Delhi Police ने मकोका के तहत कार्रवाई कर अमित नागर समेत 3 वाहन चोरों को गिरफ्तार किया
दिल्ली पुलिस ने कारों की चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के पांच वाहन, 104 जाली नंबर प्लेट और 24 फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र जब्त किए हैं।
उन्होंने बताया कि मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधान लागू करने के बाद गिरोह के सरगना अमित नागर (35) को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान ए. जगत सिंह (45) और पी. मुकेश सिंह (28) के रूप में हुई है, दोनों मणिपुर के इंफाल के रहने वाले हैं। अधिकारी ने कहा, “मुकेश सिंह और जगत सिंह ने अमित नागर से चोरी की गाड़ियां खरीदीं, जाली पंजीकरण दस्तावेजों की व्यवस्था की और कारों को मुनाफे पर बेच दिया।” पुलिस ने कहा कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वाहन चोरी के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज का विश्लेषण किया, अपराध स्थलों की जांच की और स्थानीय स्रोतों के माध्यम से खुफिया जानकारी हासिल की।
पुलिस ने एक बयान में बताया कि 12 मई को मुकेश को छतरपुर में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि उसके किराए के परिसर की तलाशी में 104 जाली उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट और 22 जाली पंजीकरण प्रमाण पत्र जब्त किए गए। अधिकारी ने बताया कि उसकी निशानदेही पर वजीराबाद से चोरी की एक कार बरामद की गई।
उन्होंने बताया कि जगत सिंह को 14 मई को गिरफ्तार किया गया, और उसकी निशानदेही पर चोरी की एक कार बरामद हुई। नागर को 28 जुलाई को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर चोरी की कार बरामद की गई। जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने पाया कि आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी के वाहनों को मणिपुर, राजस्थान, पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल में अपने सहयोगियों को भेज दिया।
जगत सिंह की निशानदेही पर 13 अगस्त को म्यांमा सीमा के पास स्थित मणिपुर के उखरुल जिले से दो और कारें बरामद की गईं। पुलिस ने कहा कि दिल्ली से चुराए गए वाहनों को भारत-म्यांमा सीमा क्षेत्र में सक्रिय भूमिगत समूहों को बेचा जाना था।
Mumbai के Income Tax Bhavan में लगी आग पर 5 घंटे बाद पाया गया काबू, कोई हताहत नहीं
दक्षिण मुंबई के चर्चगेट स्थित सात मंजिला आयकर कार्यालय की इमारत के भूमिगत तल में सोमवार दोपहर आग लग गई, जिसके बाद सीढ़ियों और यांत्रिक सीढ़ियों का इस्तेमाल करके कई लोगों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका परिषद (बीएमसी) ने एक बयान में कहा, “लापता या घायल लोगों के बारे में पुलिस, आयकर अधिकारियों और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ पूछताछ की जा रही है।” इस इमारत में आयकर विभाग के अलग-अलग दफ्तरों के साथ-साथ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का दफ्तर भी है। इसके भूमिगत तल में आयकर कर्मचारियों के लिए एक सहकारी बैंक भी है, जो अभी अपना शताब्दी समारोह मना रहा है। अपराह्न करीब दो बजे आग लगने के बाद भूमिगत तल समेत पूरी इमारत धुएं से भर गई।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीकृत एयर-कंडीशनिंग सिस्टम की वजह से धुआं तेजी से फैल गया; इसके बाद अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने धुआं बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़े। दमकल विभाग के अनुसार, पहली, दूसरी और तीसरी मंज़िल से 15 लोगों को बचाया गया और सीढ़ियों के ज़रिये सुरक्षित रूप से भूतल पर लाया गया। इसके अलावा, पहली मंज़िल से पांच-छह लोगों को ‘विशेष सीढ़ी’ की मदद से बचाया गया, जबकि छत पर शरण लेने वाले आठ लोगों को ‘यांत्रिक सीढ़ी’ की मदद से नीचे लाया गया।
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई अग्निशमन सेवा ने अपराह्न करीब 2.45 बजे आग को ‘स्तर-2’ की आग घोषित किया, जो एक गंभीर घटना का संकेत है। मौके पर कम से कम आठ दमकल गाड़ियां और आग बुझाने वाली कई अन्य गाड़ियां तैनात की गईं। आयकर विभाग के एक कर्मचारी ने अपना नाम न बनाने की शर्त पर कहा कि जब आग लगने के बाद बाहर अफरातफरी मची, तो वे पांचवीं मंज़िल पर दोपहर का भोजन कर रहे थे।
जब इमारत तेजी से धुएं से भर गई, वह इमारत के पिछले हिस्से से बाहर निकल गए। आयकर अधिकारियों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए, सहायक पुलिस आयुक्त नीलेश बागुल ने बताया कि इस इमारत में करीब 1,800 कर्मचारी काम करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अंदर मौजूद ज़्यादातर लोग बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकल आए।
मुंबई अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने पहली मंज़िल और छत से सीढ़ियों का इस्तेमाल करके महिलाओं समेत कई अन्य लोगों को बचाया। दमकल विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, इमारत में केंद्रीकृत वातानुकूलित प्रणाली लगी है, इसलिए सभी खिड़कियां बंद थीं। इस वजह से इमारत में धुआं तेजी से फैल गया।
भूमिगत तल, जहां स्ट्रॉन्ग रूम और सामान रखा हुआ था, पूरी तरह धुएं से भर गया था। इसके बाद दमकल विभाग के कर्मचारियों ने धुआं बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़े। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, आग भूमिगत तल में लगभग 7,000 से 8,000 वर्ग फुट के इलाके में फैली थी और यह बिजली की वायरिंग और इंस्टॉलेशन, केबिन में रखे रिकॉर्ड, कबाड़, बेकार रिकॉर्ड, कागज का स्टॉक, लकड़ी के पार्टीशन और अन्य सामान तक ही सीमित थी।
लगभग पांच घंटे बाद, शाम 7:08 बजे आयकर भवन के भूमिगत तल में लगी आग बुझा दी गई। मुंबई अग्निशमन विभाग के मुख्य दमकल अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आग भूमिगत तल तक ही सीमित रही और इमारत के दूसरे हिस्सों में नहीं फैली। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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