MP College: कॉलेज आवंटित छात्रों के लिए एडमिशन का अंतिम अवसर, आज शाम 5 बजे तक शुल्क जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कर सकेंगे
मध्यप्रदेश के महाविद्याल में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए काम की खबर है। उच्च शिक्षा विभाग अतिरिक्त सीएलसी चरण में महाविद्यालय आवंटित होने के बाद भी प्रवेश शुल्क जमा ना कर पाने वाले छात्रों को अंतिम अवसर दिया है। ऐसे छात्र आज शाम 5 बजे तक निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा कर आवंटित महाविद्यालय में अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकेंगे।
दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ई-प्रवेश प्रक्रिया अंतर्गत अतिरिक्त सीएलसी चरण में अंतिम तिथि 14 अगस्त तक महाविद्यालय आवंटित होने के बाद भी कई छात्र प्रवेश शुल्क जमा नहीं कर सके, इसलिए विभाग द्वारा प्रवेश सुनिश्चित करने का अंतिम अवसर दिया गया है। छात्र आज, 18 अगस्त को शाम 5 बजे तक निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा कर आवंटित महाविद्यालय में अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकेंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 18 अगस्त को शाम 5 बजे के बाद प्रवेश शुल्क जमा करने का अवसर उपलब्ध नहीं होगा, इसलिए महाविद्यालय आवंटित ऐसे सभी छात्र , जिन्होंने अभी तक प्रवेश शुल्क जमा नहीं किया है, निर्धारित अंतिम तिथि एवं समय का ध्यान रखते हुए समय से पूर्व शुल्क जमा कर अपना प्रवेश सुनिश्चित करें। संबंधित छात्र अपने आवंटित महाविद्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा करते हुए प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
छात्रों को उपलब्ध कराए गए इस अवसर से महाविद्यालय आवंटित होने के उपरांत प्रवेश शुल्क जमा करने से रह गए छात्रों को अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने में सुविधा मिलेगी और वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अपनी उच्च शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगे।
उज्जैन में मनाई गई अनोखी नागपंचमी, नागिन डांस कर दिया गया सरीसृप संरक्षण का संदेश
नागपंचमी मनाने के लिए हर व्यक्ति को शिव मंदिरों में जाते, नाग नागिन की पूजा करते देखा जाता है। लेकिन उज्जैन में इस त्यौहार को बहुत ही अनोखे तरीके से मनाया गया। भगत सेवा संस्थान की ओर से कोठी रोड पर रखें गए एक आयोजन में सरीसृप संरक्षण का संदेश दिया गया।
ये संस्थान का पांचवा सरीसृप रक्षा अभियान है, जिसे नाग को दूध मत पिलाओ थीम पर आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सरीसृपों का के संरक्षण का संदेश देना था। इस दौरान किसी ने नागिन डांस किया तो कोई सरीसृप संरक्षण का संदेश देता दिखाई दिया।
उज्जैन में अनोखी नागपंचमी
ये कार्यक्रम संयोजक मंगल बामनिया और सूत्रधार स्वामी मुस्कुराके के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इसमें संस्थान से जुड़े लोगों को आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। यहां उपस्थित लोगों को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के उपाय बताए गए।
नाग नागिन की धुन पर व्यायाम
इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नाग नागिन की अलग-अलग धुनों पर थिरकते हुए व्यायाम प्रदर्शन करते हुए सांपों को बचाने का संदेश दिया। इस दौरान आयोजन समिति के संयोजक मंगल बामनिया ने बताया की नाग दूर नहीं पीते हैं, दूध पिलाने से उनकी मृत्यु हो सकती है इसलिए सरीसृप बचाओ, पर्यावरण मुस्कुराओ का संदेश जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं स्वामी मुस्कुराके को वन्य जीव संरक्षण के उपाय बताने के साथ ही हास्य व्यंग्य करते हुए देखा गया।
श्रेष्ठ डांस करने वाले को खिताब
इस कार्यक्रम के दौरान नागिन की धुन पर सभी झूमते नाचते दिखाई दिए। इन धुनों पर श्रेष्ठ डांस करने वाले लोगों को खिताब भी दिए गए। ये खिताब हास्य कवि सुरेंद्र सर्किट, कवि अशोक भाटी और दिनेश विजयवर्गीय ने दिए। कार्यक्रम के आखिर में सभी उपस्थित लोगों को दूध पिलाया गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News










