Sanjay Manjrekar vs Murali Kartik: ऑन कैमरा भिड़े संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक, मर्यादा भूल किए पर्सनल कमेंट
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल टेस्ट अब अपने आखिरी पड़ाव में है. टीम इंडिया जीत की दहलीज पर खड़ी है, लेकिन इस टेस्ट मैच से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, यह वीडियो कमेंट्री पैनल में संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक के बीच बहसबाजी का है. इस वीडियो में दोनों एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए दिख रहे हैं.
Explainer: 11 साल से अमित मालवीय का BJP के आईटी सेल पर एक छत्र राज, आखिर अचानक क्यों हो गई छुट्टी?
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम का ऐलान हो चुका है. नई टीम में अधिकांश नए लोग शामिल हुए हैं. नबीन ने अपनी टीम में एक ओर जहां कई बड़े नामों को शामिल किया है तो वहीं कई बड़े नामों को निकाल भी दिया गया है. निकाले गए लोगों में जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा है, वह है- अमित मालवीय. अमित 11 वर्षों से भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख थे. ऐसे में अचानक उन्हें पद से हटाया जाना, चर्चा का विषय बना हुआ है.
आखिर अमित मालवीय की अचानक इतने अहम पद से छुट्टी कैसे हो गई? आज के एक्सप्लेनर में आइये जानते हैं, इन्हीं वजहों के बारे में …
अमित मालवीय के हटने की सबसे बड़ी वजह कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़ी हुई है. दरअसल, जुलाई में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी ने अनशन शुरू किया था, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बूम मिला. भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर जमकर नैरेटिव बना. सरकार कई जगह बैकफुट पर दिखने लगी. हालत ऐसी हो गई थी कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मोर्चा संभालना पड़ गया था. इसे भाजपा के आईटी सेल की नाकामी के रूप में देखा गया.
सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान, भाजपा और आरएसएस के कुछ नेताओं ने भाजपा के सोशल मीडिया और आईटी सेल से खुलकर नाराजगी जताई थी. संघ के विचारक रतन शारदा भी इन्हीं लोगों में शामिल है. 24 जुलाई 2026 को उन्होंने एक्स पर निजी तौर पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘लगता है बीजेपी मीडिया का जमीन से कोई जुड़ाव नहीं है, बेशक कोई फीडबैक मेकेनिज्म नहीं है और सिर्फ नीट पर ही नहीं, महीनों में तैयार हुए युवाओं के क्रोध को समझ नहीं पाया। नीट उनके लिए आखिरी स्ट्रॉ साबित हुआ.’
NOTE: THIS IS MY PERSONAL NOTE, NOTHING TO DO WITH RSS
— Ratan Sharda ???????? रतन शारदा (@RatanSharda55) July 24, 2026
In the melee of #CockroachProtests we have not noticed the spectacular failure #BJP media team including ITCell. Total inability to create a narrative to counter hateful well crafted narrative of Left Ecosystem. They didn’t…
This attitude of #BJP IT Cell is a serious problem. Instead of coming up with simplified communication about good points of #Budget2024, he ends up trolling citizens. Answer their fear, don't insult then dear @amitmalviya https://t.co/mObv8ofHWb
— Ratan Sharda ???????? रतन शारदा (@RatanSharda55) July 24, 2024
वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदा का कहना है कि जेन-जी प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की सबसे बड़ी वजह भाजपा का युवाओं से कम्युनिकेशन गैप रहा. मालवीय अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाए, जिस वजह से उनको हटाया गया.
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अमित मालवीय को लेकर बीजेपी के अंदर विवाद
अमित मालवीय को लेकर भाजपा के अंदरखाने विवाद भी सामने आए हैं. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि हर वक्त आक्रामकता नहीं चलती है. थोड़ा लॉजिक भी तो होना चाहिए. अमित मालवीय का भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के साथ भी विवाद हो गया था. उस वक्त स्वामी ने मालवीय पर आरोप लगाया था कि वह उनके खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं. इसके लिए फेक ट्वीट का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने मालवीय को हटाने के लिए भाजपा को अल्टीमेटम तक दे दिया था. ऐसा ही कुछ आरोप पश्चिम बंगाल के कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी लगाए हैं. उनका कहना है कि बंगाल के सह-प्रभारी के रूप में मालवीय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को तरजीह नहीं देते थे.
बीजेपी के चुनावी नैरेटिव बनाने में अमित मालवीय का योगदान
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख के रूप में अमित मालवीय का योगदान अहम रहा है. उन्होंने अनेकों चुनावी अभियानों को लीड किया है, जिससे भाजपा को फायदा मिला है. 2019 और 2024 लोकसभा चुनाव के साथ-साथ 11 सालों में हुए सैकड़ों विधानसभा चुनावों और अन्य चुनावों में उन्होंने पार्टी के नैरेटिव को जनता तक पहुंचाया है. पार्टी के नेताओं का दबी जुबान में कहना है कि भले ही आज मालवीय प्रासंगिक नहीं रहे लेकिन पार्टी के लिए जिस तरह से उन्होंने सफल अभियान चलाए हैं, उसे भुलाया नहीं जा सकता है.
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अब जानें अमित मालवीय के बारे में
अमित मालवीय का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था. उन्होंने दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से बीबीएम और सिम्बायोसिस से फाइनेंस में पीजीडीएम की पढ़ाई की है. राजनीति में आने से पहले वे बैंकिंग सेक्टर में थे. उन्होंने बैंक ऑफ अमेरिका और HSBC जैसे बड़े बैंकों में सीनियर पदों पर काम किया है. 2009 में फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी नाम के फोरम से जुड़े और राजनीतिक सफर की शुरुआत की. उन्होंने साल 2015 से लेकर अगस्त 2026 तक भाजपा के आईटी सेल चीफ के रूप में काम किया है.
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दीपक बने आईटी सेल के हेड
अमित की जगह दीपक म्हस्के को आईटी सेल का नया संजोयक बनााया गया है. वे छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता रहे हैं. 2023 में नितिन और दीपक ने साथ में काम किया था. नितिन तब छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के प्रभारी थे और दीपक छत्तीसगढ़ आईटी सेल के हेड थे. दीपक को भाजपा के आईटी सेल में काम करने का करीब 15 साल का अनुभव है. दीपक के साथ पहली बार 4 नए संयोजकों को भी नियुक्ति किया गया है, जिसमें महाराष्ट्र से प्रीति गांधी, दिल्ली से शिवानंद द्विवेदी, उत्तराखंड से आलोक भट्ट और हरियाणा से अरुण यादव शामिल हैं. भाजपा IT सेल को डिसेंट्रलाइज कर रही है.
News Alert! Amit Malviya congratulates Deepak Mhaskey for taking over from him as BJP's social media head, expresses confidence in new digital team pic.twitter.com/lMuQ2VY2GI
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
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