देश भर के लाखों किसानों के लिए अच्छी खबर है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM-KISAN) योजना को अगले पांच साल यानी 2030-31 वित्तीय वर्ष तक बढ़ाने की मंज़ूरी दे दी है। इसके लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह योजना अब 2026-27 से 2030-31 वित्तीय वर्षों तक लागू रहेगी। मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का बजट प्रस्तावित किया है, ताकि पात्र किसानों को पहले की तरह आर्थिक मदद मिलती रहे।
PM किसान योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। यह रकम 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के ज़रिए किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। यह पैसा 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में दिया जाता है। किस्तें फसल चक्र के हिसाब से तय की जाती हैं, ताकि बुआई और फसल तैयार करने के समय पर आर्थिक मदद मिल सके।
इस बीच, कैबिनेट ने 'समुद्र मंथन' – यानी नेशनल ऑफशोर एक्सप्लोरेशन स्कीम – को भी मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत 2030-31 फाइनेंशियल ईयर तक इसे लागू करने के लिए 84,084 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार के अनुसार, इस योजना की किस्तें ऐसे समय में जारी की जाती हैं जब किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़ी दूसरी चीज़ें खरीदने के लिए पैसों की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है। इससे किसानों की नकदी की कमी दूर होती है और उन्हें ज़्यादा ब्याज दरों पर कर्ज लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
सरकार का कहना है कि इस योजना का फ़ायदा उठाने वाले ज़्यादातर किसान छोटे और सीमांत किसान हैं। अब तक, PM किसान योजना की 23 किस्तों के ज़रिए किसानों के खातों में सीधे 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम भेजी जा चुकी है। नीति आयोग के आकलन के मुताबिक, इस योजना से कई किसानों की आय बढ़ी है और अनौपचारिक स्रोतों से लिए जाने वाले कर्ज पर उनकी निर्भरता कम हुई है। PM किसान योजना को अगले पाँच सालों के लिए बढ़ाने के फ़ैसले को किसानों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को अधिकारियों से राज्य की ‘यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी’ में नवाचार के लिए एक शोध केंद्र स्थापित करने को कहा। रेड्डी ने ‘स्किल, ह्यूमन कैप्टिल एंड नॉलेज ट्रेनिंग इनिशिएटिव’ (शक्ति) विभाग के साथ हुई बैठक में अधिकारियों को विश्वविद्यालय में विदेशी भाषाएं सिखाने के लिए एक अलग विभाग स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ‘यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी’ की शासी परिषद के अध्यक्ष हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि रेड्डी ने अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के ‘एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर’ (एटीसी) में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और ड्रोन तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। सरकार ने आईटीआई को बदलकर एटीसी बनाया है।
रेड्डी ने अधिकारियों को ‘तेलंगाना ओवरसीज मैनपावर कंपनी’ (टीओएमकॉम) को मजबूत करने के निर्देश दिए। यह युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने में मदद करती है। विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार मांग के अनुसार नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी देगी।
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