Election Commission ने जारी किए 100 करोड़ Voter ID कार्ड, अमेरिकी राष्ट्रपति ने की प्रशंसा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत की चुनाव प्रणाली की तारीफ किए जाने के बाद निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि भारत में करीब 100 करोड़ मतदाताओं को ‘विशेष’ निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारत में मतदान फोटो पहचान पत्र के आधार पर कराया जाता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने करीब एक अरब मतदाताओं सहित सभी मतदाताओं को विशेष ईपीआईसी जारी किए हैं।
मतदाता एक विशिष्ट वेबसाइट के जरिए अपना ई-ईपीआईसी भी डाउनलोड कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारत में करीब 12 लाख मतदान केंद्रों के लिए मतदाता सूचियां तैयार की जाती हैं। इन सूचियों को राज्य सरकार के कर्मचारी बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा तैयार किया जाता है और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) इनका समानांतर रूप से ऑडिट करते हैं।
उनके अनुसार, मतदान केंद्रों पर उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त मतदान एजेंट भी मतदान प्रक्रिया की निगरानी करते हैं। इसी तरह, मतगणना के दौरान उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त मतगणना एजेंट भी पूरी प्रक्रिया का समानांतर रूप से ऑडिट करते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया था कि अमेरिका में बिना वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं।
इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनावी धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए अमेरिका में प्रत्येक मतदाता के लिए अनिवार्य फोटो पहचान पत्र की वकालत की। ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में हाल के आम चुनाव में एक प्रतिशत से भी कम मतदाताओं ने डाक मतपत्र के जरिए मतदान किया और प्रत्येक मतदाता के पास वैध फोटो पहचान दस्तावेज था।
घरेलू PNG Connection बढ़ाने को सरकार ने शुरू की APM Gas प्रोत्साहन योजना
सरकार ने घरों में पाइप के जरिये प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन योजना लाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य देशभर में स्वच्छ और अपेक्षाकृत सस्ता खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के साथ घरेलू पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाना है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘एपीएम/एनएपीएम प्रोत्साहन योजना’ के तहत पात्र शहरी गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों को संबंधित भौगोलिक क्षेत्र के लिए तय सीमा से अधिक प्रत्येक नए बिल वाले घरेलू पीएनजी कनेक्शन पर 200 मानक घन मीटर (एससीएम) घरेलू स्तर पर उत्पादित कम कीमत वाली एपीएम गैस का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।
यह प्रोत्साहन योजना छह-छह महीने की दो किस्तों में लागू होगी। अतिरिक्त एपीएम गैस आवंटन से शहरी गैस वितरण कंपनियां अपने परिवहन क्षेत्र के सीएनजी परिचालन में इस्तेमाल होने वाली अपेक्षाकृत महंगी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की जगह सस्ती गैस का इस्तेमाल कर सकेंगी। इससे गैस खरीद की उनकी कुल लागत कम होगी।
सरकार को होने वाली बचत से घरेलू पीएनजी विस्तार की आर्थिक व्यवहार्यता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए पूंजीगत व्यय की भरपाई की अवधि करीब 10 साल से घटकर लगभग तीन साल रह सकती है। इससे सीजीडी कंपनियों को गैस नेटवर्क और घरेलू कनेक्शन तेजी से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके अलावा, नए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनाने के मकसद से एक एकीकृत पीएनजी पंजीकरण पोर्टल विकसित किया जा रहा है। यह एकल खिड़की डिजिटल मंच के रूप में काम करेगा और उपभोक्ताओं को अपने आवेदन की स्थिति पर नजर रखने की सुविधा देगा। सरकार ने कहा कि ये कदम घरों तक पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस की पहुंच बढ़ाने और स्वच्छ, सुरक्षित तथा अधिक किफायती ईंधन की ओर तेजी से बदलाव को प्रोत्साहित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।
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