Viral: फोन पर बात करते-करते रेलवे ट्रैक पर पहुंचा शख्स, तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से मौत; CCTV में कैद हुआ हादसा
पंजाब के जालंधर से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मोबाइल फोन पर बात करते हुए रेलवे ट्रैक के पास चल रहे एक युवक की तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह हादसा एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के खतरों की याद दिलाता है।
फोन पर बातचीत में इतना व्यस्त था कि नहीं दिखी ट्रेन
जानकारी के मुताबिक यह हादसा 1 अगस्त को DAV Heart Railway Station के पास हुआ। CCTV फुटेज में युवक मोबाइल पर बात करते हुए रेलवे ट्रैक के किनारे चलता हुआ दिखाई देता है। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन उसकी ओर आती है, लेकिन वह फोन पर बातचीत में इतना व्यस्त रहता है कि उसे ट्रेन के आने का एहसास नहीं होता।
रूह कांप जाने वाला मंजर
— Abhishek Tyagi (@abhishek03tyagi) August 1, 2026
वीडियो देखकर रूह कांप जाएगी। ????
पंजाब के जालंधर में 31 जुलाई को DAV कॉलेज के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय एक तेज़ रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई।
एक छोटी-सी लापरवाही ज़िंदगी पर भारी पड़ गई। कृपया रेलवे ट्रैक केवल… pic.twitter.com/Mt2TWAAstE
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसपास मौजूद लोगों ने उसे कई बार आवाज देकर सावधान करने की कोशिश की, लेकिन उसने उनकी चेतावनी नहीं सुनी। कुछ ही क्षण बाद ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान सुखविंदर कुमार के रूप में हुई
मृतक की पहचान सुखविंदर कुमार उर्फ टिंकू के रूप में हुई है, जो जम्मू के विजयपुर का रहने वाला था। वह पिछले चार वर्षों से जालंधर में रह रहा था और एक सब्जी की दुकान पर काम करता था। उसके मालिक सौरभ ने बताया कि हादसे वाले दिन सुखविंदर शाम करीब 5:30 बजे काम खत्म कर घर के लिए निकला था। रास्ते में उसे किसी का फोन आया और वह बातचीत करते हुए रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ गया।
प्रारंभिक जांच में मोबाइल बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि सुखविंदर मोबाइल पर बातचीत में इतना व्यस्त था कि उसे न तो सामने से आती ट्रेन दिखाई दी और न ही आसपास मौजूद लोगों की आवाज सुनाई दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के हेड कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। परिवार के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ट्रैक के पास सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग रेलवे ट्रैक के आसपास मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
बंगाल: STF के शिकंजे में जैश का संदिग्ध आतंकी, निशाने पर था CJP प्रदर्शन
कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हमीम को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में पुलिसकर्मी की वर्दी पहनकर घुसपैठ करने और वहां अशांति फैलाने के निर्देश दिए गए थे।
STF के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संदिग्ध को पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख राजनीतिक नेता की गतिविधियों पर नजर रखने का काम भी सौंपा गया था। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और इसके संभावित उद्देश्यों की गहन जांच कर रही है।
गर्लफ्रेंड भी जांच के दायरे में
मामले में हमीम मंडल की महिला मित्र अर्पिता सरकार को भी झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। STF का आरोप है कि वह कथित तौर पर संदिग्ध मॉड्यूल की गतिविधियों में सहयोग कर रही थी। शुरुआती जांच में दोनों के बीच हुई डिजिटल बातचीत और सोशल मीडिया गतिविधियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
सोशल मीडिया से हुआ कट्टरपंथीकरण
जांच एजेंसियों का कहना है कि हमीम मंडल सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा के संपर्क में आया था। इसके बाद वह कथित रूप से पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव्स के संपर्क में पहुंचा। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
विदेशी सिम और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन
STF ने जांच के दौरान दोनों के पास से ब्रिटेन और मेक्सिको में जारी किए गए अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। आशंका है कि इनका इस्तेमाल एन्क्रिप्टेड संचार के जरिए विदेशी हैंडलर्स और अन्य संदिग्ध संपर्कों से बातचीत के लिए किया जाता था।
हनीट्रैप एंगल की भी जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, अर्पिता सरकार की भूमिका प्रभावशाली लोगों से संपर्क स्थापित करने और उनसे संवेदनशील जानकारी जुटाने से भी जुड़ी हो सकती है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के जरिए हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं।
14 दिन की STF हिरासत
अदालत ने हमीम मंडल को 14 दिन की STF हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क के अन्य सदस्यों, विदेशी संपर्कों और संभावित आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच अभी जारी है।
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