उज्जैन में मनाई गई अनोखी नागपंचमी, नागिन डांस कर दिया गया सरीसृप संरक्षण का संदेश
नागपंचमी मनाने के लिए हर व्यक्ति को शिव मंदिरों में जाते, नाग नागिन की पूजा करते देखा जाता है। लेकिन उज्जैन में इस त्यौहार को बहुत ही अनोखे तरीके से मनाया गया। भगत सेवा संस्थान की ओर से कोठी रोड पर रखें गए एक आयोजन में सरीसृप संरक्षण का संदेश दिया गया।
ये संस्थान का पांचवा सरीसृप रक्षा अभियान है, जिसे नाग को दूध मत पिलाओ थीम पर आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सरीसृपों का के संरक्षण का संदेश देना था। इस दौरान किसी ने नागिन डांस किया तो कोई सरीसृप संरक्षण का संदेश देता दिखाई दिया।
उज्जैन में अनोखी नागपंचमी
ये कार्यक्रम संयोजक मंगल बामनिया और सूत्रधार स्वामी मुस्कुराके के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इसमें संस्थान से जुड़े लोगों को आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। यहां उपस्थित लोगों को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के उपाय बताए गए।
नाग नागिन की धुन पर व्यायाम
इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नाग नागिन की अलग-अलग धुनों पर थिरकते हुए व्यायाम प्रदर्शन करते हुए सांपों को बचाने का संदेश दिया। इस दौरान आयोजन समिति के संयोजक मंगल बामनिया ने बताया की नाग दूर नहीं पीते हैं, दूध पिलाने से उनकी मृत्यु हो सकती है इसलिए सरीसृप बचाओ, पर्यावरण मुस्कुराओ का संदेश जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं स्वामी मुस्कुराके को वन्य जीव संरक्षण के उपाय बताने के साथ ही हास्य व्यंग्य करते हुए देखा गया।
श्रेष्ठ डांस करने वाले को खिताब
इस कार्यक्रम के दौरान नागिन की धुन पर सभी झूमते नाचते दिखाई दिए। इन धुनों पर श्रेष्ठ डांस करने वाले लोगों को खिताब भी दिए गए। ये खिताब हास्य कवि सुरेंद्र सर्किट, कवि अशोक भाटी और दिनेश विजयवर्गीय ने दिए। कार्यक्रम के आखिर में सभी उपस्थित लोगों को दूध पिलाया गया।
आज खोले जाएंगे बरगी बांध के 9 गेट, नर्मदा घाटों पर 3 से 4 फीट बढ़ेगा पानी, तटीय इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील
जबलपुर में बरगी बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद अब बांध के गेट खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बांध प्रबंधन के मुताबिक आज 18 अगस्त की सुबह 11 बजे 9 जल द्वार खोले जाएंगे। इन्हें औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोला जाएगा और करीब 1031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जाएगा। पानी छोड़े जाने के बाद घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
दरअसल 17 अगस्त की रात 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया। इस समय बांध की जल उपयोगी क्षमता 2674 एमसीएम यानी करीब 84.08 प्रतिशत बताई गई। बांध में लगातार 1620 क्यूमेक पानी की आवक हो रही थी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और जलभराव क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए बांध प्रबंधन ने जलस्तर को कंट्रोल करने के लिए पानी छोड़ने का फैसला लिया है।
बरगी बांध के 9 गेट सुबह 11 बजे खुलेंगे
बरगी बांध प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 18 अगस्त को सुबह 11 बजे 9 गेट खोले जाएंगे। सभी गेट औसतन 0.78 मीटर तक खोले जाने हैं। इसके जरिए करीब 1031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जाएगा। हालांकि यह तय मात्रा स्थायी नहीं है। बांध में आने वाले पानी की मात्रा के हिसाब से डिस्चार्ज को कभी भी कम या ज्यादा किया जा सकता है। बांध का जलस्तर और पानी की आवक लगातार निगरानी में रखी जा रही है। ऐसे में अगर बारिश या कैचमेंट एरिया से पानी की आवक बढ़ती है, तो पानी की निकासी भी बढ़ाई जा सकती है।
बांध की फुल रिजर्वायर लेवल ऊंचाई 422.76 मीटर
वहीं दूसरी तरफ आवक कम होने पर डिस्चार्ज घटाया जा सकता है। बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना एक अहम जल प्रोजेक्ट है जिसका इस्तेमाल सिंचाई, पानी की सप्लाई और बिजली उत्पादन जैसे कामों के लिए किया जाता है। केंद्रीय जल आयोग की जानकारी के मुताबिक बांध की फुल रिजर्वायर लेवल ऊंचाई 422.76 मीटर है और इसका लाइव स्टोरेज करीब 3180 एमसीएम है। गेट खोलने का मकसद सिर्फ पानी छोड़ना नहीं, बल्कि बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित रखना भी है। मानसून के दौरान कैचमेंट क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी बांध में पहुंचता है। ऐसे में समय रहते पानी की निकासी करना जरूरी होता है, ताकि बांध में जलस्तर को सुरक्षित सीमा में रखा जा सके।
नर्मदा घाटों पर बढ़ेगा 3 से 4 फीट पानी
बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद इसका असर नर्मदा नदी के घाटों पर दिखाई देगा। प्रबंधन ने बताया है कि नर्मदा के घाटों पर करीब 3 से 4 फीट तक पानी बढ़ सकता है। इसी वजह से आम लोगों से नदी के घाटों और तटीय इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News










