Delhi CNG Pump Blast: दिल्ली के टिकरी कलां में सीएनजी पंप पर भीषण धमाका; गैस रिफिलिंग कर रहे कर्मचारी की मौत, 5 घायल
राजधानी दिल्ली और एनसीआर के ईंधन स्टेशनों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अत्यधिक दबाव के चलते होने वाले हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषकर सीएनजी और एलपीजी वाहनों में गैस भरते समय लीकेज या सिलेंडर की तकनीकी खामी बड़े हादसों का कारण बनती है।
अत्यधिक ज्वलनशील गैस होने के कारण रीफिलिंग के समय कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है, लेकिन थोड़ी सी भी चूक जानलेवा साबित हो जाती है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा बाहरी दिल्ली के सीमावर्ती इलाके में सामने आया है, जहां गैस भरते वक्त अचानक तेज धमाका हो गया।
दिल्ली: टिकरी कलां इलाके में CNG पंप पर जोरदार धमाका! एक की मौत, कई लोग घायल
— Journalist Ravendra kumar (@Chhotukingoffi1) August 19, 2026
एक ट्रक में सिलेंडर लोडेड था जिसमें ब्लास्ट हो गया और आग लग गई. पुलिस के मुताबिक CNG पंप पर जब रिफलिंग हो रही थी, तभी ब्लास्ट हुआ.#Delhi #TikriKalan #CNGPump #CylinderBlast pic.twitter.com/4s2CTfEj9r
ट्रक में गैस रीफिलिंग के दौरान फटा सिलेंडर, पंप कर्मचारी की मौत
हादसा बाहरी दिल्ली के टिकरी कलां स्थित सीएनजी पंप पर हुआ। पुलिस के अनुसार, एक ट्रक में सीएनजी सिलेंडर लोड था और उसमें गैस रीफिलिंग की जा रही थी। उसी दौरान अत्यधिक दबाव या तकनीकी खराबी के चलते अचानक एक सिलेंडर में तेज धमाका हो गया और देखते ही देखते मौके पर आग लग गई। इस ब्लास्ट की चपेट में आकर सीएनजी रिफिल कर रहे पंपकर्मी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
5 लोग गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती
धमाका इतना जबर्दस्त था कि आसपास मौजूद लोग दूर जा गिरे। डीसीपी के अनुसार, हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी दोपहर करीब 3 बजकर 46 मिनट पर फायर ब्रिगेड को दी गई, जिसके बाद दमकल की गाड़ियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पाया और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच, सुरक्षा मानकों की पड़ताल
घटना के बाद पुलिस ने पूरे पंप परिसर की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें यह जांच कर रही हैं कि ट्रक में लगे सिलेंडर की टेस्टिंग वैध थी या नहीं और क्या रीफिलिंग के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। सीएनजी पंप के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है।
ग्वालियर की बदहाल सड़कों पर हाई कोर्ट सख्त, वकीलों के कमीशन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने स्पॉट पर की सैंपलिंग, 25 को सुनवाई
खस्ताहाल और बदहाल सड़कों को लेकर पूरे देश में बदनाम हो चुके ऐतिहासिक शहर ग्वालियर की सड़कों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदारों पर अब जल्दी ही एक्शन होगा, सड़कों की बदहाली का मामला हाई कोर्ट में पहुँचने के बाद आज वकीलों और तकनीकी विशेषज्ञों के कमीशन ने शहर की सड़कों की सैंपलिंग की, टीम ने PWD के संसाधनों की मदद से सड़क की निर्माण सामग्री के सैंपल लिए और उसे जांच के लिए भेज दिया, मामले की सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
ग्वालियर शहर की जर्जर और खस्ताहाल सड़कों को लेकर दायर की गई एक जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने बड़ा एक्शन लिया है, सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की सच्चाई जानने के लिए आज सड़क की “सैंपल टेस्टिंग” की गई, कोर्ट के आदेश पर वकीलों के कमीशन और तकनीकी टीम ने आज ग्वालियर की सड़कों से सैंपलिंग की। खास बात ये है कि कोर्ट ने सैंपलिंग में निगम और अन्य लोगों के लगातार दखल को देखते हुए पहले से तय सड़कों की जांच सूची भी कैंसिल कर दी और रेंडमली सड़कों से सैंपल उठाये।
एक सड़क से चार-चार सैंपल लिए गए
कोर्ट के निर्देश पर वकीलों और तकनीकी विशेषज्ञों का कमीशन बस से सीधे बेटी बचाओ चौराहा और गुढ़ी गुढ़ा का नाका पर पहुंचे, यहाँ सड़क के सैंपल लिए गए और मौके पर ही सैंपल को सील भी किया गया, स्पॉट सैंपलिंग के दौरान जांच टीम ने मीडिया से दूरी बनाकर रखी, कोई बात नहीं की। टीम ने एक सड़क से चार-चार सैंपल लिए इनमें से सैंपल PWD और ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा की लैब में जांचे जाएंगे, जबकि तीसरे सैंपल को देश की किसी प्रतिष्ठित लैब से क्रॉस चेक कराया जा सकता है।
25 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान प्राइवेट लैब पर दबाव बनाने की बात सामने आने पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सैंपलिंग के जरिए सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी और इसके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब इस मामले में 25 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी जिसमें सबकी नजर लैब की टेस्ट रिपोर्ट पर रहेगी।
नगर निगम ने पेश किया अनुपालन प्रतिवेदन
यहाँ बता दें नगर निगम ने हाई कोर्ट में अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें नगर निगम ने शहर की 129 सड़कों की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी है। निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र की 140.58 किमी सड़कों का लेखा जोखा कोर्ट के पटल पर रखा है।
- 62 सड़कें पूरी तरह चालू है।
- 34 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं ।
- 24 सड़कें पूरी तरह बदहाल हैं।
- 9 पर काम प्रगतिरत या प्रस्तावित।
- रिपोर्ट में 28.06 किमी सड़कें पूरी तरह से खराब बताई गई हैं।
- अन्य विभागों की 64 मुख्य सड़कों का भी कोर्ट में ब्यौरा पेश किया गया है।
- अन्य एजेंसियों की 15 सड़कें भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त बताई गई हैं।
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