डीआरसी में लगातार बढ़ रहा इबोला प्रकोप, पीड़ितों की संख्या 5,000 के पार
किंशासा, 19 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप अभी भी अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) बना हुआ है, क्योंकि इस महामारी पीड़ितों की संख्या 5,000 से ज्यादा हो गई है, नए इलाकों में पैर पसार रहा है और अधिकारियों को प्रायोगिक वैक्सीन और इलाज अपनाने के लिए मजबूर कर रही है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने एक आपातकालीन समिति की बैठक में कहा कि यह प्रकोप अब तक का दूसरा सबसे बड़ा इबोला प्रकोप है और यह पहले के सभी प्रकोपों की तुलना में तेजी से फैल रहा है।
डब्ल्यूएचओ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रविवार तक छह प्रांतों के 55 हेल्थ जोन में 5,021 लोगों के इबोला होने की पुष्टि हुई और 2,378 की मौत हो गई। यहां मृत्यु दर 47.4 प्रतिशत रहा।
बंडिबुग्यो इबोला वायरस के कारण फैली यह महामारी पूर्वी डीआरसी में 2018-2020 के इबोला प्रकोप से भी आगे निकल गई है, जो पहले देश का सबसे घातक प्रकोप था। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने सोमवार को कहा कि मौजूदा प्रकोप में हर 30 मिनट में लगभग एक व्यक्ति की मौत हो रही है और अगर इसके फैलने की रफ्तार को तुरंत नहीं रोका गया, तो इसके दुनिया भर में अब तक का सबसे घातक इबोला प्रकोप बनने का खतरा है।
टेड्रोस ने कहा, हमें साफ तौर पर कहना होगा: महामारी हमारे नियंत्रण से अभी बहुत दूर है। इसे बहुत बढ़त मिल गई थी, और हम अभी भी इसके पीछे भाग रहे हैं।
सिंहुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ की एक स्टेट्स रिपोर्ट में बताया गया है कि रिपोर्टिंग के पहले 95 दिनों के दौरान, सात-दिन का मूविंग एवरेज बढ़कर प्रति दिन 90 से ज्यादा हो गया है, जो 2014-2016 की पश्चिम अफ्रीका महामारी और DRC के 2018-2020 के प्रकोप के इसी चरण की तुलना में काफी ज्यादा है।
पूर्वी प्रांत इतुरी इसका केंद्र बना हुआ है, जहां कुल मामलों का 84.8 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन पड़ोसी प्रांतों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी कि उच्च मृत्यु दर, इलाज केंद्रों के बाहर मौत, निगरानी का बढ़ता काम और असमान प्रतिक्रिया क्षमता यह संकेत देती है कि मौजूदा उपाय संक्रमण को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने कहा कि बहुत तेज और बहुत जोरदार प्रतिक्रिया के बावजूद यह प्रकोप असामान्य रूप से तेजी से फैला है। उन्होंने कहा कि बुंडीबुग्यो वायरस के शुरुआती लक्षण बहुत खास नहीं होते, इसलिए संक्रमित लोग इलाज कराने से पहले लंबे समय तक अपने समुदाय में ही रहते हैं।
बुंडीबुग्यो वायरस के लिए कोई खास वैक्सीन या इलाज न होने की वजह से, अधिकारी अब एक्सपेरिमेंटल और पहले से मौजूद मेडिकल तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
टेड्रोस ने बताया कि बुंडीबुग्यो वायरस के खिलाफ खास तौर पर बनाई गई दो वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू हो चुका है। डब्ल्यूएचओ के सहयोग से चल रहे पार्टनर्स ट्रीटमेंट ट्रायल में एंटीवायरल रेमडेसिविर, एक्सपेरिमेंटल मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एमबीपी134 और इनके कॉम्बिनेशन की भी जांच की जा रही है। काम्बा ने कहा कि शुरुआती नतीजे लगभग तीन से चार हफ्तों में मिल सकते हैं।
रिसर्चर ओरल एंटीवायरल ओबेल्डेसिविर का भी पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (संक्रमण के संपर्क में आने के बाद बचाव) के तौर पर अध्ययन कर रहे हैं।
इस बीच, अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या जैरे इबोला वायरस के खिलाफ लाइसेंस-प्राप्त वैक्सीन एर्वेबो, बुंडीबुग्यो वायरस से सुरक्षा दे सकती है या नहीं। काम्बा ने कहा कि वैक्सीन लगवाने वाले हेल्थ वर्करों पर की गई स्टडी और लैब में हुई जांच से संभावित क्रॉस-प्रोटेक्शन (एक वायरस की वैक्सीन से दूसरे वायरस से सुरक्षा) का संकेत मिला है, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि डीआरसी के अंदर इसके और फैलने का जोखिम अभी भी बहुत ज्यादा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, युगांडा, दक्षिण सूडान और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में बाहर से संक्रमण आने (इंपोर्टेड केस) का जोखिम बहुत अधिक माना जा रहा है, क्योंकि ये उन इलाकों के करीब हैं जहां इबोला का प्रकोप ज्यादा है और यहां सीमा पार से लोगों की आवाजाही अक्सर होती रहती है।
--आईएएनएस
केआर/
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'हम पर बहुत ज्यादा प्रेशर था...' श्रीलंका पर जीत के बाद कप्तान शुभमग गिल का बड़ा बयान, जानिए किसे बताया मैच का हीरो
Shubman Gill statement : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिली जीत के बाद बड़ा बयान दिया है. दरअसल, भारत और श्रीलंका के बीच गाले में पहला टेस्ट मैच खेला गया. आज मैच के पांचवें दिन श्रीलंका को चौथी पारी में ऑलआउट कर भारत ने 165 रनों से मुकाबला जीत लिया. इस शानदार जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद बड़ी बात कही है. उन्होंने इस जीत पर क्या बोला है. आइए जानते हैं.
जीत पर शुभमन गिल ने दिया बड़ा बयान
शुभमन गिल ने कहा कि, 'स्पेशल, बहुत अच्छी जीत. हम पर थोड़ा प्रेशर था लेकिन टीम ने अच्छा रिस्पॉन्स दिया. हम 400 के आस-पास रन बनाना चाहते थे, विकेट पर रन बनाना आसान नहीं था. हमें पक्का नहीं था कि हम कितने ओवर बॉलिंग कर पाएंगे. कुल मिलाकर, हम आरामदायक स्थिति में थे'.
Shubman Gill said : “Qualifying for the World Test Championship is the ultimate Goal for next one year in the Test cricket” [PostMatch] pic.twitter.com/NcFxX2UroZ
— Vipin Tiwari (@Vipintiwari952) August 19, 2026
शुभमन गिल ने किसे बताया मैच का हीरो
गिल ने सुथार के बारे में कहा कि, वह शानदार बॉलिंग कर रहा है. और देवदत्त पडिक्कल के बारे में कहा कि, उसे देखना शानदार था. शतक बनाने के बाद वह खेलता रहा. उसकी पारी देखने लायक थी. यही आखिरी लक्ष्य है. (WTC) टेस्ट जीत आसानी से नहीं मिलती और यह बहुत अच्छा था.
????Shubman Gill confident in turning it around with the bat in the next Test????
— Akshat (@Cricketmythos) August 19, 2026
Shubman Gill said :????️
"I am feeling very confident with my batting. It just didn't clicked here at Galle but I seem to be in the zone & hopefully a big innings is definitely around the corner. I want… pic.twitter.com/EY49uilIrH
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