CWG 2026: बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा
Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के एक रोमांचक दिन में भारत ने इतिहास रच दिया है। शनिवार का दिन भारत के लिए इस बहुराष्ट्रीय खेल महाकुंभ का सबसे सफल दिन साबित हुआ। मुक्केबाजी (Boxing) दल के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के दम पर भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
प्रतियोगिता का अब केवल एक ही दिन शेष बचा है। भारतीय दल ने शनिवार को कुल 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिनमें से अकेले 7 गोल्ड मेडल बॉक्सिंग में आए हैं। इसके साथ ही भारत के पास अब कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) हो गए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बाद पदक तालिका में केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा ही भारत से आगे हैं।
बॉक्सिंग में रचा गया नया इतिहास
मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन बॉक्सिंग अभियान पूरा किया। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग मेडल टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय महिलाओं ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की, जिसमें प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
Jaismine, the ring witnessed your brilliance & Bharat celebrates your Gold!
— Raksha Khadse (@khadseraksha) August 1, 2026
Congratulations on winning the Gold Medal in the Women's 57 kg Boxing event at the #Glasgow2026 Commonwealth Games.
A magnificent triumph that will inspire countless young athletes.#Cheer4Bharat… pic.twitter.com/BiYWYYOvYx
वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने दो और गोल्ड मेडल जोड़कर इस रिकॉर्ड अभियान को पूरा किया।
प्रिया घंघास ने दिन की सबसे बेहतरीन वापसी करते हुए स्वर्ण जीता। कनाडा की मैरी-बाथौल के खिलाफ पहला राउंड हारने के बाद एशियाई चैंपियन प्रिया ने शानदार वापसी की और 4-1 के विभाजित निर्णय (split decision) से मुकाबला अपने नाम किया। दूसरी ओर, सचिन सिवाच ने अपने मैच में जबरदस्त रोमांच पैदा किया।
पहला राउंड हारने और दूसरे राउंड में एक अंक कटने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अंतिम राउंड में सचिन ने नामीबिया के ट्राइऐगेन मोर्निंग नडेलो को जोरदार नॉकडाउन दिया और 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल जीत लिया।
अरुंधति चौधरी का मुकाबला काफी आसान रहा, जिन्होंने महिलाओं के 70 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर आसानी से स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, भारी वजन वर्ग में कुछ निराशा भी हाथ लगी। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं को महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इसके अलावा जादुमणी सिंह मंडेम्बम (55 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) ने भी रजत पदक जीते। नरेंद्र का मुकाबला इंग्लैंड के डमार थॉमस के साथ हुआ, जिसके साथ ही यादगार भारतीय बॉक्सिंग अभियान का समापन हुआ। इससे पहले भारत का सबसे अच्छा बॉक्सिंग प्रदर्शन 2018 के गोल्ड कोस्ट गेम्स में था, जहां टीम ने 3 गोल्ड सहित 7 पदक जीते थे, जिसे ग्लासगो में पीछे छोड़ दिया गया है।
गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, एथलेटिक्स में चमके भारतीय खिलाड़ी
भारतीय एथलेटिक्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। reigning Asian चैंपियन गुलवीर ने 13:24.95 का समय निकालकर रोमांचक फिनिश के साथ केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। इस कांस्य पदक के साथ गुलवीर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में दो ट्रैक एंड फील्ड पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बन गए हैं, इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर में रजत पदक जीता था।
पुरुषों की ट्रिपल जंप में भारत ने डबल पोडियम फिनिश हासिल की। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक जीता, जबकि सेलवा प्रभु तिरुमरण ने 16.52 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। वे जमैका के जॉर्डन स्कॉट के बाद दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि, पुरुषों की पोल वॉल्ट में देव कुमार मीना 5.30 मीटर की छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहकर मामूली अंतर से पदक चूक गए, जबकि कुलदीप कुमार 5.10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।
महिला 10,000 मीटर रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी ने अपने सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सातवां स्थान हासिल किया, जबकि रवीना को डिस्क्वालीफाई कर दिया गया। इसके अलावा, भारत की मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम छठे स्थान पर रही।
पैरा एथलेट्स और जूडो में भी शानदार सफलता
भारत के पैरा एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ऐतिहासिक सफलता में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ा। सोमन राम ने पुरुषों की F57 शॉट पुट स्पर्धा में 13.40 मीटर के सीजन-बेस्ट थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के साथ रजत पदक हासिल कर भारत को वन-टू फिनिश दिलाई।
इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा स्पोर्ट्स प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसमें दल ने कुल 7 पदक (3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीते।
जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ऐतिहासिक लय जारी रखी। उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने सेमीफाइनल की हार से उबरते हुए दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को एक मिनट से भी कम समय में इप्पोन (ippon) से हरा दिया। इस कांस्य के साथ जूडो में भारत के कुल 4 पदक हो गए हैं, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इससे पहले हर्ष सिंह और अस्मिता डे ने स्वर्ण तथा यामिनी मौर्या ने रजत पदक जीता था। हालांकि, हर्ष टोकस पुरुषों की 81 किग्रा कांस्य पदक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के केशिन ओची से हार गए और पोडियम से चूक गए।
लॉन बाउल्स और ट्रैक साइक्लिंग में मिश्रित परिणाम
लॉन बाउल्स में भारत का अभियान समाप्त हो गया है। नवनीत सिंह और दिनेश कुमार को पुरुषों की जोड़ियों (men's pairs) के मुकाबले में इंग्लैंड के निक ब्रेट और जेमी वॉकर से टाई-ब्रेक में हार का सामना करना पड़ा। महिला एकल में नयनमोनी सैकिया भी दक्षिण अफ्रीका की ब्रिजेट हेरसेल्मैन से टाई-ब्रेक में हारकर ग्रुप सी में चौथे स्थान पर रहीं और बाहर हो गईं।
ट्रैक साइक्लिंग में भी निराशा हाथ लगी, जहां डेविड बेकहम, रोनाल्डो सिंह और रोजित सिंह पुरुषों की स्प्रिंट क्वालीफिकेशन से बाहर हो गए, जबकि दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुषों की 10 किमी स्क्रैच रेस क्वालीफिकेशन को पूरा नहीं कर सके। ग्लासगो में एक दिन शेष रहते भारतीय दल बॉक्सिंग के ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर पदक तालिका के शीर्ष चार में मजबूती से पहुंच गया है।
इस देसी कंपनी ने जुलाई में बेचीं रिकॉर्ड 1.18 लाख बाइक्स, 34% बढ़ गई बिक्री; जानिए कंपनी का प्लान
देसी टू-व्हीलर निर्माता रॉयल एनफील्ड का भारतीय मार्केट में दबदबा लगातार कायम है। बता दें कि बीते महीने यानी जुलाई, 2026 में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 1,18,232 बाइक्स बेची हैं।
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