Jharkhand के Governor Santosh Gangwar बोले- छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है सरकार
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित है और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार किए जा रहे हैं। राज्यपाल के रूप में अपने दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से बात करते हुए गंगवार ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को उसी तरह से सुलझाया जाना चाहिए जैसे केंद्र सरकार ने दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को संभाला था। झारखंड में जारी छात्रों के प्रदर्शनों से जुड़े एक सवाल के जवाब में गंगवार ने कहा, ‘‘आपने देखा कि दिल्ली में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ था।
वहां मामले को सुलझा लिया गया। यहां भी इसे उसी तरह सुलझाया जाना चाहिए।’’ राज्य में झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हर राज्य को समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अनियमितताएं होती हैं।
हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।’’ उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को एक ‘‘नयी दिशा’’ देनी चाहिए। गंगवार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इससे पहले, राज्यपाल के रूप में दो वर्ष पूरे होने पर लोक भवन में कुलपतियों, शिक्षाविदों, संपादकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत करते हुए गंगवार ने दोहराया कि राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उच्च शिक्षा को मजबूत करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक रहा है।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे संसदीय करियर की तरह ही पूरी प्रतिबद्धता के साथ सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। राज्यपाल ने राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग देने के लिए राज्य सरकार का भी आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि ऐसा रचनात्मक सहयोग जन कल्याण और विकास पहलों को मजबूत करता रहेगा। इस अवसर पर एक कॉफी-टेबल बुक ‘‘संवाद से विश्वास’’ का भी विमोचन किया गया, जिसमें राज्यपाल के दो साल के कार्यकाल के दौरान की गई पहलों, उपलब्धियों और जनसंपर्क का दस्तावेजीकरण किया गया है।
Jaipur: छात्र संघ चुनाव की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़े NSUI कार्यकर्ताओं का आमरण अनशन
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े एनएसयूआई के तीन कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पर पक्का आश्वासन नहीं देती, वे सिर्फ़ पानी पीकर रहेंगे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) से जुड़े विजयपाल कुड़ी, वियोना जाट और कोशेन खान बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे गांधी नगर रेलवे स्टेशन इलाके में टोंक फाटक पुल के पास पानी की टंकी पर चढ़े थे और तब से वहीं हैं।
विजयपाल कुड़ी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके पास लगभग पांच लीटर पानी है। कुड़ी ने कहा, अब हमारे पास खाना नहीं है। हम अपने साथ कुछ खाना और एक रस्सी लाए थे ताकि जरूरत पड़ने पर नीचे से खाना ऊपर खींचा जा सके।
लेकिन अब हमने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है और सिर्फ़ पानी पिएंगे। उन्होंने बताया कि कल रात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे बातचीत की और भरोसा दिलाया कि वे उप मुख्यमंत्री के साथ बैठक की व्यवस्था करेंगे। कुड़ी ने कहा, हमने उनसे कहा कि हमें ठोस पहल चाहिए।
जब तक सरकार छात्र संघ चुनाव बहाल करने का पक्का आश्वासन नहीं देती हम नीचे नहीं आएंगे। टंकी के ऊपर के हालात के बारे में बताते हुए कुड़ी ने कहा कि व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से प्रदर्शनकारी अपना खाना और पानी बचाकर इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कहा, हम थोड़े पानी और खाने के साथ टंकी पर चढ़े थे।
निवृत्त होने की चुनौतियों को देखते हुए हमने कम खाया-पिया। गांधी नगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) नारायण बाजिया ने कल रात इन आंदोलनाकरियों से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि छात्रों को नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिशें जारी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम छात्रों के संपर्क में हैं और उन्हें नीचे आने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, एनएसयूआई के प्रवक्ता रमेश भाटी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से कोई सार्थक बातचीत शुरू नहीं किए जाने के कारण शुक्रवार को भूख हड़ताल शुरू की गई। कांग्रेस संबद्ध इस संगठन के कार्यकर्ता राज्य में छात्र संघ चुनाव दुबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
ये चुनाव कुछ साल से नहीं हुए हैं।
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