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सरकारी स्कूलों की बेटियों के लिए बड़ी सौगात, सीएम रेखा गुप्ता ने छात्राओं को बांटी साइकिलें, पढ़ाई होगी अब और आसान

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए शुक्रवार का दिन एक नई उम्मीद और सशक्तिकरण का संदेश लेकर आया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्वी विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में नौवीं कक्षा की मेधावी छात्राओं को ‘विद्या वाहिनी’ साइकिलें वितरित कीं, जिससे उनके स्कूल आने-जाने की राह आसान होगी और वे शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकेंगी। यह पहल उन छात्राओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी जिन्हें स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और सुरक्षा दोनों की चिंता बनी रहती थी। अब इन छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का अवसर मिला है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक साइकिल नहीं, बल्कि उनके लिए सम्मान का माध्यम बनेगी और उन्हें सुरक्षित रूप से स्कूलों तक आने-जाने में मदद करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का आधार होती है और लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री आशीष सूद और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं, जिससे समारोह का महत्व और बढ़ गया।

अगले महीने कुल 1.40 लाख स्कूली छात्राओं को मिलेगी साइकिल

यह उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के बजट में घोषित ‘विद्या वाहिनी’ योजना के पहले चरण के तहत कुल 3,000 साइकिलें वितरित की गईं। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना चरणबद्ध तरीके से पूरे दिल्ली में लागू की जाएगी, जिसके अंतर्गत अगले महीने से कुल 1.40 लाख स्कूली छात्राओं को साइकिलें प्रदान की जाएंगी। यह एक महत्वाकांक्षी योजना है जो दिल्ली सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में। इन साइकिलों के वितरण से न केवल छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित हो सकेगी, जो अक्सर दूरी या परिवहन की अनुपलब्धता के कारण प्रभावित होती थी। यह कदम छात्राओं को शिक्षा के प्रति अधिक प्रेरित करेगा और स्कूल छोड़ने की दर को कम करने में भी सहायक होगा।

समय पर स्कूल पहुंचेंगी बेटियां, पढ़ाई पर रहेगा पूरा फोकस

इस पहल का व्यापक उद्देश्य छात्राओं को अधिक आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने में सहायता करना है। साइकिल मिलने से वे समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी और अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। यह एक ऐसा कदम है जो लड़कियों को अपनी शिक्षा पूरी करने और समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में, जहां स्कूल की दूरी एक चुनौती बनी रहती है, साइकिल एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरी है। यह छात्राओं को न केवल शारीरिक स्वतंत्रता प्रदान करती है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें सशक्त बनाती है, जिससे वे अपने निर्णयों को स्वयं लेने और अपने जीवन के पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होती हैं।

दिल्ली सरकार की यह योजना शिक्षा के अधिकार को और भी सुलभ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी, जिससे हजारों परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा और दिल्ली में साक्षरता दर को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह सुनिश्चित करना कि हर लड़की को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिले, एक प्रगतिशील समाज की नींव रखता है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बेहतर वातावरण का निर्माण करता है।

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असम के शिलचर में दर्दनाक हादसा! पानी की टंकी में दम घुटने से 4 लोगों की मौत

असम के शिलचर में पानी की टंकी की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया. कछार जिले के अरुणाचल कुमारपाड़ा इलाके में टंकी के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई.

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दशकों का इंतजार खत्म... अस्मिता डे के बाद हर्ष सिंह ने जूडो में दिलाया भारत को दूसरा गोल्ड, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को चटाई धूल

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