भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट के बीच श्रीलंका को तगड़ा झटका, दिनेश चंडीमल मैच से हुए बाहर, कन्कशन रिप्लेसमेंट का ऐलान
IND vs SL: भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट मैच के चौथे दिन श्रीलंका को बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार बल्लेबाज दिनेश चंडीमल फील्डिंग के दौरान चोटिल होकर मैच से बाहर हो गए हैं. श्रीलंका क्रिकेट ने दिनेश चंडीमल की जगह पासिंदु सूरियबंडारा को 'कन्कशन रिप्लेसमेंट' के रूप में टीम में शामिल किया है.
India Tour of Sri Lanka 2026: Team Update
— Sri Lanka Cricket ???????? (@OfficialSLC) August 18, 2026
Pasindu Sooriybandara comes in as the 'concussion replacement' for Dinesh Chandimal
Dinesh Chandimal sustained an injury while fielding during the first session of the day fourth day, hitting his shoulder and head hard on the ground.… pic.twitter.com/Hx8DuhksF7
NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जांच के लिए बनेगी हाई पावर कमेटी
NEET और दूसरे परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने पूरे मामले की जांच के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाने का फैसला किया है. यह कमेटी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने के मामलों की जांच करेगी. महिला प्रदर्शनकारियों से कथित बदसलूकी, यौन उत्पीड़न और ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायतें भी कमेटी के सामने रखी जा सकेंगी.
पीड़ित को मिले अपनी बात रखने का मौका- एससी
कोर्ट ने कहा कि हर पीड़ित को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा. कमेटी में पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज, पूर्व हाई कोर्ट चीफ जस्टिस और रिटायर्ड डीजी स्तर के अधिकारी को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है. पूर्व CBI डायरेक्टर और पूर्व DGP को भी कमेटी में शामिल करने का सुझाव आया है. कमेटी जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद ले सकेगी और जरूरी मामलों में अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकेगी.
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR का मुद्दा भी उठा
सुनवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR का मुद्दा भी उठा. CJI सूर्यकांत ने कहा कि सिर्फ छात्रों और प्रदर्शनकारियों से जुड़ी FIR की अलग सूची दी जाए. कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऐसी FIR को अनुच्छेद 142 के तहत खत्म करने पर विचार किया जा सकता है. हालांकि हत्या, रेप, POCSO और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों वाले मामलों को अलग रखा जाएगा. कोर्ट ने आरोपियों की पहचान और FIR की पूरी जानकारी भी मांगी है.
दिल्ली पुलिस ने भी दाखिल किया हलफनामा
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने का मुद्दा भी सामने आया. दिल्ली पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस पर पत्थरबाजी और हिंसा से जुड़े वीडियो का भी जिक्र हुआ. दूसरी तरफ घायल प्रदर्शनकारियों के लिए अंतरिम मुआवजे की मांग भी कोर्ट में रखी गई.
महिलाओं से कथित बदसलूकी के आरोपों पर भी कोर्ट ने गंभीरता दिखाई. कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. पुलिस कार्रवाई के दौरान महिलाओं के साथ बदसलूकी के वीडियो और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया. कोर्ट ने कहा कि कमेटी की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचा जाएगा.
सुनवाई के दौरान उठा फेस रिकग्निशन का मुद्दा
सुनवाई के दौरान फेस रिकग्निशन यानी चेहरा पहचानने वाली तकनीक के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठा. सवाल किया गया कि प्रदर्शन के दौरान लोगों के चेहरों का डेटा कैसे जुटाया जा रहा है और उसका इस्तेमाल किस तरह हो रहा है. निजता के अधिकार और सरकार के पास इस डेटा के इस्तेमाल का कानूनी अधिकार है या नहीं, इस पर भी सवाल उठे. सरकार की तरफ से कहा गया कि फेस रिकग्निशन के जरिए हर व्यक्ति की पहचान नहीं की जाती, बल्कि गंभीर अपराधियों के रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है.
तथ्यों की जांच करेगी हाई पावर कमेटी
CJI सूर्यकांत ने साफ किया कि हाई पावर कमेटी मुख्य रूप से तथ्यों की जांच करेगी. फेस रिकग्निशन, निगरानी, निजता और अनुच्छेद 21 से जुड़े संवैधानिक और कानूनी सवालों पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट खुद करेगा. कमेटी इन मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट दे सकती है, लेकिन अंतिम फैसला कोर्ट का ही होगा.
कोर्ट ने नोडल अधिकारी नियुक्त करने पर भी सहमति जताई है, जो अलग-अलग पक्षों से जानकारी लेकर कमेटी तक पहुंचाएंगे. कमेटी सभी पक्षों को सुनेगी और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेगी. जंतर-मंतर से प्रदर्शन स्थल हटाने का मुद्दा भी कोर्ट में उठा, जिस पर कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन स्थल बदलना प्रशासनिक मामला है.
अब सभी पक्ष आज कमेटी के काम और जांच के मुद्दों पर अपने सुझाव देंगे. सुप्रीम कोर्ट कल कमेटी को लेकर आदेश जारी करेगा. इसके बाद कमेटी अपना काम शुरू करेगी और जरूरत के मुताबिक समय-समय पर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देगी. रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट आगे जरूरी आदेश जारी करेगा.
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