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दिल्ली में 1.20 करोड़ की फिरौती के लिए कारोबारी का अपहरण, 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाया केस; मथुरा से 7 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के बुराड़ी इलाके से सामने आए अपहरण और फिरौती के सनसनीखेज मामले को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है. थाना बुराड़ी पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए मथुरा, उत्तर प्रदेश से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने अपहृत शख्स को सकुशल बरामद कर लिया है. आरोपियों ने पीड़ित की पत्नी से उसकी रिहाई के बदले 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी.

कोर्ट की सुनवाई के लिए मथुरा गया था पीड़ित

पुलिस के मुताबिक, बुराड़ी निवासी महिला ने शिकायत दी थी कि उसका पति राजन रंजन वर्ष 2025 में मथुरा के एक नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार हुआ था. जमानत पर बाहर आने के बाद 23 जुलाई 2026 को वह एक कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने मथुरा गया था, लेकिन वापस दिल्ली नहीं लौटा.

24 जुलाई को पत्नी ने थाना बुराड़ी में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसी दौरान उसके पति के मोबाइल नंबर से महिला को लगातार फिरौती के फोन आने लगे. अपहरणकर्ताओं ने पति की रिहाई के बदले 1.20 करोड़ रुपये की मांग की.

80 हजार रुपये देने के बाद भी नहीं छोड़ा

लगातार मिल रही धमकियों के बाद महिला ने 80 हजार रुपये नकद की व्यवस्था की. आरोपियों के निर्देश पर उसने यह रकम अपने पति की अर्टिगा कार में छिपा दी और DriveU ऐप के जरिए ड्राइवर बुक किया.

ड्राइवर कार को आरोपियों के बताए स्थान यशोभूमि मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-25, द्वारका लेकर पहुंचा, जहां कार आरोपियों को सौंप दी गई. लेकिन इसके बावजूद पीड़ित को रिहा नहीं किया गया. आरोपियों ने दोबारा फोन कर और पैसे की मांग शुरू कर दी. इसके बाद महिला ने पुलिस को पूरी जानकारी दी. मामले में थाना बुराड़ी में FIR नंबर 523/26, धारा 140(2)/140(3)/3(5) BNS के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई.

तकनीकी सर्विलांस से पुलिस पहुंची मथुरा

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बुराड़ी की एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने DriveU ऐप से उस ड्राइवर की जानकारी जुटाई, जिसने पीड़ित की कार आरोपियों को सौंपी थी. ड्राइवर की मदद से पुलिस यशोभूमि मेट्रो स्टेशन पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. हालांकि शुरुआत में आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की. आरोपियों की लोकेशन का पीछा करते हुए पुलिस गुरुग्राम के एक होटल तक पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वहां से निकल चुके थे. इसके बाद पुलिस टीम लगातार तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपियों का पीछा करती हुई मथुरा, उत्तर प्रदेश पहुंची.

वृंदावन के घर में बंधक मिला पीड़ित

पुलिस ने मथुरा में कई स्थानों पर दबिश दी. लगातार प्रयासों के बाद 29 जुलाई को गोपालगढ़, वृंदावन, मथुरा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली. एक मकान में पीड़ित को बंधक बनाकर रखा गया था. पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस के मुताबिक, बंधक बनाए गए पीड़ित के साथ आरोपियों ने मारपीट भी की थी.

मौके से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि इसी दिन मथुरा शहर से एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इस तरह कुल 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष, आर. गुणशेखर, केशवन, पी. अरुण, विनोद, रोहन और गजराज के रूप में हुई है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें, पीड़ित का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ATM कार्ड बरामद किया है.

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पीड़ित राजन रंजन और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर सरकारी विभागों, जैसे कृषि विभाग और रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये लिए थे. आरोपियों के मुताबिक, उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही उनके पैसे वापस किए गए. इस संबंध में मथुरा के थाना रिफाइनरी में FIR नंबर 05/25, धारा 420/406/467/468/471 IPC के तहत मामला दर्ज है. पुलिस के अनुसार, इसी मामले में राजन रंजन को मार्च 2025 में गिरफ्तार किया गया था और फरवरी 2026 में जमानत मिली थी.

कोर्ट के बाहर बनाया अपहरण का प्लान

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि 23 जुलाई को राजन रंजन मथुरा कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा था. आरोपियों ने उसे कोर्ट के बाहर रोककर अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने उसका अपहरण करने की योजना बनाई. आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित का ATM कार्ड भी ले लिया और मथुरा में अलग-अलग ATM से करीब 65 हजार रुपये निकाल लिए. इसके बाद उसे गुरुग्राम ले जाया गया, जहां उनका एक सहयोगी बालाजी मौजूद था. यहीं से पीड़ित के घर पर फिरौती के लिए फोन किए गए और 1.20 करोड़ रुपये की मांग की गई.

एक आरोपी समेत अन्य सहयोगी अब भी फरार

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपी बालाजी और उसके कुछ अन्य सहयोगी अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है. साथ ही पीड़ित की कार और फिरौती में दिए गए पैसे की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं.

DCP ने टीम की कार्रवाई की सराहना की

यह पूरी कार्रवाई नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के DCP राजा बंथिया, IPS के निर्देशन में की गई. विशेष टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी, SHO बुराड़ी ने किया. टीम में इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ATO/PS बुराड़ी समेत SI राहुल, ASI सुधीर, ASI सुमित और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे. कार्रवाई ACP बुराड़ी शशि कांत गौर की निगरानी में हुई. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है. मामले में आगे की जांच जारी है.

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पीएम किसान योजना को लेकर आया अपडेट, किसानों के लिए मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान

देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.  केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. इस निर्णय के बाद योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक लागू रहेगी. 

सरकार ने योजना के संचालन के लिए पांच साल में 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने का प्रस्ताव रखा है. इस फैसले से पात्र किसान परिवारों को पहले की तरह नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी.  सरकार का मानना है कि यह योजना किसानों को खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद करने के साथ उनकी आर्थिक स्थिरता को भी मजबूत करेगी. 

किसानों को हर साल मिलते हैं 6,000 रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि एकमुश्त नहीं, बल्कि 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में जारी की जाती है.

योजना की रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और सहायता राशि सीधे किसान तक पहुंचती है.

किस्तों को फसल चक्र और खेती की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जारी किया जाता है, ताकि किसानों को बुवाई और अन्य कृषि कार्यों के दौरान समय पर आर्थिक सहयोग मिल सके.

पांच साल में 3.15 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव

सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए पीएम किसान योजना पर 3,15,614 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है. यह राशि देशभर के पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल की जाएगी. सरकार के अनुसार, योजना को आगे बढ़ाने से किसानों को आय का एक निश्चित सहारा मिलता रहेगा. यह रकम खेती के लिए जरूरी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है.

सरकार का कहना है कि नियमित आर्थिक मदद से किसानों की नकदी से जुड़ी दिक्कतों को कम करने में सहायता मिलेगी और खेती की तैयारी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी.

बीज, खाद और कृषि सामग्री खरीदने में होगी सुविधा

खेती के दौरान किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि सामग्री के लिए समय-समय पर धन की जरूरत होती है. कई बार फसल की बिक्री से पहले किसानों को जरूरी खर्च पूरा करने में परेशानी आती है.

पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली किस्तें ऐसे समय पर जारी की जाती हैं, जब खेती की तैयारी के लिए नकदी की जरूरत अधिक होती है. इससे किसानों को आवश्यक कृषि सामग्री खरीदने में मदद मिल सकती है.

सरकार का मानना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से किसानों की महंगे ब्याज वाले अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हो सकती है.

छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा

सरकार के अनुसार, योजना के लाभार्थियों में बड़ी संख्या छोटे और सीमांत किसानों की है. सीमित भूमि और कम आय वाले किसान परिवारों के लिए सालाना मिलने वाली सहायता खेती से जुड़े जरूरी खर्चों में उपयोगी साबित हो सकती है.

अब तक पीएम किसान योजना की 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है. सरकार का कहना है कि डीबीटी व्यवस्था ने सहायता राशि को तेजी और पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद की है.

किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा पर होगा असर

नीति आयोग के आकलन के अनुसार, पीएम किसान योजना से बड़ी संख्या में किसानों की आय को सहारा मिला है. योजना के कारण कई किसान परिवारों की रोजमर्रा और खेती से जुड़ी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है.

योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के फैसले को किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है. इससे पात्र किसानों को 2030-31 तक हर साल 6,000 रुपये की सहायता मिलती रहेगी.

सरकार को उम्मीद है कि यह योजना खेती की लागत से जुड़ी चुनौतियों को कम करने, किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र को स्थिर सहयोग देने में उपयोगी साबित होगी.

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