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Suvendu Adhikari का आरोप: Birbhum में तृणमूल सरकार के दौरान 15,000 करोड़ का हुआ राजस्व नुकसान

पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बीरभूम जिले में पिछले 15 सालों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है और पिछली सरकार के समर्थन के बिना ऐसा होना मुमकिन नहीं था। यहां राज्य सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान शुभेंदु ने दावा किया कि पत्थरों के व्यापारी मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ टुल्लू मंडल के इर्द-गिर्द चल रहा यह गिरोह राजनीतिक संरक्षण और संस्थागत समर्थन के बिना इतने सालों तक नहीं चल सकता था। टुल्लू मंडल अभी फरार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी विभाग या तो मिलीभगत में शामिल थे या फिर “ऊपर से मिले” निर्देशों के तहत चुप रहे। उन्होंने इशारा किया कि मंडल ने पिछले कुछ वर्षों में 242 गाड़ियां और 300 बीघा जमीन जमा कर ली थी तथा आरोप लगाया, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन के बिना, इतने बड़े गिरोह का इतने लंबे समय तक चलना नामुमकिन है।’’ उनका यह आरोप ऐसे समय में आया है जब पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए फरार पत्थर व्यापारी टुल्लू मंडल के घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया है। पुलिस को शक है कि नकदी का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर हेराफेरी की कमाई का है।

यह जिला लंबे समय से अवैध पत्थर खनन और पत्थर के व्यापार से जुड़े संगठित अपराध के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में रहा है। अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शुभेंदु ने कहा, “सालों से राजस्व की हेराफेरी करने वाला एक संगठित गिरोह... संस्थान के प्रमुख की सहमति के बिना काम नहीं कर सकता।” अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सालों से राजस्व की हेराफेरी करने वाला एक संगठित गिरोह... संस्थान के प्रमुख की सहमति के बिना काम नहीं कर सकता।” उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अगर सबसे ऊंचे स्तर से निर्देश नहीं आते, तो कोई भी मंडल पर ध्यान नहीं देता। अधिकारियों को आंखें मूंदे रहने के लिए मजबूर किया गया।

सरकार के तत्कालीन प्रमुख के तौर पर, इसकी पूरी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री की है।’’ शुभेंदु ने कहा, ‘‘संस्थागत भ्रष्टाचार तभी होता है जब संस्था का प्रमुख भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं कहता आ रहा था कि जहां 100 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में गए, वहीं 1,100 करोड़ रुपये का गबन किया गया।” उन्होंने कहा कि उस पैसे का इस्तेमाल अस्पताल और स्कूल बनाने तथा लाखों युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने में किया जा सकता था। पिछली सरकार के कामकाज की तुलना अपनी सरकार के कामकाज से करते हुए शुभेंदु ने कहा कि जहां पहले पत्थर उद्योग से सालाना कमाई 60 से 80 करोड़ रुपये के बीच थी, वहीं भाजपा के सत्ता में आने के तुरंत बाद, इस साल मई और जून के बीच राज्य ने 83 करोड़ रुपये कमाए। उन्होंने कहा कि मासिक राजस्व अब 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ जारी कार्रवाई के परिणामस्वरूप मंडल और उनके सहयोगियों से जुड़ी बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद और जब्त की गई है। उनके अनुसार, मंडल के घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 50 करोड़ रुपये कीमत का 15 किलो सोना बरामद किया गया। पुलिस ने बाद में की गई छापेमारी में चांदी और प्लेटिनम के गहनों के अलावा 53 लाख रुपये नकद भी जब्त किए।

शुभेंदु ने बताया कि कार्रवाई के दौरान, 93 करोड़ रुपये वाले टुल्लू मंडल के बैंक खाते से लेन-देन पर रोक लगा दी गयी है। उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि जांचकर्ताओं ने सात घरों समेत 21 संपत्ति, एक फार्महाउस, दो पेट्रोल पंप, पार्किंग की सुविधा, पत्थर की खदानें, क्रशर और 300 बीघा जमीन का पता लगाया है और इन सभी को जब्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने 242 वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त भी किया है, जिनमें ट्रक, डंपर और लग्जरी कारें शामिल हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि टुल्लू मंडल की लगभग 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति, जिसमें नकदी, सोना और गहने शामिल हैं, पहले ही जब्त की जा चुकी है और कानून के मुताबिक इसकी नीलामी की जाएगी। वित्त विभाग से मिली जानकारी का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के 11 हफ्तों के भीतर राज्य के राजस्व में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और उन्हें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। उन्होंने इस गिरोह का पर्दाफाश करने में बीरभूम पुलिस और पुलिस महानिदेशक की अथक कोशिशों की तारीफ की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माना जा रहा है कि मंडल देश छोड़कर भाग गया है, जबकि उसके कई करीबी सहयोगियों को हिरासत में ले लिया गया है, जिनमें उसका “लेखाकार” पिनाकी डे, “सहायक लेखाकार” रकीबुल इस्लाम और पेट्रोल पंप प्रबंधक कौसर शामिल हैं। उन्होंने बर्दवान से जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य की गिरफ्तारी पर यह कहते हुए टिप्पणी करने से परहेज किया कि यह मामला “बहुत संवेदनशील” है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “यह बहुत संवेदनशील मामला है।

इसके अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। विशेष कार्यबल इस मामले की जांच कर रहा है और उसके मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिली जानकारी की पड़ताल की जा रही है।

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Chhattisgarh में 2,305 नए Mobile Tower के लिए सीएम विष्णु देव साय ने केंद्र से मांगी मंजूरी

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावर को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने नयी दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में डिजिटल और दूरसंचार संपर्क के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने बताया कि साय ने विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीबीएन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावर को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अनेक दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावर की स्थापना डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगी।

उन्होंने कहा कि इससे उन गांवों और बस्तियों तक भी विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक पर्याप्त संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि साय ने नक्सल प्रभावित रहे और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावर की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार तथा केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर संपर्क से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुगम होगा और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को अपने गांव के निकट ही प्राप्त हो सकेगा। साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावर की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है।

कुल 577 स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और शीघ्र ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।

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  Sports

CWG 2026: बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा

Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के एक रोमांचक दिन में भारत ने इतिहास रच दिया है। शनिवार का दिन भारत के लिए इस बहुराष्ट्रीय खेल महाकुंभ का सबसे सफल दिन साबित हुआ। मुक्केबाजी (Boxing) दल के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के दम पर भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

प्रतियोगिता का अब केवल एक ही दिन शेष बचा है। भारतीय दल ने शनिवार को कुल 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिनमें से अकेले 7 गोल्ड मेडल बॉक्सिंग में आए हैं। इसके साथ ही भारत के पास अब कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) हो गए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बाद पदक तालिका में केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा ही भारत से आगे हैं।

बॉक्सिंग में रचा गया नया इतिहास
मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन बॉक्सिंग अभियान पूरा किया। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग मेडल टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय महिलाओं ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की, जिसमें प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने दो और गोल्ड मेडल जोड़कर इस रिकॉर्ड अभियान को पूरा किया।

प्रिया घंघास ने दिन की सबसे बेहतरीन वापसी करते हुए स्वर्ण जीता। कनाडा की मैरी-बाथौल के खिलाफ पहला राउंड हारने के बाद एशियाई चैंपियन प्रिया ने शानदार वापसी की और 4-1 के विभाजित निर्णय (split decision) से मुकाबला अपने नाम किया। दूसरी ओर, सचिन सिवाच ने अपने मैच में जबरदस्त रोमांच पैदा किया।

पहला राउंड हारने और दूसरे राउंड में एक अंक कटने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अंतिम राउंड में सचिन ने नामीबिया के ट्राइऐगेन मोर्निंग नडेलो को जोरदार नॉकडाउन दिया और 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल जीत लिया।

अरुंधति चौधरी का मुकाबला काफी आसान रहा, जिन्होंने महिलाओं के 70 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर आसानी से स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, भारी वजन वर्ग में कुछ निराशा भी हाथ लगी। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं को महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इसके अलावा जादुमणी सिंह मंडेम्बम (55 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) ने भी रजत पदक जीते। नरेंद्र का मुकाबला इंग्लैंड के डमार थॉमस के साथ हुआ, जिसके साथ ही यादगार भारतीय बॉक्सिंग अभियान का समापन हुआ। इससे पहले भारत का सबसे अच्छा बॉक्सिंग प्रदर्शन 2018 के गोल्ड कोस्ट गेम्स में था, जहां टीम ने 3 गोल्ड सहित 7 पदक जीते थे, जिसे ग्लासगो में पीछे छोड़ दिया गया है।

गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, एथलेटिक्स में चमके भारतीय खिलाड़ी
भारतीय एथलेटिक्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। reigning Asian चैंपियन गुलवीर ने 13:24.95 का समय निकालकर रोमांचक फिनिश के साथ केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। इस कांस्य पदक के साथ गुलवीर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में दो ट्रैक एंड फील्ड पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बन गए हैं, इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर में रजत पदक जीता था।

पुरुषों की ट्रिपल जंप में भारत ने डबल पोडियम फिनिश हासिल की। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक जीता, जबकि सेलवा प्रभु तिरुमरण ने 16.52 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। वे जमैका के जॉर्डन स्कॉट के बाद दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि, पुरुषों की पोल वॉल्ट में देव कुमार मीना 5.30 मीटर की छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहकर मामूली अंतर से पदक चूक गए, जबकि कुलदीप कुमार 5.10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।

महिला 10,000 मीटर रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी ने अपने सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सातवां स्थान हासिल किया, जबकि रवीना को डिस्क्वालीफाई कर दिया गया। इसके अलावा, भारत की मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम छठे स्थान पर रही।

पैरा एथलेट्स और जूडो में भी शानदार सफलता
भारत के पैरा एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ऐतिहासिक सफलता में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ा। सोमन राम ने पुरुषों की F57 शॉट पुट स्पर्धा में 13.40 मीटर के सीजन-बेस्ट थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के साथ रजत पदक हासिल कर भारत को वन-टू फिनिश दिलाई।

इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा स्पोर्ट्स प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसमें दल ने कुल 7 पदक (3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीते।

जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ऐतिहासिक लय जारी रखी। उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने सेमीफाइनल की हार से उबरते हुए दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को एक मिनट से भी कम समय में इप्पोन (ippon) से हरा दिया। इस कांस्य के साथ जूडो में भारत के कुल 4 पदक हो गए हैं, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इससे पहले हर्ष सिंह और अस्मिता डे ने स्वर्ण तथा यामिनी मौर्या ने रजत पदक जीता था। हालांकि, हर्ष टोकस पुरुषों की 81 किग्रा कांस्य पदक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के केशिन ओची से हार गए और पोडियम से चूक गए।

लॉन बाउल्स और ट्रैक साइक्लिंग में मिश्रित परिणाम
लॉन बाउल्स में भारत का अभियान समाप्त हो गया है। नवनीत सिंह और दिनेश कुमार को पुरुषों की जोड़ियों (men's pairs) के मुकाबले में इंग्लैंड के निक ब्रेट और जेमी वॉकर से टाई-ब्रेक में हार का सामना करना पड़ा। महिला एकल में नयनमोनी सैकिया भी दक्षिण अफ्रीका की ब्रिजेट हेरसेल्मैन से टाई-ब्रेक में हारकर ग्रुप सी में चौथे स्थान पर रहीं और बाहर हो गईं।

ट्रैक साइक्लिंग में भी निराशा हाथ लगी, जहां डेविड बेकहम, रोनाल्डो सिंह और रोजित सिंह पुरुषों की स्प्रिंट क्वालीफिकेशन से बाहर हो गए, जबकि दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुषों की 10 किमी स्क्रैच रेस क्वालीफिकेशन को पूरा नहीं कर सके। ग्लासगो में एक दिन शेष रहते भारतीय दल बॉक्सिंग के ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर पदक तालिका के शीर्ष चार में मजबूती से पहुंच गया है।

Sun, 02 Aug 2026 10:20:00 +0530

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