Shravani Mela 2026: श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के लिए सरकार का खास इंतजाम, सुरक्षा से सुविधा तक पूरी तैयारी
Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले के दौरान देवघर के बाबा वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) ने इस बार कई नई और बेहतर व्यवस्थाएं की हैं. देवघर के कोठिया और बासुकीनाथ में टेंट सिटी बनाई गई है, जहां करीब 5,000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है.
टेंट सिटी में मिल रही जरूरी सुविधाएं
टेंट सिटी में साफ-सफाई, शौचालय, पीने का पानी, बिजली, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और साफ बिस्तरों की सुविधा दी गई है. इससे कांवड़िए आराम कर सकेंगे और अपनी थकान दूर कर पाएंगे. इस बार पहली बार श्रद्धालुओं के सामान की सुरक्षा के लिए क्लॉक रूम भी बनाया गया है, ताकि उन्हें अपना सामान लेकर चिंता न करनी पड़े.
मनोरंजन और सुरक्षा पर भी जोर
श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए शिवलोक में झारखंड की संस्कृति और पर्यटन स्थलों की झलक दिखाई जा रही है. पूरे मेले के दौरान स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं. पहली बार चार ड्रोन शो का भी आयोजन किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगा.
सफाई और निगरानी की मजबूत व्यवस्था
निगम ने बाथरूम और आसपास की लगातार सफाई के लिए विशेष व्यवस्था की है. सभी प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे जिला कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हर साल मिले अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर माहौल मिल सके.
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सजा के बाद सामने आया ताहिर हुसैन का पहला बयान, वीडियो में देख लीजिए क्या कहा?
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े चर्चित मामले में सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. अदालत के फैसले के बाद ताहिर हुसैन ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है. उन्होंने संकेत दिए कि निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी.
ताहिर हुसैन ने कहा कि वह अदालत की कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और आगे अपने पक्ष को हाईकोर्ट के सामने रखेंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि उच्च न्यायालय में उनकी दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार किया जाएगा.
अंकित शर्मा हत्याकांड में सुनाई गई सजा
यह मामला वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की मौत से जुड़ा है. इस मामले की सुनवाई दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में हुई थी.
अदालत ने मामले में ताहिर हुसैन समेत कुछ आरोपियों को दोषी ठहराया था. बाद में सजा के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं. इस मामले ने लंबे समय तक राजनीतिक और कानूनी स्तर पर चर्चा बटोरी.
VIDEO | Delhi riots 2020: Karkardooma court sentences former councillor Tahir Hussain, four others to life imprisonment for murder of IB officer Ankit Sharma. Visuals from court.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 31, 2026
Tahir Hussain says, “We will appeal in High Court. We will get justice for sure.”
(Full video… pic.twitter.com/RMJW1aET1N
‘हाईकोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष’
सजा के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ताहिर हुसैन ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट से इंसाफ मिलने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी कहा कि वह कानूनी रास्ता अपनाते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे.
ताहिर हुसैन के बयान के बाद अब इस मामले की अगली कानूनी लड़ाई हाईकोर्ट में लड़े जाने की संभावना है. यदि अपील दायर की जाती है तो उच्च न्यायालय निचली अदालत के फैसले, सबूतों और कानूनी दलीलों की समीक्षा कर सकता है.
हालांकि, हाईकोर्ट में अपील दायर करना अपने आप में निचली अदालत के फैसले को रद्द नहीं करता. अंतिम निर्णय उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद ही लिया जाएगा.
लंबे समय से चर्चा में रहा है मामला
अंकित शर्मा हत्याकांड उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे और अदालत में बड़ी संख्या में गवाहों तथा अन्य साक्ष्यों को पेश किया गया.
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों की भूमिका को लेकर अपनी दलीलें रखीं, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों और जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना फैसला सुनाया.
हाईकोर्ट में अपील के बाद क्या होगा?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी आपराधिक मामले में सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकती है. अपील के दौरान अदालत निचली अदालत के फैसले और रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों की जांच करती है.
हाईकोर्ट के पास मामले में सजा को बरकरार रखने, उसमें बदलाव करने या कानूनी आधार पर अन्य आदेश देने का अधिकार होता है. हालांकि, किसी भी संभावित फैसले को लेकर अभी अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी.
आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर
ताहिर हुसैन के ‘हाईकोर्ट से इंसाफ मिलेगा’ वाले बयान के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी ओर से कब और किस आधार पर अपील दायर की जाती है.
फिलहाल, निचली अदालत का फैसला प्रभावी है. मामले में आगे की स्थिति हाईकोर्ट में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और वहां आने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी. ताहिर हुसैन की प्रतिक्रिया ने इस चर्चित मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.
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