खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई: नियमों की अनदेखी पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित, एक अन्य को नोटिस
नीमच जिले में मेडिकल स्टोर संचालकों की मनमानी और औषधि नियमों के उल्लंघन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में नियमों की अनदेखी करने वाले एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अन्य को नोटिस थमाया गया है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में मुख्य रूप से कोडीन युक्त कफ सिरप और अनुसूची ‘एच’ (Schedule H) तथा ‘एच-1’ (Schedule H-1) श्रेणी की संवेदनशील दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।
‘श्री श्याम केमिस्ट’ का लाइसेंस 6 दिन के लिए निलंबित
निरीक्षण दल ने मालखेड़ा (नीमच) स्थित मैसर्स श्री श्याम केमिस्ट पर छापा मारा, जांच के दौरान वहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, मौके पर कोई भी पंजीकृत फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं था और उसी की गैर-मौजूदगी में दवाओं का क्रय-विक्रय किया जा रहा था।औषधियों के क्रय-विक्रय से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेखों (रिकॉर्ड) का नियमानुसार संधारण नहीं किया गया था।
इन खामियों पर विभाग ने पूर्व में दुकान संचालक को ‘कारण बताओ सूचना पत्र’ जारी किया था। संचालक द्वारा तय समय में कोई संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर प्रशासन ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के तहत कड़ा कदम उठाते हुए संस्थान का दवा लाइसेंस छह दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।
‘श्री भैरवनाथ मेडिकल’ को कारण बताओ नोटिस
छापामार कार्रवाई की इसी कड़ी में नीमच रोड, रघुनाथपुरा (सिंगोली) स्थित मैसर्स श्री भैरवनाथ मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर भी जांच की गई। यहां भी बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दुकान संचालित होती पाई गई और दवाओं के रिकॉर्ड में भारी अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने इस स्टोर के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो नियमानुसार इस दुकान के लाइसेंस को भी निलंबित या पूरी तरह निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
सभी दवा विक्रेताओं को प्रशासन की सख्त चेतावनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन और चेतावनी जारी की है, प्रशासन ने कहा है कि सभी दवा विक्रेता औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और 1945 की नियमावली का सख्ती से पालन करें। मेडिकल स्टोर पर दवाओं का क्रय-विक्रय अनिवार्य रूप से केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही किया जाए। अनुसूची ‘एच’ और ‘एच-1’ श्रेणी की दवाओं के रिकॉर्ड का पूरा हिसाब रखा जाए।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर महेश मालवीय हत्याकांड का खुलासा, शराब पार्टी का मामूली विवाद बना हत्या की वजह, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा
इंदौर में शराब पीने के दौरान हुए मामूली विवाद में महेश मालवीय का ईंट से सिर कुचलकर हत्या करने वाला आरोपी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। इंदौर की सेन्ट्रल कोतवाली पुलिस ने एक अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा किया है। उज्जैन निवासी महेश मालवीय के शव मिलने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी आशीष उर्फ चंद पिता चेतराम गंगवाल को गिरफ्तार कर लिया। आशीष रायसेन जिले के ग्राम नादौर का रहने वाला है।
पिछले दिनों इंदौर के सेन्ट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति का लहूलुहान शव मिलने से शहर में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान इमाम बाग, उज्जैन निवासी महेश मालवीय के रूप में हुई थी। यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था, क्योंकि हत्यारे का कोई सुराग नहीं था। सेन्ट्रल कोतवाली पुलिस टीम के नेतृत्व में इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस टीम ने मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के इलाकों की बारीकी से पड़ताल की गई। इसके साथ ही, पुलिस ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल के करीब 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर और मुखबिर तंत्र की मदद से लगभग 30 संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की गई। इस गहन छानबीन के बाद ही पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई।
शराब पीने की बात को लेकर हुई बहस, फिर ईंट से वार कर की हत्या
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आशीष और मृतक महेश मालवीय के बीच शराब पीने की बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। यह विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोनों में मारपीट होने लगी। गुस्से में आग बबूला होकर आरोपी आशीष ने पास में रखी एक ईंट उठा ली। उसने उस ईंट से महेश मालवीय के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इन गंभीर वारों के चलते महेश की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी आशीष मौके से फरार हो गया था।
आरोपी आशीष बेहद शातिर था और पुलिस को चकमा देने की पूरी कोशिश कर रहा था। वह मोबाइल फोन या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता था। इस वजह से उसे ट्रेस करने में पुलिस टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी की तलाश में रायसेन और उज्जैन में लगातार दबिश दे रही थीं, लेकिन आरोपी लगातार अपनी जगह बदल रहा था और पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था।
मुखबिर की सटीक सूचना से बायपास रोड पर दबोचा गया आरोपी
आखिरकार, 30 जुलाई को पुलिस को एक सटीक मुखबिर सूचना मिली। मुखबिर ने आरोपी आशीष के इंदौर बायपास रोड पर होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सेन्ट्रल कोतवाली पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और आरोपी आशीष को अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस हिरासत में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी आशीष ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि शराब पीने के दौरान हुए विवाद के चलते ही उसने महेश मालवीय की हत्या की थी। जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी जोन 3 अभिषेक रंजन ने बताया कि इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने दिन-रात एक कर दिया था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सटीक जानकारी के तालमेल से ही इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश संभव हो पाया। यह इंदौर पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News





















