सेमरा नदी में बहा युवक, 18 घंटे बाद 2 किमी दूर मिला शव, तलाश में जुटी रही टीम
सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के पास सेमरा नदी के किनारे गए 30 वर्षीय युवक का पैर अचानक फिसल गया और वह तेज बहाव में बह गया।
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने युवक को बचाने और तलाशने की कोशिश शुरू की, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण तुरंत उसका पता नहीं चल सका।
शौच के लिए नदी किनारे गया था युवक
मिली जानकारी के अनुसार, झखरावल गांव निवासी पवन कोल मंगलवार दोपहर गांव के पास सेमरा नदी के किनारे गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया। नदी में इस समय पानी का बहाव तेज था। पैर फिसलने के बाद पवन खुद को संभाल नहीं सका और पानी के साथ बह गया।
आसपास मौजूद लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने नदी के आसपास युवक को खोजने की कोशिश की और पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू टीमों ने नदी में तलाश शुरू की।
स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
सेमरा नदी में युवक के बहने की सूचना मिलने के बाद जियावन पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद ली। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू अभियान में शामिल हुई। नदी में तेज बहाव के कारण तलाश करना आसान नहीं था। टीमों ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में युवक को खोजने की कोशिश की।
देर रात तक तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा बढ़ने और नदी की स्थिति के कारण युवक का पता नहीं चल पाया। परिजन और ग्रामीण भी नदी के आसपास मौजूद रहे और युवक के मिलने का इंतजार करते रहे। रातभर चले अभियान के बाद बुधवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई।
18 घंटे बाद 2 किलोमीटर दूर मिला शव
बुधवार सुबह रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों को उस समय सफलता मिली, जब युवक का शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर नदी के किनारे मिला।लगभग 18 घंटे तक तलाश किए जाने के बाद शव बरामद होने की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी ने दी घटना की जानकारी
जियावन थाना प्रभारी शेष नारायण द्विवेदी ने बताया कि युवक के नदी में बहने की सूचना मिलने के बाद से ही उसकी तलाश की जा रही थी। स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीम को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया गया था। उन्होंने बताया कि युवक का शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। शव बरामद होने के बाद रेस्क्यू अभियान समाप्त कर दिया गया।
नदी के तेज बहाव के कारण बढ़ी परेशानी
इस हादसे में नदी का तेज बहाव रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती रहा। पानी में बह जाने के बाद युवक किस दिशा में गया, इसका तुरंत पता लगाना मुश्किल था। इसी वजह से घटनास्थल के आसपास तलाश करने के साथ नदी के आगे के हिस्से में भी खोजबीन की गई। करीब दो किलोमीटर दूर शव मिलने से यह साफ हुआ कि तेज बहाव के कारण युवक काफी दूर तक बह गया था।
परिवार में पसरा मातम
पवन कोल की मौत की खबर मिलने के बाद झखरावल गांव में भी दुख का माहौल है। जिस युवक की मंगलवार दोपहर से तलाश की जा रही थी, बुधवार सुबह उसका शव मिलने के बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई।
स्थानीय ग्रामीण भी शव मिलने के दौरान मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह नदी किनारे पैर फिसलना बताई गई है।
रतलाम: ई-स्कूटी में हुआ ब्लास्ट, घर में लगी आग, झुलसी मां-बेटी का चल रहा इलाज
रतलाम की विंध्यवासिनी कॉलोनी में बुधवार तड़के 4 बजे एक बड़ा हादसा देखने को मिला। दरअसल, यहां घर में रखी हुई ई स्कूटी में विस्फोट हो गया। इसकी वजह से आग लग गई जो देखते ही देखते पूरे मकान में फैल गई।
इस हादसे में घर में सो रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनकी 16 साल की बेटी 60% तक झुलस गए हैं। आग इतनी भयानक थी कि घर का पूरा सामान जल गया है। घर के कूलर पंखे पिघल गए हैं।
ई स्कूटी में हुआ विस्फोट
जानकारी के मुताबिक परिवार ने 10 दिन पहले ही माणक चौक के एक शोरूम से 85000 रुपए में नई इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीदी थी। यह चार्जिंग पर भी नहीं लगी हुई थी लेकिन तड़के 4 बजे इसमें अचानक धमाका हुआ। धमाके की वजह से आग पूरे कमरे में फैल गई। इस घटना में स्कूटी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है, केवल लोहे का ढांचा बचा है।
पड़ोसियों ने की मदद
जब घर में आग लगी तब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिंदुकुंवर उनकी छोटी बेटी अंतिम और बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी सो रहे थे। अचानक धुएं और घबराहट की वजह से उनकी आंख खुली तो चारों तरफ आग लगी हुई थी। शोर मचाने पर पड़ोसियों ने काफी मशक्कत के बाद मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला।
इस मामले में परिवार की बड़ी बेटी ने बताया कि सुबह जब नींद खुले तो स्कूटी में आग लगी हुई थी। यह देखकर सबसे पहले गैस की टंकी का बटन बंद किया लेकिन आगे भी गैस की टंकी रखी थी। उसके बाद ऊपर का गेट खोलने के लिए दौड़ी। इस दौरान छोटी बहन डर कर पीछे वाले कमरे में चले गई। नीचे आई तो मां छोटी बहन को लेने के लिए अंदर गई तभी आग तेज हो गई। इसके बाद दोनों मुझे जलते हुए बाहर आते दिखाई दिए। जैसे-जैसे दोनों का हाथ पकड़ कर उन्हें छत पर लेकर पहुंची। वहां से पड़ोसी की छत के जरिए नीचे उतर कर बाहर निकले।
समय से नहीं पहुंची एंबुलेंस
जैसे ही पड़ोसियों को घर में आग लगने की जानकारी लगी उन्होंने रसोई गैस का सिलेंडर बाहर निकाला। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची नगर निगम के दमकलकर्मियों की टीम ने आग पर काबू पाया। इस मामले में पड़ोसियों का कहना है कि बार-बार कॉल करने के बाद भी डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। इसके बाद घायलों को निजी गाड़ी से रतलाम जिला अस्पताल ले जाएंगे। यहां प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। दोनों 60 फीसदी तक झुलस गई हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि जब स्कूटी चार्जिंग पर नहीं थी तो उसमें ब्लास्ट कैसे हो गया।
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