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WTC Points Table की रेस में पिछड़ा Sri Lanka, India के खिलाफ 2nd Test से पहले 3 स्टार खिलाड़ी चोटिल होकर बाहर

गाले में पहले टेस्ट में 165 रन से मिली हार के बाद श्रीलंका के सामने अब सीरीज बचाने की चुनौती है। भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेली जा रही श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में शुरू होगा। हालांकि, इस अहम मैच से पहले श्रीलंकाई टीम को कई बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी का झटका लगा है।

श्रीलंका के मुख्य कोच क्रिस गेल्स्टन के मुताबिक, कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं और कुछ समय तक टीम से बाहर रहेंगे। उनके अलावा पाथुम निसांका और दिनेश चांदीमल भी दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में श्रीलंका को अपनी बल्लेबाजी में नए चेहरों को मौका देना पड़ सकता है।

गेल्स्टन ने माना कि प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी टीम के लिए मुश्किल जरूर है, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह बनाने का अच्छा अवसर भी पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में कई ऐसे युवा क्रिकेटर हैं, जिनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अच्छा रिकॉर्ड है। अब उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का मौका होगा।

पहले टेस्ट में हार के बावजूद श्रीलंका के लिए कुछ सकारात्मक बातें भी सामने आई हैं। सोनाल दिनुषा ने दूसरी पारी में 84 रन की शानदार पारी खेली। इससे पहले उन्होंने पहली पारी में शतक लगाया था। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने में मदद की और लंबे समय तक क्रीज पर टिककर खेलने की उनकी क्षमता की तारीफ हुई है।

गेल्स्टन ने दिनुषा के टेस्ट क्रिकेट के प्रति रवैये को खास तौर पर सराहा। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ियों के लिए टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में खिलाड़ियों को ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिलता। ऐसे में अगले छह महीनों में मिलने वाले छह टेस्ट मैच खिलाड़ियों को लंबे समय तक बल्लेबाजी करने और मैच पर असर डालने की समझ विकसित करने में मदद कर सकते हैं।

दूसरी तरफ, पहले टेस्ट में भारत की जीत में देवदत्त पडिक्कल की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 211 रन बनाए, जिसमें पहली पारी में खेली गई 167 रन की शानदार पारी भी शामिल थी। उनकी बल्लेबाजी ने भारत को शुरुआती बढ़त दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

श्रीलंकाई कोच ने पडिक्कल की पारी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पडिक्कल ने बिना जरूरत आक्रामक होने के बजाय अपनी क्षमता के मुताबिक बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। उनके मुताबिक, यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए सीखने वाली पारी है।

गौरतलब है कि पहले टेस्ट में श्रीलंका ने मुकाबले में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारत ने पूरे मैच में अपनी पकड़ बनाए रखी और अंत में 165 रन से जीत दर्ज की। अब श्रीलंका की कोशिश दूसरे टेस्ट में वापसी कर श्रृंखला बराबर करने की होगी।

दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। वहीं, भारत की नजर लगातार दूसरी जीत के साथ श्रृंखला अपने नाम करने पर होगी। श्रीलंका के लिए युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस मुकाबले में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।

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ओलंपिक 2036 तैयारियों के लिए एक्शन मोड में उत्तराखंड सरकार, मुख्य सचिव ने की अधिकारियों के साथ बैठक

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ओलंपिक 2036 के लिए उत्तराखंड से होनहार खिलाड़ियों को तैयार करने के मकसद से खेल विभाग के साथ एक मीटिंग की. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले बच्चों की बहुत संभावनाएं हैं. उन्होंने राज्य की ताकत और यहां के पहाड़ी व जमीनी माहौल के हिसाब से खेलों को चुनने और खिलाड़ियों को अभी से एक सही और वैज्ञानिक तरीके से ट्रेनिंग देने की बात पर जोर दिया. इस मौके पर विशेष मुख्य सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, डॉ. रणवीर सिंह चौहान और अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल के साथ अन्य बड़े अधिकारी भी मौजूद थे.

खिलाड़ियों की ताकत के हिसाब से चुने जाएंगे खेल - मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों की ताकत के हिसाब से ही खेलों को चुना जाए. ऐसे खेलों को पहले बढ़ावा दिया जाए, जिनमें राज्य के प्लेयर्स सबसे अच्छा खेल दिखा सकते हैं. उन्होंने कहा कि खेलों को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखने की जरूरत है. इसके लिए विभाग को एक साफ टारगेट तय करके मिशन मोड में काम करना चाहिए.

टैलेंटेड खिलाड़ियों को खोजने का दिया निर्देश

आनंद बर्द्धन ने मीटिंग में होनहार खिलाड़ियों को खोजने के लिए बड़े स्तर पर 'टैलेंट हंट' (खिलाड़ी खोज) कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चुने हुए खेलों में अच्छे खिलाड़ियों की पहचान करके उनके लिए विशेष सुविधाएं और नियम बनाए जा सकते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों को चुनने के लिए एक मजबूत और वैज्ञानिक तरीका तैयार किया जाए, ताकि खिलाड़ियों का चयन पूरी ईमानदारी और सही नियमों के आधार पर हो सके. उन्होंने निर्देश दिए कि शुरुआती दौर में 100 से 150 होनहार बच्चों को चुनकर उनकी ट्रेनिंग तुरंत शुरू कर दी जाए. इन बच्चों के लिए आगे बढ़कर अच्छी ट्रेनिंग, कोचिंग, फिटनेस और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम पक्का किया जाए.

स्कूल की पढ़ाई के साथ खेलों को और बेहतर बनाने की जरूरत - मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्कूल के दिनों से ही टैलेंटेड खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें तैयार करने पर बहुत जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्कूल की पढ़ाई के साथ खेलों को और बेहतर तरीके से जोड़ने की जरूरत है. इसके लिए स्कूलों में काम कर रहे पीटीआई (खेल शिक्षकों) को जागरूक करने और उनकी ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि वे बच्चों के अंदर छुपे खेल के हुनर को पहचान सकें, उसे निखारने में अच्छी भूमिका निभा सकें और स्कूलों में खेल का एक अच्छा माहौल बन सके. मुख्य सचिव यह भी कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच को भी बेहतर और अप-टू-डेट बनाना बहुत जरूरी है.

आनंद बर्द्धन ने कहा कि अभी के टैलेंटेड खिलाड़ियों को अच्छे ट्रेनिंग सेंटरों में भेजकर ट्रेनिंग दिलाई जाए, ताकि वे आगे चलकर खुद अच्छे कोच बन सकें. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से आने वाले समय में हमारे राज्य को बहुत बढ़िया और प्रोफेशनल कोच मिल सकेंगे.

आनंद बर्द्धन ने बच्चों को चुनने और कोचों का इंतजाम करने का दिया निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को चुनने, कोचों का इंतजाम करने और ट्रेनिंग शुरू करने का पूरा शेड्यूल अभी से तय कर लिया जाए. हर कदम के लिए साफ टारगेट और आखिरी तारीख तय करते हुए इसकी लगातार देखरेख की जाए. उन्होंने कहा कि ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए अभी से होनहार खिलाड़ियों को ढूंढने, उन्हें वैज्ञानिक तरीके से तैयार करने और बड़े मुकाबलों के लिए काबिल बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाना बहुत जरूरी है. उनका मानना है कि उत्तराखंड के होनहार खिलाड़ियों को सही मंच, ट्रेनिंग और सुविधाएं देकर देश और दुनिया के स्तर पर राज्य की एक मजबूत पहचान बनाई जा सकती है.

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