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हार्दिक पांड्या करेंगे क्या KKR की कप्तानी, अजिंक्य रहाणे के बाद अब कौन बनेगा KKR का कप्तान?

Who Will Be Next Captain Of KKR: गुरुवार को अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. न केवल इंटरनेशनल बल्कि वह अब आईपीएल में भी खेलते नजर नहीं आएंगे. इसके बाद से ही क्रिकेट फैंस के जहन में सवाल है कि अजिंक्य रहाणे के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी कौन करेगा? इस बीच रिपोर्ट्स के हवाले से खबर सामने आ रही है कि हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस से अलग होकर केकेआर से जुड़ सकते हैं. हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई है. आइए इस वीडियो में आपको इस मुद्दे के बारे में विस्तार से बताते हैं.

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'सेमिकॉन 2.0' से भारतीय कंपनियों को मिलेगी नई रफ्तार, स्वदेशी चिप डिजाइन और बौद्धिक संपदा को मिलेगा बढ़ावा: आईटी सचिव

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार का सेमिकॉन 2.0 कार्यक्रम भारतीय सेमीकंडक्टर कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, स्वदेशी बौद्धिक संपदा (आईपी) विकसित करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 1.0 के तहत देश ने सेमीकंडक्टर डिजाइन के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया है और अब अगला चरण भारतीय कंपनियों को वैश्विक उत्पाद निर्माता बनाने पर केंद्रित होगा।

आईटी सचिव ने आगे कहा कि सेमिकॉन 2.0 का उद्देश्य भारतीय कंपनियों को विस्तार देने, स्वदेशी तकनीक और बौद्धिक संपदा को मजबूत करने, अधिक निजी निवेश आकर्षित करने और विश्वस्तरीय चिप डिजाइन को वैश्विक स्तर के व्यावसायिक उत्पादों में बदलने का है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इसी महीने 1.27 लाख करोड़ रुपए के बजट के साथ सेमिकॉन 2.0 योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का मजबूत घरेलू इकोसिस्टम तैयार करना है। अब तक 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें 1.64 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कुल निवेश को स्वीकृति मिली है।

राष्ट्रीय राजधानी स्थित आईआईटी दिल्ली में आयोजित दूसरे इंडिया फैबलेस सेमीकंडक्टर डिजाइन एक्सेलरेशन वर्कशॉप को संबोधित करते हुए एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार अत्याधुनिक डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बढ़ाने, स्वदेशी बौद्धिक संपदा को मजबूत करने और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के लिए नवाचार को बढ़ावा देने वाला अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी सेमीकंडक्टर क्षमताएं ऐसे उत्पादों में बदलें, जिनका डिजाइन, स्वामित्व और व्यावसायीकरण भारत में ही हो। इससे भारत वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर उत्पादों का प्रमुख केंद्र बन सकेगा।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि सेमिकॉन 2.0 भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का अगला चरण है, जिसका उद्देश्य अधिक समावेशी और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम तैयार करना है। उनके अनुसार, इस विस्तारित ढांचे से स्टार्टअप, स्थापित कंपनियां, विदेशी सहयोगी और निवेशक सभी भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता विकसित करने में भागीदारी कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक वित्तपोषण को मजबूत करने, स्वदेशी बौद्धिक संपदा को बढ़ावा देने, बाजार तक पहुंच आसान बनाने और चिप डिजाइन से व्यावसायिक उत्पाद तक की प्रक्रिया को समर्थन देने के जरिए भारत वैश्विक स्तर की सेमीकंडक्टर कंपनियों की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।

कार्यशाला में मोबाइल फोन और वियरेबल्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीविजन, एयर कंडीशनर एवं घरेलू उपकरण, आईटी हार्डवेयर और डेटा सेंटर, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन सहित कई तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए स्वदेशी सेमीकंडक्टर उत्पाद विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अध्यक्ष पंकज मोहिंदरू ने कहा कि भारत ने अपना सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में शुरुआती सफलता हासिल कर ली है। अब अगला लक्ष्य भारतीय स्वामित्व वाले सेमीकंडक्टर उत्पाद, स्वदेशी बौद्धिक संपदा और वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां तैयार करना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और अब सेमीकंडक्टर विकास को मोबाइल फोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, आईटी हार्डवेयर, दूरसंचार, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

Bhuvaneshwar Kumar की 2027 World Cup में वापसी की मांग, R Ashwin ने चयनकर्ताओं को दिया बड़ा सुझाव

तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर अनुभवी वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद अब कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि उन्हें 2027 एकदिवसीय विश्व कप की तैयारियों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। इसी कड़ी में भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी चयनकर्ताओं से भुवनेश्वर कुमार के साथ बातचीत शुरू करने की सलाह दी है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए शानदार गेंदबाजी की थी। उन्होंने पूरे सत्र में 28 विकेट लिए और अपनी टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उनकी दमदार गेंदबाजी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने खिताब जीतने में सफलता हासिल की। इस प्रदर्शन के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज की राष्ट्रीय टीम में वापसी की मांग भी तेज हो गई है।

गौरतलब है कि भुवनेश्वर कुमार ने नवंबर 2022 के बाद से भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। वहीं उनका आखिरी एकदिवसीय मैच 21 जनवरी 2022 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था। इसके बावजूद कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े टूर्नामेंटों में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

रविचंद्रन अश्विन ने एक क्रिकेट चर्चा कार्यक्रम के दौरान 2027 विश्व कप के संभावित खिलाड़ियों पर अपनी राय रखते हुए विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, शुभमन गिल, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज को सीधे टीम में शामिल करने की बात कही। वहीं वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, शिवम दुबे और गुरनूर बराड़ जैसे खिलाड़ियों को उन्होंने अपनी सूची से बाहर रखा। मोहम्मद शमी, रुतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल को लेकर उन्होंने अभी फैसला सुरक्षित रखने की बात कही।

हालांकि चर्चा समाप्त होने के बाद अश्विन ने खुद भुवनेश्वर कुमार का नाम उठाया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर उनकी नजर में सीधे विश्व कप की योजना का हिस्सा होने चाहिए। अश्विन का मानना है कि चयनकर्ताओं को उनसे बातचीत करनी चाहिए और उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी सहित सभी घरेलू एकदिवसीय प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप से पहले वह पूरी तरह तैयार हो सकें। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में नई गेंद से स्विंग कराने की भुवनेश्वर की क्षमता भारत के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

हालांकि मौजूद जानकारी के अनुसार, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति पिछले कुछ समय से अधिक लंबे कद के तेज गेंदबाजों पर भरोसा जता रही है। हाल के एकदिवसीय मुकाबलों में गुरनूर बराड़ और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों को लगातार मौके मिले हैं। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज भी टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज बने हुए हैं। ऐसे में भुवनेश्वर कुमार की वापसी आसान नहीं मानी जा रही है।
Fri, 31 Jul 2026 22:38:47 +0530

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