सीएम धामी ने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण, पार्किंग एवं आधारभूत विकास परियोजनाओं की दी सौगात
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उधम सिंह नगर जनपद भ्रमण के दौरान रुद्रपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम में भाग लिया. उन्होंने महान स्वाधीनता सेनानी और अमर क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी 9 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया. लगभग 40 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई यह प्रतिमा शहीद के अदम्य साहस और देशभक्ति की याद दिलाती है. मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए देश के इस महान सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके राष्ट्रहित में दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया.
देशभक्ति और आत्मसम्मान का अमर प्रतीक हैं शहीद ऊधम सिंह
प्रतिमा अनावरण के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं है, बल्कि वह देशभक्ति, आत्मसम्मान और अन्याय के खिलाफ बिना डरे संघर्ष करने का एक अमर प्रतीक है. उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग के मुख्य दोषी को उसके किए की सजा देकर शहीद ऊधम सिंह ने भारत माता के स्वाभिमान की रक्षा की थी. उनका यह महान बलिदान आने वाली हर पीढ़ी को देश की सेवा और राष्ट्रहित के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम करने की लगातार प्रेरणा देता रहेगा.
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट को मिली आधुनिक पार्किंग और सौंदर्यीकरण की सौगात
शहीद को श्रद्धांजलि देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर क्षेत्र की जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उपहार भी दिया. उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में 120.18 लाख रुपये की लागत से बने नए पार्किंग स्थल, लैंडस्केपिंग और जल निकासी के लिए बनाए गए ड्रेन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया. इस नई व्यवस्था से कलेक्ट्रेट आने वाले आम लोगों को वाहन खड़े करने में सहूलियत मिलेगी. साथ ही परिसर का सौंदर्यीकरण होगा और बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी.
कैनाल कॉलोनी में सरफेस पार्किंग से सुधरेगी यातायात व्यवस्था
शहर में दिन-प्रतिदिन बढ़ती ट्रैफिक समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर की कैनाल कॉलोनी में 264.97 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नई सरफेस पार्किंग का शिलान्यास भी किया. इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद आसपास के इलाके में ट्रैफिक मैनेजमेंट बहुत मजबूत होगा. स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को अपने वाहन पार्क करने के लिए एक सुव्यवस्थित जगह मिल सकेगी, जिससे सड़कों पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी.
पारदर्शी और समयबद्ध विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में आधुनिक आधारभूत ढांचे के निर्माण के साथ-साथ आम नागरिकों की दैनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए दिन-रात काम कर रही है. उन्होंने साफ कहा कि उत्तराखंड में हर विकास कार्य की गुणवत्ता, उसकी पारदर्शिता और उसे तय समय के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी देरी के पहुंच सके.
पंजाब में रह रहे शहीद के परिजनों से सीएम ने की भावुक बातचीत
इस कार्यक्रम के दौरान एक बेहद भावुक क्षण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम के जरिए पंजाब में रह रहे शहीद ऊधम सिंह के परिजनों से सीधा संवाद किया. सीएम धामी ने शहीद के परिवार के सदस्यों का हालचाल जाना और कहा कि पूरा उत्तराखंड राज्य और देश शहीद ऊधम सिंह के बलिदान को दिल से नमन करता है. उत्तराखंड की जनता उनके इस महान त्याग को हमेशा अपनी स्मृतियों में संजोकर रखेगी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रुद्राक्ष का एक पौधा भी लगाया.
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, मंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह नामधारी, फरजाना बेगम और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन समेत तमाम आला अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण, 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का चौथा संस्करण आगामी 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा.
'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन किया जाएगा साकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात सामर्थ्य को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने पिछले तीन संस्करणों में प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनाया है. अब यह आयोजन केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है.
बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश यानी 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' का प्रदेश है और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इस सामर्थ्य को अनुभव करने का सबसे प्रभावी मंच है. उन्होंने निर्देश दिए कि देश और विदेश में इस आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें सहभागी बनें. बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' रखी गई है. आयोजन में 2400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक पंजीकृत बी2बी खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों तथा 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. साथ ही 4000 से अधिक एमओयू, 3200 करोड़ रुपये से अधिक प्रस्तावित एमओयू मूल्य और 13,500 करोड़ रुपये से अधिक बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान है.
आर्थिक क्षमता एक ही मंच पर प्रदर्शित
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अन्य देशों के साथ भी सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस बार ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा, फर्नीचर तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता एक ही मंच पर प्रदर्शित होगी.
सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नॉलेज सेशन को उद्योग जगत, निवेशकों और उद्यमियों के लिए उपयोगी बनाया जाए. इन सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नई श्रम संहिताएं, खाद्य प्रसंस्करण नीति, सड़क सुरक्षा, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते, एमएसएमई तथा अन्य समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी इस आयोजन की पहचान बने. इसके लिए सभी दिनों में शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन, ग़ज़ल तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आकर्षक आयोजन किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव कर सकें.
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