकों, ठेकेदारों और कंपनियों, तीनों के लिए एक समान और पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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CM धामी ने NDRF बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय गदरपुर-रुद्रपुर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बटालियन, गदरपुर का दौरा किया. इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की.
राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है. ऐसे में एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं की भूमिका जनजीवन की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री श्री धामी ने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ के जवान पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मानव जीवन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं. उनका अनुशासन, दक्षता और सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है.
सुरक्षित भविष्य की आधारशिला
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण भी किया. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है.
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें. इस अवसर पर एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बटालियन की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आपदा राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी.
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कमांडेंट संतोष कुमार, सीएमओ परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट, राजेंद्र जोशी, अवनीश पुरोहित, मनोज जोशी, जवान आदि उपस्थित थे.
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