चुनौतियों से उबरकर और मजबूत हुआ अदाणी ग्रुप, बर्नस्टीन ने अदाणी पोर्ट्स और अदाणी पावर पर जताया भरोसा
अहमदाबाद, 18 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अदाणी समूह को लेकर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखते हुए अदाणी पोर्ट्स और अदाणी पावर को अपनी शीर्ष निवेश पसंद बताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल के वर्षों में नियामकीय और बाजार से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के बाद भी अदाणी समूह पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है।
वैश्विक वित्तीय फर्म बर्नस्टीन ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा कि उसने अदाणी समूह से जुड़े दो बड़े घटनाक्रमों, शॉर्ट-सेलर विवाद और अमेरिकी प्रतिभूति एवं न्याय विभाग (एसईसी-डीओजे) से जुड़े मुद्दों के दौरान समूह के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी है। इसके बावजूद समूह की परियोजनाओं को लागू करने की क्षमता मजबूत बनी हुई है और कारोबार विस्तार की गति प्रभावित नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी ग्रुप की वित्तीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है। शेयरों को गिरवी रखने की प्रवृत्ति लगभग समाप्त हो गई है और कर्ज का स्तर भी पहले की तुलना में कम हुआ है। इससे समूह की बैलेंस शीट और वित्तीय मजबूती को बल मिला है।
बर्नस्टीन ने अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर अपनी बेहतर प्रदर्शन (आउटपरफॉर्म) रेटिंग बरकरार रखी है और लक्ष्य मूल्य (टारगेट प्राइस) को बढ़ाकर 1,973 रुपए प्रति शेयर कर दिया है, जो पहले 1,880 रुपए था।
ब्रोकरेज का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार में मजबूत वृद्धि को देखते हुए उसने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कार्गो वॉल्यूम वृद्धि का अनुमान बढ़ाया है। जुलाई के आंकड़ों में कंपनी के कारोबार में 12 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पहले 10 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान था। इसके साथ ही फर्म ने अपने लक्षित ईवी/ईबीआईटीडीए मल्टीपल को भी 16 गुना से बढ़ाकर 16.5 गुना कर दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी पोर्ट्स के पास मजबूत मूल्य निर्धारण क्षमता, लॉजिस्टिक्स कारोबार में विस्तार और प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन जैसी कई सकारात्मक विशेषताएं हैं। साथ ही, कंपनी की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण कर उन्हें सफलतापूर्वक विकसित करने की क्षमता भी उसकी बड़ी ताकत है।
बर्नस्टीन ने अदाणी पावर पर भी अपनी बेहतर प्रदर्शन (आउटपरफॉर्म) रेटिंग बनाए रखी है और इसके लिए 203.56 रुपए प्रति शेयर के मुकाबले 220 रुपए प्रति शेयर का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है।
ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार, अदाणी पावर का परिचालन लाभ आगामी वर्षों में मजबूत रह सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2027 में ईबीआईटीडीए 2,41,272 मिलियन रुपए और 2028 में 3,02,594 मिलियन रुपए रहने की संभावना है।
हालांकि, अदाणी ग्रीन एनर्जी को लेकर बर्नस्टीन ने सतर्क रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने इस कंपनी पर अंडरपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को 1,000 रुपए से घटाकर 980 रुपए प्रति शेयर कर दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी ग्रीन के मौजूदा मूल्यांकन काफी ऊंचे हैं, जिसके कारण निकट अवधि में इसमें सीमित बढ़त की संभावना दिखाई देती है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि उसने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के साथ हुए नवीनतम अनुबंधिक टैरिफ और 2030 तक क्षमता वृद्धि संबंधी संशोधित अनुमानों को शामिल कर लिया है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि मान्यताओं में संशोधन के बाद वित्त वर्ष 2027 के लिए अदाणी ग्रीन के ईबीआईटीडीए अनुमानों में 10 प्रतिशत की गिरावट आएगी। साथ ही ऋण-इक्विटी मिश्रण में बदलाव का हवाला देते हुए कंपनी ने अपने भारित औसत पूंजी लागत अनुमान को 8.8 प्रतिशत से घटाकर 8.6 प्रतिशत कर दिया है।
बर्नस्टीन का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद अदाणी समूह ने अपनी परिचालन क्षमता और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखा है। मजबूत नकदी प्रवाह, घटते कर्ज और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में व्यापक उपस्थिति के कारण समूह की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।
--आईएएनएस
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TATA Sons में 100 साल में पहली हुआ बड़ा बदलाव, स्थगित की गई AGM
देश की जानीमानी कारोबारी कंपनी टाटा एंड संस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल लंबे वक्त से टाटा एंड संस की एजीएम को लेकर बातें सामने आ रही थीं. लेकिन अब इस एजीएम को स्थगित कर दिया है. खास बात यह है कि ऐसा 100 साल में पहली बार हुआ जब टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग को स्थगित किया गया है.
क्यों स्थगित हुई AGM?
टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सालाना आम बैठक यानी AGM मंगलवार को एक असामान्य स्थिति के कारण स्थगित करनी पड़ी. बैठक के लिए जरूरी संख्या में सदस्य मौजूद नहीं होने की वजह से कोरम पूरा नहीं हो सका. टाटा संस के 100 साल से अधिक पुराने कॉर्पोरेट इतिहास में इस तरह AGM का टलना बेहद दुर्लभ घटनाक्रम माना जा रहा है.
यह बैठक दोपहर 2:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित होनी थी. हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया.
आखिर क्यों पूरा नहीं हुआ कोरम?
सूत्रों के मुताबिक, AGM में कोरम पूरा न होने के पीछे सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से नामित किए जाने वाले प्रतिनिधि से जुड़ा मामला अहम है.
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के स्तर पर लागू नियामकीय प्रतिबंधों के कारण SRTT फिलहाल संयुक्त प्रतिनिधि नामित करने की स्थिति में नहीं है. इसी वजह से बैठक के लिए जरूरी सदस्य संख्या पूरी नहीं हो सकी.
पांच सदस्यों की मौजूदगी जरूरी
टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के अनुसार AGM के वैध संचालन के लिए कम से कम पांच सदस्यों का मौजूद होना जरूरी है. इसमें संबंधित संयुक्त नामित प्रतिनिधि की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण है.
जब यह प्रतिनिधित्व पूरा नहीं हो पाया तो बैठक का आवश्यक कोरम भी प्रभावित हुआ. नतीजतन, कंपनी को AGM स्थगित करनी पड़ी.
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