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Shraddha Walkar case: सुनवाई की समय-सीमा तय करने से Delhi High Court का इनकार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने श्रद्धा वालकर हत्या मामले के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ सुनवाई पूरी करने के लिए कोई समय-सीमा तय करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की पहले से ही प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई हो रही है। न्यायमूर्ति मधु जैन ने वालकर के भाई श्रीजय विजय वालकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि निचली अदालत सुनवाई को जल्द से जल्द पूरा करने की हरसंभव कोशिश कर रही है।

अब और किसी निर्देश की जरूरत नहीं है, क्योंकि सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर हो रही है।’’ आरोपी के साथ सह-जीवन संबंध में रह रही वालकर की 18 मई 2022 को पूनावाला ने कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल 6,629 पृष्ठों के आरोपपत्र के मुताबिक, पूनावाला ने वालकर के शव के कथित तौर पर टुकड़े कर फ्रिज में रखा, और कई दिनों तक शहर की सुनसान जगहों पर ठिकाने लगाया। हालांकि, बाद में इन्हें बरामद कर लिया गया।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि मामले की कार्यवाही बहुत धीमी गति से चल रही है और यही रफ्तार रही तो आने वाले कुछ वर्षों में भी सुनवाई पूरी होने की संभावना नहीं है। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित प्रसाद ने कहा कि निचली अदालत पहले से ही शनिवार और रविवार को छोड़कर, सप्ताह के शेष दिन रोजाना आधार पर मामले की सुनवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि 200 से अधिक गवाहों में से 157 की गवाही पूरी हो चुकी है।

वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुरोध पर, अदालत ने गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया कि वे निचली अदालत द्वारा आवश्यकतानुसार कुछ विदेशी गवाहों से जिरह कराने में शीघ्रता से सहायता करें। अदालत ने याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी। याचिकाकर्ता श्रीजय विजय वालकर ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि इस मामले में आपराधिक सुनवाई बिना किसी उचित कारण के काफी समय से लंबित है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की देरी न्याय प्रदान करने में बाधा डालती है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई के संवैधानिक प्रावधान को विफल करती है।

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Chhattisgarh CM विष्णुदेव साय ने PM Narendra Modi से की मुलाकात, तीन परियोजनाओं के लिए मांगी मदद

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और 10,500 करोड़ रुपये की एक प्रस्तावित गैस-आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने तथा 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र से विशेष सहायता की मांग की। साय ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए रायपुर या बस्तर में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (एआईआईए) स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। छत्तीसगढ़ सरकार के एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।’’ राज्य सरकार के बयान के अनुसार, बैठक के दौरान साय ने बस्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए एक विस्तृत रूपरेखा पेश की और कई प्रमुख विकास पहलों के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। साय ने तीन अहम प्रस्तावों पर प्रधानमंत्री से सहायता मांगी। इनमें राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस-आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी शामि है।

उन्होंने मोदी को बताया कि परियोजना के लिए जमीन पहले ही आवंटित कर दी गई है और राज्य-स्तर पर जरूरी सभी मंजूरियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से किसानों को खाद की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करके काफी फायदा होगा और साथ ही इलाके में औद्योगिक वृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। दूसरी परियोजना 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने से संबंधित है, जिसके लिए केंद्र से खास मदद मिलेगी।

सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में बसे ये गांव अब तक पारंपरिक बिजली नेटवर्क की पहुंच से दूर रहे हैं और फिलहाल ऑफ-ग्रिड बिजली प्रणालियों पर निर्भर हैं। साय ने जोर दिया कि ग्रिड कनेक्टिविटी से भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा, साथ ही इन इलाकों में लंबे समय के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। तीसरी परियोजना के तहत, छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए रायपुर या बस्तर में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाना है।

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  Sports

ये हैं दुनिया के 5 सबसे अनुभवी कप्तान, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में संभाली सबसे ज्यादा मैचों में टीम की कमान

Most Matches as Captain in T20I: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में लंबे समय तक कप्तानी की कमान संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. टी20 इंटरेनशनल के इतिहास में क्लिंटन रुबागुम्या, गेरहार्ड इरास्मस, बाबर आजम, एरॉन फिंच और डैनिल्सन हावोए दुनिया के 5 ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा मैचों में अपनी टीमों का नेतृत्व किया है. रवांडा से लेकर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया तक, इन कप्तानों के जुझारूपन, शानदार आंकड़ों और कप्तानी के बारे में जानते हैं. Fri, 31 Jul 2026 16:36:57 +0530

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